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Dil Ek Sada Kaghaz

Dil Ek Sada Kaghaz

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  • Pages: 211p
  • Year: 2019, 3rd Ed.
  • Binding:  Paperback
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Rajkamal Prakashan
  • ISBN 13: 9788126719198
  •  
    दिल एक सादा कागज एक तरह आधा गाँव से बिलकुल अलग है । यह आधा गाँव, टोपी शुक्ला, हिम्मत जौनपुरी और ओस की बूँद के सिलसिले की कड़ी है भी और नहीं भी है । दिल एक सादा काग़ज ‘जैदी विला’ के उस भूत की कहानी है जिसके कई नाम थे-रफ्फन, सय्यद ali, रफअत जैदी, बागी आजमी । और यह जैदी विला, ढाका और बम्बई के त्रिकोण की कहानी है । यह कहानी शुरू हुई तो ढाका हिंदुस्तान में था । फिर वह पूरबी पाकिस्तान में होने लगा । और कहानी के ख़त्म होते-होते बांग्लादेश में हो गया । एक तरह से यह ढाका की इस यात्रा की कहानी भिया है, हालाँकि ढाका इस कहानी में कहीं नहीं है । पहले वहां से ख़त आना शुरू होते हैं और फिर रिफ्यूजी, बस । दिल एक सादा कागज बम्बई के उस फ़िल्मी माहौल की कहानी भी है जिसकी भूलभुलैया आदमी को भटका देती है । और वह कहीं का नहीं रह जाता । नए अंदाज और नए तेवर के साथ लिखा गया एक बिलकुल अलग उपन्यास ।

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    Rahi Masoom Raza

    राही मासूम रज़ा

    आपका जन्म 1 सितम्बर, 1925 गाज़ीपुर, उत्तर प्रदेश में हुआ ।

    प्रारम्भिक शिक्षा वहीं, परवर्ती अलीगढ़ यूनिवर्सिटी में। अलीगढ़ यूनिवर्सिटी से ही 'उर्दू साहित्य के भारतीय व्यक्तित्व’ पर पी-एच.डी.। अध्ययन समाप्त करने के बाद अलीगढ़ यूनिवर्सिटी में अध्यापन-कार्य से जीविकोपार्जन की शुरुआत। कई वर्षों तक उर्दू-साहित्य पढ़ाते रहे। बाद में फिल्म-लेखन के लिए बम्बई गए। जीने की जी-तोड़ कोशिशें और आंशिक सफलता। फिल्मों में लिखने के साथ-साथ हिन्दी-उर्दू में समान रूप से सृजनात्मक लेखन। फिल्म-लेखन को बहुत से लेखकों की तरह 'घटिया काम’ नहीं, बल्कि 'सेमी क्रिएटिव’ काम मानते थे। बी.आर. चोपड़ा के निर्देशन में बने महत्त्वपूर्ण दूरदर्शन धारावाहिक 'महाभारत’ के पटकथा और संवाद-लेखक के रूप में प्रशंसित।

    एक ऐसे कवि-कथाकार, जिनके लिए भारतीयता आदमीयत का पर्याय रही।

    प्रकाशित पुस्तकें : आधा गाँव, टोपी शुक्ला, हिम्मत जौनपुरी, सीन : 75, असन्तोष के दिन, ओस की बूँद, दिल एक सादा काग़ज़, कटरा बी आर्जू, नीम का पेड़ (हिंदी उपन्यास), मैं एक फेरीवाला  (हिन्दी  कविता-संग्रह); कारोबारे तमन्ना, क़यामत (हिन्दी उपन्यास); मुहब्बत के सिवा (उर्दू उपन्यास); मैं एक फेरीवाला (हिंदी कविता-संग्रह); नया  साल, मौजे-गुल : मौजे सबा, रक्से-मय, अजनबी शहर : अजनबी रास्ते (उर्दू कविता-संग्रह); अट्ठारह सौ सत्तावन (हिन्दी-उर्दू महाकाव्य) तथा छोटे आदमी की बड़ी कहानी (जीवनी)।

    निधन : 15 मार्च, 1992

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