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Surinam Ka Srijanatmak Hindi Sahitya

Surinam Ka Srijanatmak Hindi Sahitya

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  • Pages: 296p
  • Year: 2015
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Radhakrishna Prakashan
  • ISBN 13: 9788183617000
  •  
    Digital Edition Available Instantly on Pajkamal Books Library on
    'सूरीनाम का सृजनात्मक हिंदी साहित्य', भारत से चौदह हजार चार सौ अट्ठारह किलोमीटर दूर दक्षिण अम्रीका के उत्तरी पश्चिमी शीर्ष पर करेबियन सागर के तट पर बसे सूरीनाम देश के प्रवासी भारतीयों की सृजनात्मक अभिव्यक्तियों का प्रमाणिक संकलन है ! इस पुटक का पहला खंड सूरीनाम में हिंदी के विकास और स्वरुप का परिचय देता है और सूरीनाम के सृजनात्मक साहित्य का एक संशिप्त अनुशीलन प्रस्तुत करता है! दूसरा खंड साहित्य संचयन का है जिसमे सूरीनाम के 27 प्रतिशित साहित्यकारों की विभिन्न विधाओं में लिखी रचनाए आपको पढ़ने को मिलेंगी! प्रस्तुतु संकलन की एक विशिष्टता यह भी है कि इस संकलन में आपको सनामी हिंदी की रचनाएँ पहली बार पढ़ने को मिलेंती! भारत से हजतों मील दूर स्थित एक देश में लिखी ये रचनाएँ प्रवासी भारतीयों की संघर्ष-कथा का साहित्यिक दस्तावेज हैं जिनका एतिहासिक और समाजशास्त्रीय महत्त्व है! ये रचनाएँ हिंदी के विश्व्यापी स्वरुप का परिचय भी देती है !

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    Vimal Kumar Hazarika

    विमल कुमार हजारिका

    असम सरकार के एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी श्री विमल कुमार हजारिका एक साथ कवि, गीतकार, निबंध-लेखक, समीक्षक, अभिनेता, नाटककार, कहानीकार एवं अनुवादक हैं।

    आकाशवाणी से मान्यता-प्राप्त गीतकार श्री हजारिका ने आकाशवाणी के लिए भी कई रेडियो नाटकों की रचना की है। श्री महेन्द्र बरठाकुर द्वारा प्रायोजित एवं श्री निपन गोस्वामी व श्रीमती रुनू देवी द्वारा अभिनीत ‘एतिया केवल बाजे हृदयर ताँर’ नाटक की श्रोताओं ने भूरि-भूरि प्रशंसा की।

    हाईस्कूल में अध्ययन करते हुए ‘महामस्किल’ नामक एकांकी के जरिए श्री हजारिका ने नाटक-जगत में प्रवेश किया। तेजपुर के दरंग महाविद्यालय में अंग्रेजी विभाग के व्याख्याता के रूप में कार्य करते समय श्री हजारिका ने स्वयं को एक सुअभिनेता के रूप में प्रतिष्ठित किया। विशेष रूप से अब्दुल मजीद के ‘चोर’ नाटक का मूल किरदार मानसिंह, रतन कुमार घोष के मशहूर नाटक ‘अमृतस्य पुत्राः’ में तरुण दत्त का किरदार निभाकर दर्शकों के मन पर गहरा प्रभाव डालने में समर्थ हुए थे। श्री हजारिका द्वारा अनूदित कुछ उल्लेखनीय नाटक हैं -  अल्बेयर कामू का कालिगुला, जॉन गॉल्सवर्दी का जस्टिस, विजय तेंदुलकर का गिद्ध (The Vultures), रतन कुमार घोष का अमृतस्य पुत्राः, अंग्रेजी नाटक रंगपुर की बहू (The Dumbwife of cheapside) इत्यादि।

    श्री हजारिका द्वारा दूरदर्शन के लिए रचित पटकथा के आधार पर निर्मित मलक गुइन गुइन धारावाहिक के मलक गुइन गुइन और चेनीचंपा खंड को अभूतपूर्व सराहना मिली है।

    श्री हजारिका की कहानियों और कविताओं का हिन्दी और बाँग्ला अनुवाद देश की विभिन्न पत्रिकाओं में प्रकाशित हुआ है। 

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      • Sarthak An Imprint of Rajkamal Prakshan
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