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Adhoora Koi Nahin

Adhoora Koi Nahin

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  • Pages: 100p
  • Year: 2014
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Radhakrishna Prakashan
  • ISBN 13: 9788183616560
  •  
    यह 1998 का साल था, जब आर. अनुराधा को पता चला कि उन्हें स्तन कैंसर है ! उन दिनों कैंसर आज के मुकाबले कहीं ज्यादा डरावना था ! लेकिन अनुराधा ने बड़े होसले के साथ इस बीमारी का सामना किया ! हँसते हुए, घूमते हुए, दोस्तों से फ़ोन प् बतियाते हुए, पढ़ते हुए, लिखते हुए, इन सबके बीच कीमोथेरेपी के कई यंत्रणादायी दौर झेलते हुए, अपने बाल झड़ते देखते हुए, अपनी प्रतिरोधी क्षमता कमजोर पड़ती महसूस करते हुए ! सर्जरी, कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी के बाद अंततः वे इन सबसे उबरी ! लेकिन इस दौर में हासिल अनुभव पर उन्होंने एक किताब लिखी-इन्द्रधनुष के पीछे-पीछे : एक कैंसर विजेता की डायरी ! 2005 के शुरू में जामिया मिल्लिया के कुछ छात्रों ने अनुराधा पर एक फिल्म बनाई-भोर ! पूरी फिल्म में अनुराधा की आवाज के अलावा कोई वाइज ओवर नहीं है ! फिल्म में अनुराधा बताती हैं-कैंसर के खिलाफ जंग में शरीर एक मैदान होता है, लेकिन यह लड़ाई बहुत सारे लोगों की मदद से जीती जाती है ! घर-परिवार, दोस्त-रिश्तेदार इस युद्ध में जरूरी रसद पहुँचाने का काम करते हैं ! जब यह फिल्म बन ही रही थी कि अनुराधा को दुबारा कैंसर ने घेर लिया ! फिर वही कीमोथेरेपी, सर्जरी, रेडियोथेरेपी वही सब कुछ और वही हिम्मत-अनुराधा ने इस दौरान भी फिल्म शूट करने की इजाजत दी ! जैसा कि दोस्तों को भरोसा था, अनुराधा यह जंग भी जीतकर निकलीं ! इस दौरान उन्होंने कैंसर के दर के खिलाफ एक पूरी लड़ाई छेड़ी ! कैंसर की जड़ मैं आई दूसरी महिलाओं से जूडी, यह समझती रही कि कैंसर से लड़ा जा सकता है और बताती रहीं कि कैसे लड़ा जा सकता है ! यह लड़ाई अब भी जारी है ! साल 2012 में अनुराधा को फिर से कैंसर ने घेर लिया इस बार उसने उनकी हड्डियों पर हमला किया है ! हमेशा की तरह अनुराधा लड़ रही हैं, हमेश की तरह, मैं जानता हूँ, वे जीतेंगी ! नई खबर यह है कि उस बार उन्होंने बहुत सारी कविताएँ लिखी हैं ! मैं कतई नहीं चाहूँगा कि आप इन कविताओं को किसी सहानुभूति के साथ पढ़े ! अनुराधा को ऐसी सहानुभूति नहीं चाहिए ! वह कैंसर से लड़ रही हैं, लेकिन बीमार नहीं हैं ! वह हममें से कई लोंगों से ज्यादा स्वस्थ और मजबूत हैं ! हाँ, इन कविताओं के आस्वाद के लिए जरूरी है कि इन्हें कलावादी आग्रहों के जंजाल से बहार निकलकर संवेदनशीलता से पढ़ा जाए ! वैसे भी ये सिर्फ निजी तकलीफ की कविताएँ नहीं हैं, ये दर्द और मृत्यु के विरुद्ध साझा युद्ध की कविताएँ हैं !

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    R. Anuradha

    जन्म : 11 अक्टूबर, 1967 को मध्यप्रदेश (अब छत्तीसगढ़) के बिलासपुर जिले में।

    छह महीने की उम्र में परिवार जबलपुर आ गया। तब से लेकर नौकरी के लिए दिल्ली आकर बसने तक का जीवन वहीं बीता।

    दक्षिण भारतीय परिवार में जन्म के बावजूद हिन्दी भाषा और अपने हिन्दी भाषी प्रदेश से जुड़ाव ज्यादा रहा। जीव विज्ञान में डिग्री के बाद शुरू से ही पढ़ने-लिखने में रुचि की वजह से पत्रकारिता की ओर कदम बढ़ाया। (यह तो बाद में पता चला कि साहित्य और पत्रकारिता में कितना फर्क है।) जबलपुर के रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय से पत्रकारिता और संचार में उपाधि, समाजशास्त्र में स्नातकोत्तर। दिल्ली में बाल-पत्रिका चम्पक में कुछ महीनों की उप-सम्पादकी के बाद टाइम्स प्रकाशन समूह में सामाजिक पत्रकारिता में प्रशिक्षण और स्नातकोत्तर डिप्लोमा। हिन्दी अखबार दैनिक जागरण में कुछ महीने उप-सम्पादक। 1991 में भारतीय सूचना सेवा में प्रवेश। पत्र सूचना कार्यालय में लम्बा समय बिताने और फिर कोई तीन साल डीडी न्यूज में समाचार सम्पादक की भूमिका निभाने के बाद दिसम्बर, 2006 से प्रकाशन विभाग, सूचना और प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार में सम्पादक।

    बाल साहित्य, विज्ञान और समाज से जुड़े विविध विषयों पर 25 पुस्तकों का सम्पादन। कैंसर से अपनी पहली लड़ाई पर बहुचर्चित आत्मकथात्मक पुस्तक—इन्द्रधनुष के पीछे-पीछे : एक कैंसर विजेता की डायरी राधाकृष्ण प्रकाशन से 2005 में प्रकाशित। इसका गुजराती में अनुवाद साहित्य संगम प्रकाशन, सूरत से प्रकाशित। बांग्ला अनुवाद के कुछ हिस्से 'भाषा बन्धन’ पत्रिका में प्रकाशित। पत्रकारिता के महारथी सुरेन्द्र प्रताप सिंह के आलेखों का पहला संकलन-सम्पादन पत्रकारिता का महानायक : सुरेन्द्र प्रताप सिंह संचयन राजकमल प्रकाशन से 2011 में प्रकाशित। विभिन्न महत्त्वपूर्ण पत्र-पत्रिकाओं में विशेष रूप से विज्ञान, समाज और महिलाओं से जुड़े विषयों पर सतत लेखन। प्रकाशन विभाग की राष्ट्रीय और मंत्रालय स्तर पर पुरस्कृत गृहपत्रिका प्रकाश भारती के सम्पादक मंडल में। कैंसर-जागरूकता के लिए कार्य हेतु उत्तर प्रदेशीय महिला मंच का हिन्दप्रभा 2010 पुरस्कार।

    निधन: 15 जून 2014

    पता : 78/9, सेक्टर-1, पुष्प विहार, नई दिल्ली-110017

    ई-मेल : ranuradha11@gmail.com

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