• (011) 23274463
  • Help
INR
 
Shopping Cart (0 item)
My Cart

You have no items in your shopping cart.

You're currently on:

Pratinidhi kavitayen : Arun Kamal

Pratinidhi kavitayen : Arun Kamal

Availability: In stock

-
+

Regular Price: Rs. 60

Special Price Rs. 54

10%

  • Pages: 120p
  • Year: 2016, 2nd Ed.
  • Binding:  Paperback
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Rajkamal Prakashan
  • ISBN 13: 9788126724093
  •  
    Digital Edition Available Instantly on Pajkamal Books Library on
    अरुण कमल की कविता का उर्वर प्रदेश लगभग तीन दशकों में फैला हुआ है। अरुण कमल की कविता में उस अभिनव काव्य-सम्ीाावना का आद्यक्षर और उसका पूरा ककहरा दिखाई पड़ता है, जिससे हिन्दी कविता का नया चेहरा आकार लेता प्रतीत होता है। अरुण कमल की कविता की बहुत बड़ी विशेष्ज्ञता वह अपनत्व है जो बहुत हद तक उनके व्यक्तित्व का ही हिस्सा है। उनकी कविताओं से होकर गुजरना एक अत्यन्त आत्मीय स्वजन के साथ एक अविस्मरणीय यात्रा है। अरुण कमल की कविताएँ एक साथ अनुभवजन्य हैं और अनुभवसुलभ। अनछुए बिम्ब, अभिन्न पर कुछ अलग से, अरुण कमल के काव्य-जगत में सहज ही ध्यान खींचते हैं और अपने समकालीनों में उन्हें एक अलग पहचान देते हैं। अरुण कमल की सबसे सधी कविताओं में अनन्य अर्थगौरव और अनुगूँज है। यह अर्थगुरुता या अर्थगहनता जिससे कविता पन्नें पर जहाँ खत्म होती है वहाँ खत्म नहीं होती बल्कि अपने अर्थ और असर की अनुगूँजों से पढ़ने सुननेवालों के मन-मानस में अपने को फिर से सृजित करती है। कवि का सतत सृजन-कर्म उसकी इसी अप्रतिहत विकास-यात्रा के प्रति आश्वस्त करता है।

    Customer Reviews

    There are no customer reviews yet.

    Write Your Own Review

    Arun Kamal

    जन्म: 15 फरवरी, 1954 को नासरीगंज, रोहतास (बिहार) में।

    प्रकाशित पुस्तकें: चार कविता पुस्तकें - अपनी केवल धार, सबूत, नये इलाके में, पुतली में संसार तथा मैं वो शंख महाशंख। दो आलोचना पुस्तकें - कविता और समय तथा गोलमेज। साक्षात्कार की एक पुस्तक - कथोपकथन। समकालीन कवियों पर निबन्धों की एक पुस्तक - दुःखी चेहरों का शृंगार प्रस्तावित। अंग्रेजी में समकालीन भारतीय कविता के अनुवादों की एक पुस्तक - वायसेज़ वियतनामी कवि तो हू की कविताओं तथा टिप्पणियों की अनुवाद-पुस्तिका। साथ ही मायकोव्स्की की आत्मकथा के अनुवाद एवं अनेक देशी-विदेशी कविताओं के अनुवाद।

    अनेक देशी-विदेशी भाषाओं में कविताएँ तथा कविता-पुस्तकें अनूदित।

    सम्मान: कविता के लिए भारतभूषण अग्रवाल स्मृति पुरस्कार, सोवियत लैंड नेहरू अवार्ड, श्रीकांत वर्मा स्मृति पुरस्कार, रघुवीर सहाय स्मृति पुरस्कार, शमशेर सम्मान और नये इलाके में पुस्तक के लिए 1998 का साहित्य अकादेमी पुरस्कार।

    डॉ. नामवर सिंह के प्रधान सम्पादकत्व में आलोचना का सम्पादन (सहस्राब्दी अंक 21 से)।

    सम्प्रति: पटना विश्वविद्यालय में अंग्रेजी के अध्यापक।

    सम्पर्क: 09931443866

     

    loading...
      • Sarthak An Imprint of Rajkamal Prakshan
      • Chahak An Imprint of Rajkamal Prakshan
      • Funda An Imprint of Radhakrishna
      • Korak An Imprint of Radhakrishna

    Location

    Address:1-B, Netaji Subhash Marg,
    Daryaganj, New Delhi-02

    Mail to: info@rajkamalprakashan.com

    Phone: +91 11 2327 4463/2328 8769

    Fax: +91 11 2327 8144