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Devgarh Ka Gond Rajya

Devgarh Ka Gond Rajya

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  • Pages: 104p
  • Year: 2008
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Rajkamal Prakashan
  • ISBN 13: 9788126715510
  •  
    देवगढ़ के गोंड राजाओं 16वीं सदी के अन्त से 18वीं सदी के मध्य तक लगभग पौने दो सौ साल तक अपना गौरवशाली इतिहास रचा तथा उनके वंशज आज भी वारिसों के रूप में विद्यमान हैं। उन्हीं गोंड राजाओं के जीवन के विभिन्न पहलुओं से रू-ब-रू कराती यह पुस्तक भारतीय जनजातीय इतिहास का एक महत्त्वपूर्ण दस्तावेज है। यह पुस्तक हमें सतपुड़ा के अंचल में विकसित हुए देवगढ़ के गोंड राजाओं के उत्थान और पतन का क्रमवार विवरण देती है। इस पुस्तक में जहाँ मुगलों द्वारा निरन्तर प्रताड़ित किए जाते रहे गोंड राजाओं के आन्तरिक क्लेशों और उनकी पीड़ाओं का मार्मिक चित्रण है वहीं उनकी समृद्धि में सहायक रहे रघुजी भोंसले की कूटनीतिज्ञता का परिचय के साथ-साथ कैसे उन्हें ब्रिटिश गवर्नरों द्वारा पेंशनधारी राजा बनाकर प्रभावहीन कर दिया जाता है, इस तथ्य को भी यहाँ रेखांकित किया गया है। डॉ. सुरेश मिश्र के अथक परिश्रम से तैयार की गई यह ऐसी पुस्तक है जो देवगढ़ के गोंड़ राजाओं की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर केन्द्रित है यह पुस्तक शोधकर्ताओं तथा इतिहास में रुचि रखनेवाले पाठकों के लिए उपादेय है।

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    Suresh Mishra

    जन्म: 9 नवम्बर, 1937 - महाराजपुर, मण्डला (म.प्र.)।

    शिक्षा: एम.ए. इतिहास 1960, पी-एच.डी. 1973।

    1960-98 तक म.प्र. के शासकीय महाविद्यालयों में अध्यापन।

    प्रकाशित पुस्तकें: अकबर, गढ़ा के गोंड राज्य का उत्थान और पतन, पश्चिमोत्तर सीमान्त नीति (1839-1947), रानी दुर्गावती, मध्य प्रदेश के गोंड राज्य, भारत का इतिहास (1740-1857), 1857 - मण्डला के दस्तावेज, 1857 - रामगढ़ की रानी अवन्तीबाई, 1857 - मध्य प्रदेश के रणबांकुरे (दूसरा संस्करण), 1842 के विद्रोही हीरापुर के हिरदेशाह, इतिहास के पन्नों से, काफिले यादों के, ट्राइबल्स असेंडेंसी इन सेंट्रल इंडिया - द गोंड किंगडम ऑफ गढ़।

    सम्पादित पुस्तकें: मालवा और निमाड़ का इतिहास और संस्कृति, मालवा और बुन्देलखंड, साहित्य में इतिहास, मध्ययुगीन मध्य प्रदेश, संधान 1, 2, 3, 4, और 5।

    अनुवादित पुस्तकें: भारतीय संस्कृति पर इस्लाम का प्रभाव, खलजी वंश का इतिहास, लोक प्रशासन, भारतीय कृष्णमृग, मिथ्स ऑफ मिडिल इंडिया।

    हिन्दी संक्षिप्तीकरण: आधी दुनिया भूखी क्यों (दूसरा संस्करण); बहुराष्ट्रीय कम्पनियों पर सरकारें मेहरबान, दुनिया की भुखमरी: 12 गलतफहमियाँ।

    सम्पर्क: 13 वर्द्धमान परिसर, चूनाभट्टी, कोलार रोड, भोपाल।

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