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Charitani Rajgondanaam

Charitani Rajgondanaam

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  • Pages: 314p
  • Year: 2008
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Rajkamal Prakashan
  • ISBN 13: 9788126715480
  •  
    इस पुस्तक में गोंड राजाओं के प्रेरणादायी जीवन प्रसंगों को रेखांकित किया गया है जिन्होंने अपने समय की तमाम धार्मिक, राजनैतिक और सामाजिक व्यवस्थाओं को आत्मसात् करके, इतिहास के हाशिये से उठकर अपना एक अनूठा साम्राज्य कायम किया। यह पुस्तक हमें राजगोंडों की अद्वितीय जिजीविषा के बारे में विस्तार से बताती है। एक तरफ यहाँ अगर गढ़ा-कटंगा के राजा संग्रामशाह की दूरदृष्टि व कूटनीतिज्ञता की झलक मिलती है तो दूसरी तरफ शक्तिशाली मुगल साम्राज्य से लोहा लेनेवाली रानी दुर्गावती की धर्मपरायणता व साहसिकता भी हमें प्रेरित करती है। राजगोंड राजाओं के जीवट से दैदीप्यमान कहानियों के साथ-साथ यह पुस्तक हमें उनकी मानवीय संवेदना, ज्ञानपिपासा, चारित्रिक दृढ़ता, धर्मनिरपेक्षता, विश्वास, रूढ़ियों और रुचियों के बारे में भी क्रमबद्ध ढंग से बताती है, कुछ इस तरह कि पाँच शताब्दी पूर्व के गोंडो का इतिहास हमारे सामने साकार हो उठता है। रोचक उतार-चढ़ावों से लबालब और सरल भाषा में संजोयी गई यह पुस्तक ज्ञानपिपासुओं और इतिहास के गर्त में कुछ ढूंढ़ने का प्रयत्न करनेवाले शोधकर्त्ताओं के लिए अत्यन्त महत्त्वपूर्ण है।

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    Shiv Kumar Tiwari

    शिवकुमार तिवारी

    जन्म: जबलपुर, 1941

    विश्वविद्यालयीन परीक्षाएँ (बी.ए., एम.ए.) विशेष योग्यता के साथ प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण, ‘नेशनल मैरिट स्कॉलरशिप’, जैवभूगोल में शोधकार्य एवं डॉक्टरेट की उपाधि। 25 वर्षों तक भूगोल विषय के सहायक प्राध्यापक पदों पर रहकर शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालयों में अध्यापन-कार्य। भूगोल, मानव विज्ञान, पर्यावरण, जनजातीय संस्कृति एवं चिकित्सा भूगोल पर 24 ग्रन्थ तथा अनेक शोध-पत्र। 1990 से 2003 तक रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में जनजाति अध्ययन विभाग में अध्यक्ष। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, भारतीय सामाजिक विज्ञान परिषद तथा मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद जैसी संस्थाओं तथा भारत सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्रालय द्वारा अनुदान प्राप्त क्षेत्रीय शोध परियोजना के निदेशक। हिन्दी भाषा में भूगोल व जनजाति विषय पर सात पुस्तकों का प्रकाशन।

    प्रकाशित कृतियाँ: अंग्रेजी में ‘इनसाइक्लोपीडिया ऑफ इंडियन ट्राइबल्स’, ‘इनसाइक्लोपीडिया ऑफ वाइल्डलाइफ सेंक्चुरिज एंड नेशनल पार्क’, ‘एनीमल किंगडम ऑफ दी वर्ल्ड’ (2 भाग), ‘एटलस ऑफ इंडियन वाइल्डलाइफ’, ‘ट्राइबल हिस्ट्री ऑफ सेंट्रल इंडिया’, ‘बैगाज़ ऑफ सेंट्रल इंडिया’, ‘रिडिल्स ऑफ राकशेल्टर पेंटिंग्स’, ‘ट्राइबल रूट्स ऑफ हिन्दुइज़्म’, ‘जूज्याग्रॉफी ऑफ इंडिया एंड साउथ ईस्ट एशिया’, ‘जूज्याग्रॉफी ऑफ इंडियन एंफीबियंस’, ‘मेडिकल ज्यॉग्रॉफी ऑफ इंडियन ट्राइबल्स’ तथा ‘ज्याग्रॉफिक बायोज्याग्रॉफी’ (2007)।

    अंग्रेजी और हिन्दी भाषा में सतत् लेखन एवं चित्रकारी में रुचि।

     

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