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Antim Sataren

Antim Sataren

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  • Pages: 148
  • Year: 2018, 1st Ed.
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Radhakrishna Prakashan
  • ISBN 13: 9788183618724
  •  
    कथाकार मोहन राकेश के साथ बिताए अपने समय को लेकर अनीता राकेश के संस्मरणों की दो पुस्तकें हिन्दी पाठकों की प्रिय पुस्तकों में पहले से शामिल हैं—'चन्द सतरें और' तथा 'सतरें और सतरें'। उसी शृंखला में यह उनकी अगली पुस्तक है जिसे उन्होंने 'अन्तिम सतरें' नाम दिया है। इस पुस्तक में उन्होंने जितना अपने बीते समय का अवलोकन किया है उतने ही चित्र अपने वर्तमान से भी प्रस्तुत किए हैं। बीते दिनों की यादों में जहाँ राकेश के साथ हुई कुछ झड़पें उन्हें याद आती हैं, वहीं राकेश की माताजी के साथ गुजरे अपने सबसे पूर्ण, सबसे आर्द्र क्षणों को भी वे याद करती हैं। बहैसियत लेखक राकेश जब अपने पति और पिता रूप के साथ लगभग नाइंसाफी पर उतर आते तब उन्हें अपने सिर पर अम्मा का ही साया मिलता, राकेश जब अपने कमरे का दरवाजा बन्द कर इंसानी रिश्तों की पेचीदगियों को सुलझाने की लेखकीय कोशिशें कर रहे होते, अनीता जी अम्मा के स्नेह के उसी साये तले रहतीं, खातीं-पीतीं, सोतीं, बीमार होतीं और फिर ठीक होतीं। इस समय वे अपने एक बेटे के साथ दिल्ली में रहती हैं। इस पुस्तक में राकेश और अम्मा के अलावा सबसे ज्यादा जगह उसी को मिली है। यह पुस्तक राकेश के व्यक्तित्व के कुछ पहलुओं से हमें परिचित कराती है लेकिन उससे ज्यादा इस समय में जबकि साहित्य और पुस्तकों का बाजार बाकी बाजारों से मुकाबला करने के लिए तरह-तरह की मुद्राओं से लगभग खिजा रहा है, लेखकों और लेखकों के आश्रितों की स्थिति पर हमें सोचने पर विवश करती है।

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    Anita Rakesh

    अनीता राकेश

    जन्म : 3 अगस्त, 1941, लाहौर में।

    शिक्षा : आरम्भिक शिक्षा मसूरी के हैम्प्टन कोर्ट स्कूल में, बाद में बी.ए., बी-एड.।

    कुछ वर्ष स्प्रिरगडेल और मॉडर्न स्कूल में पढ़ाया।

    दूरदर्शन पर दिखाए जा रहे 'पत्रकारिता' प्रोग्राम की नीव कमलेश्वर जी और अनीता जी ने डाली थी, और काफी दूर तक चलाया था। उन दिनों प्रोग्राम लाइव व चुनौतीपूर्ण हुआ करते थे।...और वह प्रोग्राम आज तक सफलतापूर्वक चल रहा है।

    प्रकाशित कृतियाँ : चंद सतरें और, सतरें और सतरें (संस्मरण); एक दूसरा अलास्का (कहानी-संग्रह); गुरुकुल-1, गुरुकुल-2 (उपन्यास)।

    हेनरी जेम्स की पुस्तक पोट्रेट ऑफ  लेडी तथा एडिता मॉरेस की पुस्तक फ्लावर ऑफ  हिरोशिमा का हिन्दी में अनुवाद।

    सम्पर्क : सी-7/57, ईस्ट ऑफ  कैलाश, डी.डी.ए. फ्लैट्स, नई दिल्ली-110065

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