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Mritunjayi Udham Singh

Mritunjayi Udham Singh

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  • Pages: 111p
  • Year: 2008
  • Binding:  Paperback
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Rajkamal Prakashan
  • ISBN 13: 9788126715152
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    मृत्युंजयी ऊधम सिंह मृत्युंजयी ऊधम सिंह, अपने ढंग के अनूठे रचनाकार जियालाल आर्य का उपन्यास है, जिसे शहीद ऊधम सिंह का ज़िन्दगीनामा कहा जा सकता है। ऊधम सिंह के बचपन से लेकर उनकी शहादत तक की कहानी यहाँ क़िस्सागोई शैली में बयान की गई है। शहीद ऊधम सिंह का जन्म 26 दिसम्बर, 1899 को पंजाब के संगरूर जनपद के सुनाम गाँव में हुआ था। उनकी ज़िन्दगी काफी जद्दोजहद-भरी रही। बचपन में ही अन्याय, अनीति और शोषण के प्रति उनके मन में तीव्र प्रतिकार-भाव था, जो आगे चलकर उन्हें देशभक्त क्रान्तिकारी बनाने में सहायक हुआ। सर्वधर्म-समभाव की वह ज़िन्दा मिसाल थे। उन्होंने अपना नाम ‘राम मुहम्मद सिंह आज़ाद’ रख लिया था। यही कारण रहा कि वह हर भारतीय के अपने थे - चाहे वो हिन्दू हो, मुसलमान हो या सिख। उन्हें 31 जुलाई, 1940 को फाँसी दे दी गई थी। उनकी शहादत के बाद हिन्दुओं ने अस्थि विसर्जन हरिद्वार में किया तो मुसलमानों ने फतेहगढ़ मस्जिद और सिखों ने करंत साहब में अपने-अपने रीति-अनुसार उनकी अन्त्येष्टि सम्पन्न की थी। भाषा इतनी सहज कि बस्स पढ़ते चले जाएँ उपन्यास वर्क़-दर-वर्क़। इतिहास को पठनीय कैसे बनाया जाए - यह उपन्यास इसका जीवन्त साक्ष्य है।

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    Jiyalal Arya

    जन्म: 16 अगस्त, 1941, ग्राम - पूरेउधो, अमेठी सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश।

    शिक्षा: एम.ए. भूगोल (इलाहाबाद विश्वविद्यालय), विकास डिप्लोमा (कैम्ब्रिज)।

    बिहार सरकार के अन्तर्गत कई महत्त्वपूर्ण विभागों में आयुक्त और सचिव रहे। गृह सचिव पद को भी सुशोभित किया। झारखण्ड सरकार के अन्तर्गत उत्पाद सलाहकार समिति एवं सचिवालय अनुदेश सलाहकार समिति के अध्यक्ष रहे।

    कृतियाँ: अगल-अलग रास्ते, विश्वास के अंकुर, सत्य का सफरनामा, इज्जत की जिन्दगी, जंगल के खिलाफ (कथा-संग्रह); राही, निज प्रिय घर में, समय शिला पर (काव्य-संग्रह); सफेद चादर, अमर ज्योति, जय बिरसा (उपन्यास); आजादी के दीवाने, आदिवासी लोक कथाएँ (बाल साहित्य); महाप्राण कर्पूरी ठाकुर, कर्पूरी ए पोर्टेªट, डॉ. अम्बेडकर-एक कृती क्रांतिदर्शी (जीवनी); स्वाधीनता समर के देशगीत, स्वतन्त्रता संग्राम-बुद्धिजीवियों की भूमिका (साहित्येत्तर गद्य); दलित कहाँ जाय, आरक्षण और राज्य का दायित्व, तन्तुवाय कोरी समाज (बहुजन साहित्य); मेरी यूरोप यात्रा (यात्रा-संस्मरण)।

    सम्मान: डॉ. अम्बेडकर सम्मान और कर्पूरी ठाकुर साहित्य शिखर सम्मान सहित कई पुरस्कार।

    सम्प्रति: वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी।

    सम्पर्क: ‘आर्य निवास’, 23, आई.ए.एस. कॉलोनी, किदवईपुरी, पटना-1

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