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Adab Mein Baaeen Pasli : Afro-Asiayi Laghu Upanyas - Vol. 3

Adab Mein Baaeen Pasli : Afro-Asiayi Laghu Upanyas - Vol. 3

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  • Pages: 303
  • Year: 2017, 1st Ed.
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Lokbharti Prakashan
  • ISBN 13: 9789386863089
  •  
    Digital Edition Available Instantly on Pajkamal Books Library on
    साहित्य की दुनिया में उत्कृष्ट रचनाओं की कमी नहीं है। उसमें से अनुवाद के लिए कुछ भी उठाना जितना सरल है, उतना ही कठिन भी! खासकर तब जब योजना किसी एक देश तक सीमित न होकर कई देशों के बीच फैली हो। उपन्यास 'आधी रात का मुकदमा' का अनुवाद मैंने अंग्रेज़ी से किया। कहानी कहने का अंदाज़ जटिल था। कुछ शब्द मैंने जान बूझकर उस परिवेश के रहने दिए ताकि वहाँ की हल्की महक पाठ में बसी रहे। उर्दू में उपन्यास का चयन करना मुश्किल था। अपनी पसंद के सारे महत्त्वपूर्ण उपन्यास हिंदी में आ चुके थे। तब मेरी नज़र से 'निसाई आवाज़' [ज़नानी आवाज़] गुज़री तो मैं असमंजस में पड़ गई। मेरी इस योजना में यह तय था कि देश तो बार-बार दोहराए जाएँगे मगर लेखक नहीं। इस लिए खुद से एक लंबे संवाद के बाद आगा बाबर की कहानी 'गुलाबदीन चिट्ठीरसाँ' को खंड तीन से हटाकर उनका उपन्यास ले लिया। मेरा अनुवाद किया उपन्यास 'बु$फ-ए-कूर' (अंधा उल्लू) है, जो सादि$क हिदायत की महत्त्वपूर्ण रचना है। यह तीनों उपन्यास लगभग साढ़े तीन वर्षों में, मैंने अनुवाद किए। लगातार तो काम नहीं किया, क्योंकि एक साथ मैं कई पुस्तकों पर काम कर रही थी। एक में अटकती तो दूसरे पर अपना ध्यान केंद्रित कर देती। मुझे नहीं पता मेरे पाठकों को यह तीनों उपन्यास पसंद आते हैं या नहीं! मगर मुझे सिर्फ इतना पता है कि ये तीनों लेखक और तीनों उपन्यास अपने समय के चर्चित, महत्त्वपूर्ण उपन्यास हैं जिनकी गूँज उनके देश और विदेश में आज भी साहित्य-प्रेमियों के बीच सुनाई पड़ती है।

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    Nasira Sharma

    जन्म: सन् 1948, इलाहाबाद (उ.प्र.)।

    शिक्षा: पर्शियन में, आधुनिक भाषा और साहित्य विषय लेकर जे.एन.यू., नई दिल्ली से एम.ए.।

    गतिविधियाँ: वर्षों से रचनात्मक लेखन और स्वतंत्र पत्रकारिता। राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर धार्मिक और सामाजिक जड़वाद, खासकर मुस्लिम समाज के यथास्थितिवादी रुझान के विरुद्ध रचनात्मक संघर्ष के लिए सुपरिचित। आधुनिक पर्शियन साहित्य तथा समकालीन ईरानी समाज, संस्कृति और राजनीति विषयक मामलों पर विशेष कार्य। हिन्दी, उर्दू, अंग्रेजी, पर्शियन, पश्तो आदि विभिन्न भाषाओं के साहित्य का गहरा अध्ययन।

    प्रकाशित कृतियाँ: कहानी संग्रह: गूँगा आसमान, इंसानी नस्ल, संगसार, सबीना के चालीस चोर, इब्ने-मरियम, बुतख़ाना और दूसरा ताजमहल। शमी काग़ज़ (वर्तमान ईरानी जन-जीवन पर आधारित कहानी-संग्रह), सात नदियाँ एक समन्दर (क्रांतिकालीन ईरानी समाज और राजनीति पर आधृत उपन्यास), क़्ि$स्सा जाम का (खुरासानी लोककथाओं पर आधारित कहानियाँ), संसार अपने-अपने, पर्शियन ईरानियन रेवोल्यूशन (पर्शियन से अनूदित कहानियाँ), इकोज़ ऑफ ईरानियन रेवोल्यूशन (पर्शियन से अनूदित कविताएँ), काली छोटी मछली, बर्निंग पायर (अनुवाद)। उपन्यास ठीकरे की मँगनी और ज़िन्दा-मुहावरे। अफ़गानिस्तान: बुज़कशी का मैदान (अफगानी समाज पर सम्पूर्ण अध्ययन)।

    इनके अतिरिक्त ईरानी समाज और राजनीति से सम्बद्ध अनेक महत्त्वपूर्ण लेख और साक्षात्कार। ईरान-इराक के युद्धबन्दियों से लिए गए साक्षात्कारों के माध्यम से फ्रेंच और जर्मन भाषाओं में बनी टी.वी. फिल्मों में हिस्सेदारी। भारतीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा ग्रामीण और कस्बाई कामकाजी महिलाओं से सम्बद्ध एक टी.वी. सीरीज़ में तीन फिल्मों: आया बसन्त सखी, काली मोहनी तथा सेमल का दरख़्त: का आलेखन। जर्मनी, ब्रिटेन, ईरान, इराक और फ्रांस की यात्राएँ।

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