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Bhuvanpati

Bhuvanpati

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  • Pages: 87p
  • Year: 1994
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Radhakrishna Prakashan
  • ISBN 13: BHUVAN63
  •  
    किसी जमाने में यह तय था कि राजा (नायक, नेता) कौन है । सूर्यवंशी जन्म से होते थे । दसों उंगलियों में चक्र हो तो समझो राजयोग है । स्थितियां बदलीं, पर क्या बदलाव जड़ों तक पहुँचा? अगर घर के बाहर एक दुनिया है, तो टी० वी० के पंद्रह चैनल भी हैं । कहना कठिन है कि 'असलियत' कहां निर्मित हो रही है : पंद्रह चैनल में से किसी में या घर के बाहर! लोकतंत्र पर डिबेट इतनी घिस गई है कि बहुत कम ध्यान इस ओर है कि आदमी का असलियत में कितना दखल है । यह सब क्रोध अथवा निराशा की बात नहीं, कोरी वास्तविकता से सचेत होने की बात है । प्रस्तुत नाटक 'एक व्यक्ति' पर केंद्रित होते हुए भी व्यक्ति-प्रधान नाटक नहीं है; यद्यपि एक पात्र के शब्दों में-यह नाटक या तो भुवनपति के बारे में है या उसके लिए है ।'' नाटक में दो प्रमुख सूत्र उभरकर आते हैं । एक ओर जहां नाटक की कथावस्तु भूवन- पति के 'प्रसिद्ध चेहरे' के रूप में उत्थान/विकास का संकेत करती है, वहीं सूक्ष्म स्तर पर यह उसके समग्र पतन की कहानी है । 'भुवनपति का गीत' यही कहता है : ''यह क्यों पतन है जब इतना वैभव है, यह क्या पतन है जब इतनी गरिमा ई... '' दूसरा सूत्र नाटक के फॉर्म को लेकर है । इसमें एक अनूठा प्रयत्न है कि व्यक्ति को 'हाड़ मांस का भाव- प्रवण, बड़े सुख-दुख से ग्रसित' दिखाने के बजाय एक प्रोसेस (प्रक्रिया) के रूप में रखा गया है । यह एक महत्वपूर्ण प्रयोग है, जो नाटक में सीधे रूप में उजागर भी किया गया है । इसी के अनुरूप नाटक टुकड़ों में जीवन के विभिन्न पड़ावों पर अपना ध्यान केंद्रित करता है । वास्तव में, यह नाटक अनेक मौलिक तथा महत्वपूर्ण सवाल खड़े करता है । साथ ही रंगकर्मियों के लिए एक रचनात्मक चुनौती भी है 1

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    Raju Sharma

    जन्म: 1959। दिल्ली विश्वविद्यालय के सेन्ट स्टीपें$स कॉलेज से भौतिक विज्ञान में स्नातकोत्तर।

    लेखन के अलावा रंगकर्म, फिल्म व फिल्म-स्क्रिप्ट लेखन में विशेष रुचि व रुझान।

    प्रकाशित कृतियाँ

    उपन्यास: हलफ़नामे

    कहानी-संग्रह: शब्दों का खाकरोब, समय के शरणार्थी

    नाटक: भुवनपति, मध्यम वर्ग का आत्मनिवेदन या गुब्बारों की रूहानी उड़ान

    नेकरा सो व और राज़ (नाटक अनुवाद)

    सम्प्रति: 1982 से भारतीय प्रशासनिक सेवा में कार्यरत।

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