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Vishwa Patal Par Hindi

Vishwa Patal Par Hindi

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  • Pages: 216p
  • Year: 2013, 1st Ed.
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Lokbharti Prakashan
  • ISBN 13: 9788180318047
  •  
    हिन्दी भारत की एक राष्ट्रीय भाषा है, संघ की राजभाषा है और एक विश्वभाषा भी है। समस्त संसार में वह लगभग ७२ करोड़ लोगों द्वारा समझी जाती है। उसकी व्याप्ति लगभग डेढ़सौ देशों में है। वह लगभग एक दर्जन देशों में जन भाषा के रूप में प्रचलित है। इन देशों को तीन कोटियों में विभाजित करना तर्कसंगत होगा—(१) भारत के पड़ोसी राष्ट्र, (२) भारतवंशी राष्ट्र, (३) आप्रवासीबहुल राष्ट्र। ‘विश्व पटल पर हिन्दी’ का दूसरा महत्त्वपूर्ण पक्ष है, विश्वबोध। हिन्दी का सम्बन्ध संस्कृत, पालि और भारतीय भाषाओं के अतिरिक्त अरबी, फारसी, पस्तो, तुर्की, अंगे्रजी, प्रâेंच, स्पेनिश, डच, पुर्तगाली, इटैलिक आदि कई भाषाओं से है। इस भाषा ने हजारों शब्दों का आदान-प्रदान किया है। हिन्दी-सेवियों ने सैकड़ों विश्वविख्यात ग्रन्थों के अनुवाद किये हैं। दर्जनों विश्व विभूतियों पर ग्रन्थ लिखे हैं। कई यात्रासंस्मरण लिखे हैं तथा विश्व की घटनाओं पर अपनी प्रतिक्रियाएँ व्यक्त की हैं। हिन्दी ने अनेक विश्वस्तरीय विचारधाराओं को आत्मसात् किया है तथा देश-देशान्तर तक अपनी ‘भारत विद्या’ का निर्यात भी किया है। हिन्दी की रूप रचना अर्थात् व्याकरण, शब्दकोश, पाठ्यक्रम, शोध, समीक्षा एवं सर्जनात्मक लेखन में सैकड़ों विदेशी विद्वानों की सहभागिता रही है। इधर हिन्दी फिल्मों, धारावाहिकों, पत्र-पत्रिकाओं और मीडिया कार्यक्रमों ने उसे विश्व के कोने-कोने में पहुँचाया है। कम्प्यूटर, इण्टरनेट से उसका काफी परिविस्तार हुआ है। लेखक ने दो दशक पूर्व इस ‘विश्व पटल पर हिन्दी’ की दिशा में पहल की थी। इसे अभी और व्यवस्थित करने की आवश्यकता है। इस प्रयोजन पूर्ति में इस पुस्तक की अपनी एक विशिष्ट उपयोगिता है।

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    Suryaprasad Dixit

    डॉ ० सूर्यप्रसाद दीक्षित

    जन्म : ६ जुलाई, १९३८, बन्नावाँ, रायबरेली (उत्तरप्रदेश)

    प्रोफेसर तथा पूर्व अध्यक्ष, हिन्दी विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय,संस्थापक अध्यक्ष : पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय। दो शोध-प्रबन्ध प्रकाशित ‘छायावादी गद्य’ (पीएच.डी) व ‘व्यावहारिक सौन्दर्यशास्त्र’ (डी.लिट्.)। इनके अतिरिक्त लगभग ५० शोधपरक पुस्तकों के रचयिता।

    सम्मान : ‘उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान’ से ‘साहित्य भूषण’ सम्मान, १९९८, ‘दीनदयाल उपाध्याय’ सम्मान, २००२, हिन्दी साहित्य सम्मेलन से ‘साहित्य  वाचस्पति’ उपाधि, १९९९, इण्टरनेशनल सेण्टर, वैâम्ब्रिज से ‘इण्टरनेशनल मैन आफ दी इयर’, १९९८, ‘अमेरिकन इन्स्टीट्यूट’ से ‘डिसिंटग्विश्ड परसनालिटी आफ दी वर्ड’, १९९८, साहित्य अकादमी नई दिल्ली द्वारा ‘आथर इन रेजीडेन्स’ फेलोशिप, २०१२।

    सम्बन्धित संस्थाएँ : ‘भारतीय हिन्दी परिषद्’, प्रयाग, ‘हिन्दी साहित्य सम्मेलन’, प्रयाग, ‘पब्लिक रिलेशन्स सोसाइटी आफ इण्डिया’, लखनऊ, ‘उ.प्र. हिन्दी संस्थान, ‘बिरला फाउण्डेशन’ आदि।

    सम्पर्क : ‘साहित्यिकी’  

    डी-५४,निरालानगर, लखनऊ-२२६०२०

    फोन : ०५२२-२७८८४५२,

    मो. : ९४५११२३५२५

    ईमेल : spdixit65@rediffmail.com

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