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Taar Saptak : Siddhant Aur Kavita

Taar Saptak : Siddhant Aur Kavita

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  • Pages: 152
  • Year: 2016, 1st Ed.
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Radhakrishna Prakashan
  • ISBN 13: 9788183618168
  •  
    Digital Edition Available Instantly on Pajkamal Books Library on
    हिन्दी कविता के इतिहास में तार सप्तक का ऐतिहासिक महत्त्व है। काव्य-चेतना के दो युगों के सन्धि-बिन्दु पर मौजूद इस संकलन से गुजरे बिना छायावाद, प्रगतिवाद और छायावादोत्तर कविताओं के बाद की हिन्दी कविता को नहीं समझा जा सकता। लेकिन दुर्भाग्य से अभी तक इसका कोई व्यवस्थित अध्ययन नहीं हो पाया। हिन्दी के सुपरिचित कवि और अध्येता बोधिसत्व का यह शोध प्रबन्ध इस दिशा में एक महत्त्वपूर्ण प्रयास है। पाँच विस्तृत अध्यायों में सुनियोजित इस पुस्तक में तार सप्तक के इतिहास, उसकी युगीन आवश्यकता, सम्पादन-प्रक्रिया और उससे जुड़े विवादों से आरम्भ करके हिन्दी के ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में उसका चरणबद्ध विवेचन किया गया है। तार सप्तक में शामिल कवियों के काव्य-चिन्तन का विस्तृत अध्ययन-सर्वेक्षण और उनकी काव्यगत विशेषताओं पर शोधकर्ता ने अपनी कवियोचित अन्तर्दृष्टि का प्रयोग करते हुए कई मूल्यवान निष्कर्ष प्राप्त किए हैं। सप्तक के पहले और दूसरे संस्करणों में प्रकाशित कवि-वक्तव्यों में आए परिवर्तनों की तरफ भी लेखक की जिज्ञासा गई है, और उनके सूक्ष्म अध्ययन से उसने जानने की कोशिश की है कि कवियों के वक्तव्यों में आए ये बदलाव किस प्रवृत्ति के सूचक हैं—अन्विति के, अन्तर्विरोध के या विकास के। कहने की आवश्यकता नहीं कि हिन्दी कविता के एक ऐतिहासिक मोड़ पर केन्द्रित यह गम्भीर अध्ययन न सिर्फ छात्रों, बल्कि कविता के इतिहास में रुचि रखनेवाले हर पाठक के लिए उपादेय सिद्ध होगा।

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    Bodhisatva

    मूलनाम- अखिलेश कुमार मिश्र

    जन्म- 11 दिसम्बर 1968 को उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के सुरियावाँ थाने के एक गाँव भिखारी रामपुर में जन्म। पितामह पंडित राम नरेश मिश्र वैद्य थे और पिता पंडित हीरा राम मिश्र उत्तर प्रदेश सरकार के नौकर थे। माँ राम सवांरी देवी धर्मपरायण महिला है।

    शिक्षा- प्रारम्भिक शिक्षा गाँव की ही पाठशाला से। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से हिन्दी में एम.ए. और वहीं से तार सप्तक के कवियों के काव्य सिद्धान्त पर पी.एच.डी की उपाधि ली। यूजीसी के रिसर्च फैलो रहा।

    प्रकाशन- सिर्फ कवि नहीं (1991), हम जो नदियों का संगम हैं (2000), दुख तंत्र (2004), खत्म नहीं होती बात (2010) ये चार कविता संग्रह प्रकाशित हैं। तारसप्तक-काव्य सिद्धान्त और कविता नामक शोध प्रबन्ध (2011) लम्बी कहानी वृषोत्सर्ग (2005) छपी

    संपादन- गुरवै नमः (2002), भारत में अपहरण का इतिहास (2005), रचना समय के शमशेर जन्म शती अंक का संपादन (2010)।

    प्रकाशनाधीन- कविता की छाया में (लेख, समीक्षा और व्याख्या)

    अन्य लेखन- शिखर (2005), धर्म (2006) जैसी फिल्मों और दर्जनों टीवी धारावाहिकों का लेखन

     

    सम्मान- कविता के लिए भारत भूषण अग्रवाल सम्मान, गिरिजा कुमार माथुर सम्मान, संस्कृति अवार्ड, हेमंत स्मृति सम्मान प्राप्त है।

    अन्य- कुछ कविताएँ देशी-विदेशी भाषाओं में अनूदित हैं। कुछ कविताएँ मास्को विश्वविद्यालय के स्नातक के पाठ्यक्रम में पढ़ाई जाती है। दो कविताएँ गोवा विश्व विद्यालय के स्नातक पाठ्यक्रम में शामिल थीं।

    फिलहाल- पिछले 10 साल से मुम्बई में बसेरा है। सिनेमा, टेलीविजन और पत्र-पत्रिकाओं के लिए लिखाई का काम।

     घर का पता- श्री गणेश को.हा.सो., स्वातन्त्रय वीर सावरकर मार्ग, सेक्टर नं. 3, प्लाट नं. 233 प्लैट नं. 3, चारकोप, कांदीवली (पश्चिम) मुम्बई-400067। मोबाइल-0-9820212573

    ईमेल पता abodham@gmail.com

    ब्लाॅग का पता http://vinay-patrika.blogspot.com

     

     

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