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Bhasha Chintan Ke Naye Aayam

Bhasha Chintan Ke Naye Aayam

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  • Pages: 115p
  • Year: 2006
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Lokbharti Prakashan
  • ISBN 10: 818031071X
  •  
    चिन्तन-मनन, ज्ञान के प्रसारण, सम्प्रेषण आदि के लिए भाषा की आवश्यकता है । भिन्न- भिन्न प्रयोजनों के लिए भाषा के अलग- अलग प्रारूप भी निर्मित हो जाते हैं । अन्य ज्ञान- विज्ञान की तरह भाषाविज्ञान में भी भाषा को विभिन्न कोणों से देखने -परखने की प्रक्रिया दृष्टिगोचर हो रही है । ' भाषाविज्ञान' जो आरम्भ में एक विषय के रूप में प्रतिष्ठित हुआ, वह आज एक ज्ञान का संकाय बन गया है । भाषा- चिन्तन की अनेक शाखाएँ प्रशाखाएँ बनती जा रही हैं । साहित्य के अध्येताओं के लिए भाषा पर हो रहे विचारों तथा उनके निष्कर्षों से परिचित होना आवश्यक है । मुझे पूर्ण विश्वास है कि भाषा-चिन्तन के नए क्षेत्रों का सांगोपांग परिचय इसके द्वारा संभव हो सकेगा । रामकिशोर शर्मा

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    Ramkishor Sharma

    प्रो. रामकोशोर शर्मा

    जन्म : 9-10-1949 को भैरोपुर, सुल्तानपुर (उत्तर प्रदेश में)

    शिक्षा : इलाहाबाद विश्वविद्यालय से, डी.फिल की उपाधि।

    गतिविधियाँ : 1979 से इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग में कार्यरत, प्रवक्ता, उपाचाय (रीडर) आचार्य एवं अध्यक्ष पद का दायित्व सम्हालते हुए सम्प्रति सेवानिवृत, स्वतंत्र लेखन । अनेक शोध छात्रो एवं छात्राओं को डी.फिल उपाधि के लिए कुशल निर्देशन ।

    साहित्य-सेवा : निम्नलिखित पुस्तके प्रकाशित:

    अपभ्रंश मुक्तक काव्य और उसका हिन्दी पर प्रभाव, हिन्दी साहित्य का इतिहास, हिन्दी भाषा का विकास, आधुनिक भाषा विज्ञान के सिद्धान्त, भाषा विज्ञान, हिन्दी भाषा और लिपि, आधुनिक कवि, प्रेमचन्द की कहानियाँ : संवेदना और शिल्प, प्रयोजनमूलक हिन्दी, भाषा चिन्तन के नये आयाम, कबीरवाणी : कथ्य और शिल्प,

    गौरी (उपन्यास), हिन्दी साहित्य का समग्र इतिहास ।

    सम्पादन : सम्मेलन पत्रिका (यू.जी.सी. मान्य शोध पत्रिका)

    पद-प्रतिष्ठा : पूर्व प्रबन्ध मती, उपसभापति, भारतीय हिन्दी परिषद, इलाहाबाद, उपाध्यक्ष, साहित्यकार संसद, इलाहाबाद, साहित्य मंत्री-हिन्दी साहित्य सम्मेलन इलाहाबाद ।

    सम्मान : अक्षयवट, हिन्दुस्तानी अकादमी, नागरी प्रचारिणी सभा आदि संस्थाओं द्वारा सम्मानित । भारत के अनेक विश्वविद्यालयों, लोक सेवा आयोगों में शैक्षणिक एवं मूल्यांकन सम्बन्धी, कार्यों में सहयोग | लगभग 50 राष्ट्रीय, अन्तर्राट्रीय संगोष्ठियों में भागीदारी। अनेक पुरस्कार समितियों के निर्णायक मंडल के सदस्य ।

    सम्पर्क : 408-ए/15-जी, बक्शीखुर्द, प्रयागराज

    पिनकोड-211006 (उ.प्र.)

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