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Bhartiya Spin Gendbaji Ki Parampara

Bhartiya Spin Gendbaji Ki Parampara

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  • Pages: 208p
  • Year: 2018, 2nd Ed.
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Rajkamal Prakashan
  • ISBN 13: 9788126712885
  •  
    भारतीय स्पिन गेंदबाजी का इतिहास करीब सौ साल पुराना है । हमारे देश की तस्वीर ही स्पिन गेंदबाजी की है व हमारी गेंद पट्टियाँ भी रिपन गेंदबाजों को ही रास आती रही हैं । स्पिन कला भारतीय उपमहाद्वीप की विशेषता मानी जाने लगी है । यहाँ की मिटूटी ही नहीं, हवा-पानी में भी स्पिन की महक महसूस होती है । भारत में सभी तरह की स्पिन गेंदबाजी फलती, फूलती व विकसित होती रही है । इसमें बाएँ हाथ की स्पिन गेंदबाजी भी है व दाहिने हाथ की आँफ स्पिन व कलाई मोड़कर की जानेवाली लेग स्पिन और गुगली भी । बाएँ हाथ के स्पिनर्स में पी. बालू, जमशेदजी, वीनू मनकड़, हीरालाल गायकवाड़, सलीम दुर्रानी व नाडकर्णी भी हैं और बिशन सिंह बेदी, दिलीप दोशी, मनिन्दर सिंह व राजू, भी । इसी तरह दाहिने हाथ के आँफ स्पिनर्स में गुलाम अहमद, प्रसन्मा, वेंकटराघवन, शिवलाल यादव व हरभजन सिह प्रमुख हैं । दाहिने हाथ के लेग स्पिन गुगली गेंदबाजों में एस.एम. जोशी, सी.एस. नायडू एस.जी. शिन्दे, सुभाष गुप्ते, नरेन्द्र हीरवानी व अनिल कुम्बले विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं । आज भारत के सर्वाधिक टेस्ट विकेट लेनेवाले गेंदबाज अनिल कुम्बले भी लेग स्पिनर ही तो हैं । रामजी ट्रॉफी और इससे पहले मुम्बई की मुम्बई स्पर्धा-विशेषकर त्रिकोणी, चतुष्कोणी एवं पंचकोणी स्पर्धा-में भी स्पिन गेंदबाजी का ही दबदबा रहा है । यह पुस्तक भारतीय स्पिन गेंदबाजी की परम्परा पर ही केन्द्रित है । मगर अन्तिम अध्याय में विश्व के सार्वकालिक महान स्पिन गेंदबाजों का भी उल्लेख किया गया है । क्रिकेट प्रेमी पाठकों के लिए यह न केवल उपहार है बल्कि जानकारी के साथ-साथ पठनीयता का रचनात्मक आस्वाद भी प्रदान करती है ।

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    Suryaprakash Chaturvedi

    प्रो. सूर्यप्रकाश चतुर्वेदी विगत साढ़े तीन दशकों से क्रिकेट पर लिख रहे हैं। इस बीच इनकी क्रिकेट पर सात पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं: सी.के. नायडू; मुश्ताक अली; आजाद भारत में क्रिकेट; हमारे आज के क्रिकेट सितारे; नंबर एक कौन: लारा, स्टीव वॉ या तेंदुलकर; विश्व क्रिकेट और भारत तथा भारतीय स्पिन गेंदबाजी की परम्परा। हमारे कप्तान: नायडू से धोनी तक इनकी आठवीं पुस्तक है जिसमें इन्होंने भारत के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट कप्तानों की चर्चा की है।

    सूर्यप्रकाश चतुर्वेदी आकाशवाणी एवं दूरदर्शन के खेल-सम्बन्धी कार्यक्रमों में भी शिरकत करते रहे हैं। प्रमुख पत्र-पत्रिकाओं में क्रिकेट पर उनके लेख समय-समय पर प्रकाशित होते रहते हैं।

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