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Hindi Kahani Ka Itihas-3 (1976-2000)

Hindi Kahani Ka Itihas-3 (1976-2000)

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  • Pages: 428p
  • Year: 2016, 2nd Ed.
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Rajkamal Prakashan
  • ISBN 13: 9788126726011
  •  
    गोपाल राय हिन्दी कथा साहित्य के प्रतिष्ठित विश्लेषक और प्रामाणिक इतिहासकार हैं। हिन्दी कहानी के सुदीर्घ इतिहास के प्रत्येक पक्ष पर उन्होंने विस्तार से लिखा है। 'हिन्दी कहानी का इतिहास' शीर्षक से ये उद्भव से लेकर अब तक की हिन्दी कहानी की रचना-यात्रा को लिपिबद्ध कर रहे हैं। इस पुस्तक के दो खंड प्रकाशित हो चुके हैं। प्रस्तुत पुस्तक इसी महत्त्वपूर्ण योजना का तीसरा खंड है। पहले खंड में 1900-1950 ई. तक की हिन्दी कहानी का इतिहास प्रस्तुत किया गया है। दूसरे खंड में 1951-1975 की हिन्दी कहानी का लेखा-जोखा है। इस तीसरे खंड में 1976 से 2000 के बीच विकसित हिन्दी कहानी का व्यवस्थित इतिहास है। लेखक के अनुसार, 'इस अवधि में जो कहानी-साहित्य रचा गया, उसकी सीमाएँ तो हैं, पर उसका आलेखन और मूल्यांकन कम जरूरी नहीं है। इक्कीसवीं सदी में जो कहानी-साहित्य रचा जा रहा है, उसकी नींव के रूप में इसका विवेचन आवश्यक है।' पुस्तक की खास विशेषता यह भी है कि कहानी की सक्रियताओं के साथ लेखक ने उन विभिन्न सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक व सांस्कृतिक स्थितियों का भी विश्लेषण किया है। जिनका प्रभाव अनिवार्य रूप से रचनाशीलता पर पड़ता है, तथ्यों की प्रामाणिकता और प्रवृत्तियों के विश्लेषण की क्षमता इसे विशेष रूप से उल्लेखनीय कृति बनाती है। हिन्दी कहानी के विकासेतिहास में रुचि रखने वाले पाठकों, शोधार्थियों व लेखकों के लिए समान रूप से महत्त्वपूर्ण कृति।

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    Gopal Ray

    गोपाल राय

    जन्म : 13 जुलाई, 1932 को बिहार के बक्सर जिले के एक गाँव, चुन्नी में, (मैट्रिकुलेशन प्रमाणपत्र के अनुसार)।

    शिक्षा : आरम्भिक शिक्षा गाँव और निकटस्थ कस्बे के स्कूल में। माध्यमिक शिक्षा बक्सर हाई स्कूल, बक्सर और कॉलेज की शिक्षा पटना कॉलेज, पटना में। स्नातकोत्तर शिक्षा हिन्दी-विभाग पटना विश्वविद्यालय, पटना में। पटना विश्वविद्यालय से ही 1964 में 'हिन्दी कथा साहित्य और उसके विकास पर पाठकों की रुचि का प्रभाव’ विषय पर डी.लिट. की उपाधि।

    21 फरवरी, 1957 को पटना विश्वविद्यालय, पटना में हिन्दी प्राध्यापक के रूप में नियुक्ति और वहीं से 4 दिसम्बर, 1992 को प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष के रूप में सेवानिवृत्ति।

    प्रकाशित पुस्तकें : हिन्दी कथा साहित्य और उसके विकास पर पाठकों की रुचि का प्रभाव (1966), हिन्दी उपन्यास कोश : खंड-1 (1968), हिन्दी उपन्यास कोश : खंड-2 (1969), उपन्यास का शिल्प (1973), अज्ञेय और उनके उपन्यास (1975), हिन्दी भाषा का विकास (1995)। हिन्दी कहानी का इतिहास-1 (2008), हिन्दी कहानी का इतिहास-2 (2011), हिन्दी कहानी का इतिहास-3 (2014)।

    'उपन्यास की पहचान’ शृंखला के अन्तर्गत : शेखर : एक जीवनी (1975), गोदान : नया परिप्रेक्ष्य (1982), रंगभूमि : पुनर्मूल्यांकन (1983), मैला आँचल (2000), दिव्या (2001), महाभोज (2002), हिन्दी उपन्यास का इतिहास (2002), उपन्यास की संरचना (2005),  अज्ञेय और उनका कथा-साहित्य (2010)।

    सम्पादन : पं. गौरीदत्त कृत देवरानी-जेठानी की कहानी (1966), हिन्दी साहित्याब्द कोश : 1967-1980 (1968-81), राष्ट्रकवि दिनकर (1975)। जुलाई, 1967 से समीक्षा पत्रिका का कई वर्षों तक सम्पादन-प्रकाशन।

    निधन : 25 सितम्बर, 2015

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