• (011) 23274463
  • Help
INR
 
Shopping Cart (0 item)
My Cart

You have no items in your shopping cart.

You're currently on:

Chaku,Aine Aur BhoolBhulaiya

Chaku,Aine Aur BhoolBhulaiya

Availability: Out of stock

Regular Price: Rs. 195

Special Price Rs. 175

10%

  • Pages: 187p
  • Year: 2001
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Rajkamal Prakashan
  • ISBN 10: 8171787452
  •  
    बोर्खेज ने एक भी उपन्यास नहीं लिखा. नाटक भी नहीं, कोई 'बड़ी' कविता नहीं, कोई आत्मकथात्मक या आलोचना-पुस्तक नहीं, कोई दार्शनिक प्रबंध भी नहीं । उन्होंने बड़े गर्व के साथ आधुनिक साहित्य की समस्त विषय-वस्तुओं की उपेक्षा की । यौन संबंधों के बारे में कुछ नहीं लिखा, सामाजिक अतिरेक के विषय में भी नहीं, राजनीतिक विचारधाराओं या यथार्थ जीवन' के टेक्सचर पर भी कुछ नहीं । उन्होंने प्रकृति में भी कोई रुचि नहीं ली, उनकी सेटिंग्स इतनी उजाड़ और बेहलचल है जितनी डि शिरिका की चित्रकला बोर्खेज किसी ऐसी साहित्यिक परंपरा के रचनाकार हैं जो आज तक अज्ञात है, जो उस परंपरा से बिलकुल भिन्न है जिससे हम परिचित हैं और जिसमें अपना बौद्धिक जीवन जी रहे हैं । . ..लेकिन बोर्खेज को ऐसा 'आदिम' नहीं कह सकते जो अनभिज्ञता की वजह से मौलिकता की ओर आकृष्ट हुआ हो । वे अपनी पीढ़ी के किसी भी व्यक्ति की तरह अनेक साहित्यिक परंपराओं के ज्ञाता थे । जॉयस, सूरत, काफ्का, वर्जीनिया वुल्‍फ़ जिसका उन्होंने अनुवाद किया) से वे बखूबी परिचित थे, फिर भी उनके अपने समूचे जीवनकाल में यूरोप और अमेरिका में जो कुछ लिखा गया उसके अधिकांश की उन्होंने अपेक्षा की । वे ज्यादातर उन्हीं लेखकों से प्रभावित रहे जिनकी पुस्तकें उनके पिता की निजी, समृद्ध लाइब्रेरी में सजी हुई थीं : ब्राउने. डी क्विंसी. कॉलरिज, संसर, शॉ, वेल, किपलिंग, स्टीवेंसन, और वे विद्वान जिन्होंने एनसाइक्लोपीडिया ब्रिटेनिका के लिए लेख लिखे । ये सभी उनकी दुर्नामी (नटोरियस) विद्वत्ता का स्रोत हैं । जेम्स नेल्सन की नजरों में बोइंग के समूचे काम में सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण कृति एक 'एलोक्वेंट' है, शब्द-चातुर्य, जो अनोखा है और अकादमीय मतों के खंडन में किए गए अपने सारे प्रयास की पुष्टि करता है फिर भी, फिर भी... । कालिक क्रम को नकारना, रच को नकारना, खगोलीय ब्रह्मांड को नकारना-बेशक हताशा है, मन को गुपचुप ढांढस देना है । हमारी नियति (अगर उसे स्वीडनबॅर्ग के नर्क के और तिब्बती पुराण के नर्क के कंट्रास्ट में देखें तो) भ्रामक बनी होकर भयावह नहीं है वह इसलिए भयावह है क्योंकि वह अनुत्क्रमणीय और लौहकवचबद्ध है । समय कोई नदी है जो मुझे साथ बहाती है, लेकिन मैं ही नदी हूँ शेर मेरा विनाश करता है, लेकिन मैं ही शेर हूँ अग्नि मुझे भस्म करती है, लेकिन मैं ही अग्नि हूँ । संसार, दुर्भाग्यवश, वास्तविक है; मैं, दुर्भाग्यवश, बोर्खेज हूँ ।

    Customer Reviews

    There are no customer reviews yet.

    Write Your Own Review

    Jorge Luis Borges

    Jorge Luis Borges

    loading...
      • Sarthak An Imprint of Rajkamal Prakshan
      • Chahak An Imprint of Rajkamal Prakshan
      • Funda An Imprint of Radhakrishna
      • Korak An Imprint of Radhakrishna

    Location

    Address:1-B, Netaji Subhash Marg,
    Daryaganj, New Delhi-02

    Mail to: info@rajkamalprakashan.com

    Phone: +91 11 2327 4463/2328 8769

    Fax: +91 11 2327 8144