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Janakpriya Evam Anya Kahaniya

Janakpriya Evam Anya Kahaniya

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Special Price Rs. 180

10%

  • Pages: 199p
  • Year: 2012
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Radhakrishna Prakashan
  • ISBN 13: 9788183615181
  •  
    कवि-हृदय मनोज कुमार शर्मा का कहानी संग्रह ‘जनकप्रिया एवं अन्य कहानियाँ’ जीवन के विविध अनुभवों को प्रांजल भाषा में अभिव्यक्त करता है। लेखक के पास संवेदनाओं की सशक्त पूँजी है। यह संवेदना आधुनिक महानगरीय मन और परम्परागत लोकचित्त की साझा निर्मिति है। यही कारण है कि मनोज कुमार शर्मा की कई कहानियाँ लोक स्वभाव का अनुगमन करते हुए लोकलय में लिखी गई हैं। इसे परम्परा को संरक्षित करने की ‘कथात्मक कोशिश’ भी कह सकते हैं। मनोज कुमार शर्मा समकालीन जिन्दगी की विसंगतियों को बहुत सलीके से छू लेते हैं। उन्हें इस बड़बोले समय में शब्द संयम के प्रति सचेत कहानीकार कहा जा सकता है। उन्होंने कुछ नए मुहावरों को रूपायित भी किया है, जैसे ‘मैं वैसे क्रोध तो राजस्थान की वर्षा की तरह कम ही करता हूँ परन्तु उस दिन तो बस चेरापूँजी...।’ ऐसे प्रयोगों से पठनीयता में वृद्धि होने के साथ शैली में एक सुखद चमक भी आ जाती है। समग्रतः प्रस्तुत कहानी संग्रह पाठकों के भावों और विचारों में अपनी जगह बनाएगा, ऐसा विश्वास है।

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    Manoj Kumar Sharma

    शिक्षा: ग्रामीण विकास प्रबन्धन में स्नातकोत्तर।

    प्रकाशित साहित्य: क्या क्या टूट गया भीतर, उसका तो कोई गाँव होगा ही नहीं (कविता संग्रह); जनकप्रिया एवं अन्य कहानियाँ (कहानी संग्रह)।

    विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में कविता तथा कहानियों का नियमित रूप से प्रकाशन।

    पुरस्कार/सम्मान: राजस्थान साहित्य अकादमी के द्वारा सुधींद्र पुरस्कार से सम्मानित (2007), राजस्थान सरकार द्वारा मौलिक लेखन हेतु स्टेट अवार्ड से सम्मानित (2008), पोयट्री सोसाइटी इंडिया द्वारा नई दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में सम्मानित (2010), इण्डो-जापान कल्चरल एवं लिटरेचरल फाउंडेशन द्वारा नई दिल्ली में सम्मानित (2011), न्यूयॉर्क में अप्रवासी भारतीयों के द्वारा साहित्य सृजन हेतु सम्मानित (2007), बीकानेर की साहित्य संस्थाओं द्वारा सम्मानित (2011), टोंक की साहित्य संस्थाओं द्वारा सम्मानित (2011), कोलकाता की चौरंगी लेन स्थित साहित्य सभा में उत्तर-पूर्व के साहित्यकारों द्वारा सम्मानित (2009), जोधपुर की साहित्यिक संस्था ‘संभावना’ द्वारा सम्मानित (2007), समय-समय पर राजस्थान व भारत के विभिन्न राज्यों की साहित्य संस्थाओं द्वारा सम्मानित।

    अन्य उपलब्धियाँ: आठवें विश्व हिन्दी सम्मेलन, संयुक्त राष्ट्रसंघ न्यूयॉर्क में भारत का प्रतिनिधित्व। यूरोप, मध्य-पूर्व एशिया एवं दक्षिण-पूर्व एशिया के विभिन्न देशों में काव्य पाठ। न्यूयॉर्क के आई.टी.वी. एवं मेलबॉर्न रेडियो द्वारा कविता प्रसारण। 50 से अधिक अन्तर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय सम्मेलनों एवं सेमीनारों में प्रतिनिधित्व। राजस्थानी संगीत का एलबम पेन ऑडियो, मुम्बई द्वारा जारी।

    सम्प्रति: राजस्थान प्रशासनिक सेवा अधिकारी।

    सम्पर्क: 79/2, शिप्रा पथ, मानसरोवर, जयपुर। 

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