• (011) 23274463
  • Help
INR
 
Shopping Cart (0 item)
My Cart

You have no items in your shopping cart.

You're currently on:

Khana Thanda Ho Raha Hai

Khana Thanda Ho Raha Hai

Availability: Out of stock

Regular Price: Rs. 95

Special Price Rs. 85

11%

  • Pages: 118p
  • Year: 2000
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Radhakrishna Prakashan
  • ISBN 13: 8171195679
  •  
    इसे शिवशंकरी का दुस्साहस ही कहा जाना चाहिए कि लगातार असंवेदनशील होती दुनिया में उनकी कहानियाँ मूलत: संवेदना की कहानियाँ हैं । मुख्य बात यह है कि उनकी संवेदना का कहीं अंत नहीं होता बल्कि उनकी संवेदना इस समाज के अत्यधिक असंवेदनशील हो गए आदमी का हृदय-परिवर्तन करने का जोखिम उठाती है । 'खाना ठंडा हो रहा है' का बदचलन नायक नट्टराजन का यूँ बदलना नाटकीय भले ही लगे मगर मानवता की यह जरूरी आवश्यकता है । उनकी संवेदना प्रेम और ममता का जड़ रूप नहीं है । वे नकली और दिखावटी संवेदना के जाल में न फँसकर शाश्वत संवेदना रचती हैं । उनका मानना है कि 'स्टेप्ती' भावशून्य यंत्रों के काम आ सकती है, मानव के नहीं । लेखिका की संवेदना अपनी अलग जमीन तलाशती है । अर्थात किसी खास बने-बनाए ढर्रे पर केंद्रित न होकर उनकी संवेदना मानवीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं की गहरी पड़ताल करती है । वे कहीं माँ-बेटी के संबंधों को अर्थ देती हैं तो कहीं समाज द्वारा तिरस्कृत नारी को हौसला । वक्त के इस दौर में उनकी कहानियों से गुजरना सही मायने में अपना और अपने होने का अर्थ खोजना है ।

    Customer Reviews

    There are no customer reviews yet.

    Write Your Own Review

    Shivshankari

    तमिल लेखिका शिवशंकरी साहित्य के साथ-साथ सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं, इसीलिए उनके लेखन में उनके सामाजिक सरोकार गहराई से गुँथे होते हैं। नशीली दवाओं के सेवन, शराबखोरी और वरिष्ठ नागरिकों की समस्या पर उनके अनेक उपन्यास प्रकाशित हो चुके हैं।

    अभी तक उनके खाते में लगभग 150 कहानियाँ, 30 उपन्यास, 13 यात्रा-वृत्तांत और श्रीमती इंदिरा गांधी तथा जी.डी. नायडू की जीवनियाँ दर्ज हो चुकी हैं। आजकल वे ‘निट इंडिया थ्रो लिटरेचर’ शीर्षक परियोजना में व्यस्त हैं। देश की मान्यता-प्राप्त अठारहों भाषाओं के रचनाकारों के साक्षात्कारों पर आधारित इस परियोजना का पहला खंड (दक्षिण भारत पर केन्द्रित) अंग्रेजी, तमिल व हिन्दी में प्रकाशित हो चुका है।

    लेखन के अलावा ऑडियो कैसेट और टेलीविजन के लिए भी काम।

    विभिन्न साहित्यिक व कला संस्थानों, पत्रिकाओं और संगठनों द्वारा अनेक पुरस्कारों और उपाधियों से सम्मानित, जिनमें प्रमुख हैं - कस्तूरी श्रीनिवासन अवार्ड, डॉ. राजा सर अन्नामलाई चेट्टियार अवार्ड, राजीव विरुदु, तमिल अन्नाई अवार्ड, मेल्विन जोंस अवार्ड, राजीव गांधी नेशनल इंटीग्रेशन अवार्ड, तेलुगु आर्ट्स अकादमी अवार्ड, स्त्री रत्न अवार्ड, मनुश्री व मानद नागरिक सम्मान, आदि।

    अनेक सामाजिक व साहित्यिक संस्थाओं में सम्मानित पदों पर कार्य। दक्षिण भारतीय शास्त्रीय संगीत व भरतनाट्यम में भी पारंगत।

    loading...
      • Sarthak An Imprint of Rajkamal Prakshan
      • Chahak An Imprint of Rajkamal Prakshan
      • Funda An Imprint of Radhakrishna
      • Korak An Imprint of Radhakrishna

    Location

    Address:1-B, Netaji Subhash Marg,
    Daryaganj, New Delhi-02

    Mail to: info@rajkamalprakashan.com

    Phone: +91 11 2327 4463/2328 8769

    Fax: +91 11 2327 8144