• (011) 23274463
  • Help
INR
 
Shopping Cart (0 item)
My Cart

You have no items in your shopping cart.

You're currently on:

Samvedana Ke Swar

Samvedana Ke Swar

Availability: In stock

-
+

Regular Price: Rs. 300

Special Price Rs. 270

10%

  • Pages: 136p
  • Year: 2015, 1st Ed.
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Rajkamal Prakashan
  • ISBN 13: 9788126727643
  •  
    दिनेश अधिकारी नेपाली कवि हैं ! हिंदी में यह उनका पहला काव्य-संग्रह है ! बहैसियत कवि अपने काव्य-कर्म के बारे में उनका कहना है कि आदमी और आदमी से जुड़े तमाम सन्दर्भ ही उनके लेखन की उर्जा बनते हैं ! मौलिकता की उनकी अवधारणा ठीक उतनी ही विनम्र है जितनी ये कविताएँ ! विनम्र लेकिन तत्वतः ठोस और अपने पैरों के नीचे की जमीं को भरी-पूरी नजरों से देखती-आंकती हुई ! वे कहते हैं कि एक ही विश्व के निवासी होने के कारण विषयवस्तु में समानता की सम्भावना प्रबल होती है ! सो सृष्टा की मौलिकता को उसके प्रस्तुति-क्रम में खोजना चाहिए !लेकिन मौलिकता की एक कसौटी और भी है, वह है दृष्टि, जिसके दर्शन इस संग्रह की कविताओं में होते हैं ! उनकी कविता पूछती है : ‘प्रदर्शन मात्र ही शक्ति है क्या ?’ उनकी कविता बताती है : ‘कपडा फट जाता है, चमड़ी नहीं !’ उनकी कविता उद्घाटित करती है : ‘तर्क वास्तव में बेशर्म ही होता है...शासक की तरह बेहया !’ उनकी कविता स्वीकार करती है : ‘अकेले चलने का आनंद तुम्हारे साथ चलते नहीं आता !’ ये कुछ पंक्तिया यद्यपि उनकी मौलिकता को रेखांकित करने के लिए प्रयाप्त हैं लेकिन इस संग्रह की कविताओं की अर्थ और सन्दर्भ-व्याप्ति कहीं अधिक है ! बीच-बीच में नेपाली अभिव्यक्तियों के साथ ये कविताएँ अखिल मानवता को संबोधित करती हैं ! ‘हर्क बहादुर’, ‘कहाँ रखें अब पैदा होने वाले पुत्र को’, ‘मच्छरदानी के भीतर आदमी’, ‘आदमी का कद’ और ‘विकासोन्मुख देश का आदमी’ जैसी अनेक कविताएँ कवि के आतंरिक विस्तार का परिचय देती हैं ! संग्रह में प्रकाशित ‘गाँव की एक कविता’ बार-बार पढने लायक कविता है जिसमें प्रस्तुत गाँव की तस्वीर भारत में भी जहाँ चाहे वहां देखि जा सकती है ! हस्तक्षेप के रूप में देखें तो यह विचारणीय है जो यह कविता कहती है : ‘गोद के शिशु को पीठ पर बांधकर मजे से निकल जाती है कोई भी मां अपनी संतान भी बोझ बन सकती है-उसे पता नहीं !’ हिंदी कविता के परिदृश्य में हमारे प्रिय पडोसी देश से आई यह दस्तक स्वागत योग्य है, पर उससे पहले ध्यान से पढने योग्य !

    Customer Reviews

    There are no customer reviews yet.

    Write Your Own Review

    Dinesh Adhikari

    नेपाली कविता और गीत के क्षेत्र में दिनेश अधिकारी का विशिष्ट स्थान और अलग पहचान है।

    7 दिसम्बर, 1959 में काठमांडू में जन्मे दिनेश की रचनाएँ सन् 1976 से प्रकाशित होती आ रही हैं! उनके पाँच कविता संग्रह 'अन्तरका छिटाहरु’ (1980), 'धर्ती को गीत’ (1987), 'आदिम आवाज’ (1989), 'अतिरिक्त अभिलेख’ (2000), और 'सीमान्त’ (1991); तीन गीत-संग्रह 'अविराम यात्रा’ (1991), 'आपनै मन: आपनै आँगन’ (1977), और 'मन र मोडहरू’ (2007) तथा एक बाल गीतिनाटक 'जड़लको कथा जड़लको व्यथा’ (2001) प्रकाशित हो चुके हैं। उनकी प्रतिनिधि कविताएँ अंग्रेजी भाषा में अनूदित होकर ‘Mode of Life’ (2009) नाम से प्रकाशित हैं। गीतकार के रूप में विशिष्ट पहचान रखनेवाले निदेश अधिकारी के करीब 500 गीत रेकॉर्ड हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त करीब 1 दर्जन कैसेट और सीडी प्रकाशन में आ चुके हैं। श्री अधिकारी नेपाली चलचित्र के गीतों के क्षेत्र में भी अपनी उत्कृष्ट पहचान बना चुके हैं।

    कविता-काव्य के लिए 'मदन पुरस्कार’ और 'साझा पुरस्कार’ जैसे अत्यन्त गौरवशाली राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले दिनेश अधिकारी गीत-संगीत के क्षेत्र में अपने योगदान के लिए प्रतिष्ठित 'छिन्नलता गीत पुरस्कार’ से भी सम्मानित हो चुके व्यक्तित्व हैं।

    सम्प्रति : नेपाल सरकार के सचिव के रूप में कार्यरत दिनेश अधिकारी कविता और गीत के क्षेत्र में निरन्तर सक्रिय रहते आए हैं!

    loading...
      • Sarthak An Imprint of Rajkamal Prakshan
      • Chahak An Imprint of Rajkamal Prakshan
      • Funda An Imprint of Radhakrishna
      • Korak An Imprint of Radhakrishna

    Location

    Address:1-B, Netaji Subhash Marg,
    Daryaganj, New Delhi-02

    Mail to: info@rajkamalprakashan.com

    Phone: +91 11 2327 4463/2328 8769

    Fax: +91 11 2327 8144