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Shastra Santan

Shastra Santan

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  • Pages: 86p
  • Year: 1997
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Radhakrishna Prakashan
  • ISBN 10: 8171192629
  •  
    'कुरुक्षेत्र में दिन में ही रही, बस! रात में वहाँ मत रही । यदि तुम रात में वहाँ रहे तो दिन में जो देखोगे ठीक उसका उल्टा पाओगे ।'' शस्त्र-संतान का यह सूत्र वाक्य - केवल महाभारत (आरण्यक पर्व) तक ही सीमित नहीं है । अस्तित्व के तब से अब तक के महावृत्तांत में यह गूँज रहा है और यह उसके अन्तर्विरोधों तथा दर्दनाक विडम्बना को एक झटके में उजागर करता है । क्या पता हम जो देख रहे हैं-अगले क्षण, उसका अर्थ उलट जाए! यह नाटक निःशब्द रात्रि में गांधारी, शववाहक. शस्त्र संचयकर्ताओं अरई-लान करती स्त्रियों के मद्धिम स्वरों से शुरू लरका एक ऐसी बीहड़ सांगीतिक रचना में परिवर्तित होता है जहाँ करुणा के साथ शब्द और महार काक की आवाजें भी है । एक ऐसी सांगीतिक रचना जो खींचती है. रुलाती है और सत्य के काँटों से भरी मरुभूमि पर ढकेल देती है । यह नाटक कुरुक्षेत्र की रातों के बहाने रक्त में ऊभ-चूभ विगत, वर्तमान, आगत की भी कथा है जिसमें जटिल सम्बन्धों और सत्य के लिए संघर्षरत आत्माओं का पुनरुद्‌घाटन होता है । बहुविदित महाआख्यान के बहाने शस्त्र-संतान हिन्दी नाटक के इतिहास में समकालीन काव्य की भाषा के नाटकीय प्रक्षेपण का अप्रतिम उदाहरण है ।

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    Rameshwar Prem

    रामेश्वर प्रेम

    जन्म: 3 अप्रैल, 1943; निर्मली।

    हिन्दी के बहुचर्चित नाटककार।

    प्रसिद्ध नाटक: अजातघर, चारपाई, राजा नगा है, कैम्प, अन्तरंग, सूमसाम नगर में (मुक्तिबोध की दो लम्बी कविताओं का नाट्यान्तरण), सुपरिमो हिमान्तिनी (राजकुमार नीलकंठ की पाँच कविताओं का नाट्यान्तरण)।

    अनुवाद और नाट्य-रूपान्तरण: लोमड़ वेश, श्री श्रीगणेश महिमा, इलेक्ट्रा, बादशाह जोन्स, इफीजीनिया-इन-औलिस, बारहवीं रात।

    नाटक के अतिरिक्त काव्य-लेखन: बरफ की अरणियाँ, हनिर्गन्धा सुनो (काव्य-पुस्तक)।

    कई नाटक राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय-व-रंगमंडल, भारत भवन रंगमंडल, संगीत नाटक अकादेमी, मध्य प्रदेश कला परिषद आदि के विभिन्न समारोहों में प्रस्तुत। फोर्ड फाउंडेशन की योजना के अंतर्गत भारत भवन रंगमंडल के आवासीय नाटककार।

    भारत सरकार, संस्कृति विभाग के सीनियर फेलो।

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    • Sarthak An Imprint of Rajkamal Prakshan
    • Chahak An Imprint of Rajkamal Prakshan
    • Funda An Imprint of Radhakrishna
    • Korak An Imprint of Radhakrishna

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    Address:1-B, Netaji Subhash Marg,
    Daryaganj, New Delhi-02

    Mail to: info@rajkamalprakashan.com

    Phone: +91 11 2327 4463/2328 8769

    Fax: +91 11 2327 8144