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Ek Ummid Aur

Ek Ummid Aur

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  • Pages: 126p
  • Year: 2018, 2nd Ed.
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Rajkamal Prakashan
  • ISBN 10: 8126707739
  • ISBN 13: 9788126707737
  •  
    चर्चित और यशस्वी उपन्यासकार अभिमन्यु अनत का यह नया उपन्यास समकालीन उपन्यासों की धारा से कुछ हटकर है जो सहज ही पठनीयता को आमंत्रित करता है। पुनर्जन्म की अवधारणा पर आधारित इस उपन्यास में गर्भस्थ शिशु को नैरेटर बनाकर कथानक का ताना-बाना सिरजा गया है जिसके माध्यम से समकालीन जीवन में बन रहे सामाजिक और प्राकृतिक पर्यावरण के प्रदूषण पर न केवल गहरी और सार्थक चिंता है बल्कि उससे निजात पाने के आवश्यक संकेत भी। बढ़ते शहरीकरण ने जहाँ प्रकृति की सुन्दरता को विनष्ट किया है वहीं सियासतदानों की स्वार्थपरता ने मानव-मानव के बीच नफरत और हिंसा की गहरी खाई पैदा कर दी है। आम आदमी जो कि इन राजनीतिज्ञों और मजहबी, साम्प्रदायिक ताकतों की इस चाल को नहीं समझते हैं वे इनके झाँसे में आकर इस धरती की सुन्दरता को और इंसानियत के निरंतर प्रवाह को क्षति पहुँचाते हैं, लेकिन जब एक शिशु के जन्म की वेला आती है तो फिर दुखी और पीड़ित इंसानों के मन में ‘एक और उम्मीद’ की कोंपल फूटती है। यह उपन्यास इंसानियत की इसी उम्मीद की कोंपल के खिलने की दास्तान है जो अपनी रचनात्मक विशिष्टता और सहज प्रवाह के कारण न केवल पाठकीय संवेदना को स्पंदित करता है बल्कि वैचारिक उत्तेजना को भी नया आयाम प्रदान करता है।

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    Abhimanyu Anat.

    अभिमन्यु अनत 
    जन्म : 9 अगस्त, 1937। मॉरिशस के प्रवासी भारतीय। हिन्दी कथाकार और कवि के रूप में मॉरिशस ही नहीं भारत में भी विशिष्ट ख्याति अर्जित की। अपनी रचनाओं के माध्यम से उन्होंने मॉरिशस में न केवल प्रवासी भारतीयों की अस्मिता को नई पहचान दी बल्कि वहाँ भारतीय संस्कृति और हिन्दी भाषा व साहित्य का प्रचार-प्रसार भी किया।
    उपन्यास, कहानी, कविता, नाटक, जीवनी आदि विधाओं में करीब 55 पुस्तकें प्रकाशित तथा 50 से अधिक हिन्दी नाटकों का लेखन।
    प्रमुख पुस्तकें : लाल पसीना, गांधीजी बोले थे, नदी बहती रही, एक उम्मीर और, एक बीघा प्यार (उपन्यास); खामोशी के चीत्कार (कहानी-संग्रह); नागफनी में उलझी साँसें (कविता-संग्रह); देख कबीरा हाँसी (नाटक)।
    निधन : 4 जून, 2018

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