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Raag Pahadi

Raag Pahadi

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  • Pages: 221p
  • Year: 2019, 1st Ed.
  • Binding:  Paperback
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Rajkamal Prakashan
  • ISBN 13: 9789388753999
  •  
    राग पहाड़ी' का देशकाल, कथा-संसार उन्नीसवीं सदी के मध्य से लेकर बीसवीं सदी से पहले का कुमाऊँ है। कहानी शुरू होती है लाल-काले कपड़े पहने ताल के चक्कर काटती छह रहस्यमय महिलाओं की छवि से जो किसी भयंकर दुर्भाग्य का पूर्वाभास कराती हैं। इन प्रेतात्माओं ने यह तय कर रखा है कि वह नैनीताल के पवित्र ताल को फिरंगी अंग्रेजों के प्रदूषण से मुक्त कराने की चेतावनी दे रही हैं। इसी नैनीताल में अनाथ तिलोत्तमा उप्रेती नामक बच्ची बड़ी हो रही है। जिसके चाचा को 1857 वाली आज़ादी की लड़ाई में एक बाग़ी के रूप में फाँसी पर लटका दिया गया था। कथानक तिलोत्तमा के परिवार के अन्य सदस्यों के साथ-साथ देशी-विदेशी पात्रों के इर्द-गिर्द भी घूमता है जिसमें अमेरिकी चित्रकार विलियम डैम्पस्टर भी शामिल है जो भारत की तलाश करने निकला है। तिलोत्तमा गवाह है उस बदलाव की जो कभी दबे पाँव तो कभी अचानक नाटकीय ढंग से अल्मोड़ा समेत दुर्गम क़स्बों, छावनियों और बस्तियों को बदल रहा है, यानी एक तरह से पूरे भारत को प्रभावित कर रहा है। परम्परा और आधुनिकता का टकराव और इससे प्रभावित कभी लाचार तो कभी कर्मठ पात्रों की जि़न्दगियों का चित्रण बहुत मर्मस्पर्शी ढंग से इस उपन्यास में किया गया है जिसका स्वरूप 'राग पहाड़ी' के स्वरों जैसा है। चित्रकारी के रंग और संगीत के स्वर एक अद्भुत संसार की रचना करते हैं जहाँ मिथक-पौराणिक, ऐतिहासिक-वास्तविक और काल्पनिक तथा फंतासी में अन्तर करना असम्भव हो जाता है। यह कहानी है शाश्वत प्रेम की, मिलन और विछोह की, अदम्य जिजीविषा की।

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    Namita Gokhale

    नमिता गोखले

    नमिता गोखले का जन्म 26 जनवरी, 1956 को उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हुआ। 

    उन्होंने अठारह से ज्य़ादा पुस्तकों का लेखन किया है जिनमें कथा और कथेतर, दोनों क़िस्म का लेखन शामिल है। उनका पहला उपन्यास 'पारो : ड्रीम्स ऑफ़ पैशन' 1984 में प्रकाशित हुआ। उनकी अन्य पुस्तकों में प्रमुख हैं–'गॉड्स ग्रेव्स एंड ग्रांडमदर', 'ए हिमालयन लव स्टोरी', 'द बुक ऑफ़ शैडोज़', 'शकुन्तला : द प्ले ऑफ़ मेमोरी', 'माउंटेन इकोज', 'बुक ऑफ़ शिवा', 'द पफ़िन महाभारता' आदि। इसके अलावा उन्होंने कई पुस्तकों का सम्पादन, सह-सम्पादन भी किया है। विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में नियमित स्तम्भ-लेखन और सम-सामायिक साहित्यिक, सांस्कृतिक मुद्दों पर भी लिखती रही हैं। 

    वे 'यात्रा बुक्स' की (नीना गुप्ता के साथ) सह-संस्थापक हैं और 'जयपुर लिटरेचर फ़ेस्टिवल' की (विलियम डैलरिम्पल के साथ) संस्थापक-निदेशक भी हैं जो विश्व का अपने ढंग का अकेला ऐसा साहित्य-समारोह है जहाँ लेखक, पाठक, प्रकाशक आदि सबका जमावड़ा होता है। किश्वर देसाई के साथ उन्होंने अपराध-लेखन पर केन्द्रित 'द क्राइम राइटर फ़ेस्टिवल' का आरम्भ भी किया। इनके अलावा कुछ साहित्य-उत्सवों से परामर्शदाता के रूप में भी जुड़ी हैं।

    उन्हें कई पुरस्कारों-सम्मानों से विभूषित किया जा चुका है जिनमें 'सुशीला देवी लिटरेचर अवार्ड', असम साहित्य सभा का 'राष्ट्रीय पुरस्कार', भोपाल लिटरेचर एंड आर्ट फ़ेस्टिवल में 'श्रेष्ठ महिला कथा लेखक' के रूप में सम्मान प्रमुख हैं।

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