• (011) 23274463
  • Help
INR
 
Shopping Cart (0 item)
My Cart

You have no items in your shopping cart.

You're currently on:

Karobare Tamanna

Karobare Tamanna

Availability: In stock

-
+

Regular Price: Rs. 300

Special Price Rs. 270

10%

  • Pages: 140
  • Year: 2015, 2nd Ed.
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Rajkamal Prakashan
  • ISBN 13: 9788126724406
  •  
    समस्या बड़ी हो या छोटी, उसका प्रभाव समाज के छोटे-से हिस्से पर हो या देशव्यापी हो, नियम-कानून द्वारा उस पर कितना काबू किया जा सकता है ? यह मुद्दा विचारणीय है । यह वास्तविकता है कि समस्या की जड़ में जाकर मूल कारणों की पहचान की जाए तो समस्या से मुक्ति मिल सकती है । इस दिशा में रचनाकार की भूमिका महत्त्वपूर्ण होती है ।वह समस्या की जड़ में जाकर मूल कारणों की न केवल पहचान करता है, बल्कि उनके विरुद्ध अवाम की मानसिकता का निर्माण करने की जिम्मेदारी भी निभाता है । वेश्यावृति का ज्वलंत मुद्दा उपन्यास कारोबारे तमन्ना के केंद्र में है । निम्नवर्गीय मुस्लिम समाज की आर्थिक और सामजिक पृष्ठभूमि में वेश्यावृति के कारणों की जांच-पड़ताल की गई है । उपन्यास वेश्याओं की जटिल जीवन-शैली और उस वृत्ति के निर्माण की पूरी प्रक्रिया यथार्थ के धरातल पर प्रस्तुत करता है । यह रचना अपनी सम्पूर्णता में उसका विरोध भी करती है । राही मासूम रजा के औपन्यासिक कर्म की मुख्यधारा के बरक्स कारोबारे तमन्ना की खूबी इसके दिलचस्प होने में है । यह अपने कथ्य के आधार पर विशिष्ट है । हिंदी साहित्य की मुख्यधारा में लिखे उपन्यासों से इतर राही ने शाहिद अख्तर और आफाक हैदर नाम से उर्दू भाषा में कई उपन्यासों की परंपरा में परिगणित होने के कारण कभी चर्चा के लायक ही नहीं समझे गए । कारोबारे तमन्ना को डॉ. एम्. फिरोज खां ने लिप्यन्तरित कर हिंदी पाठकों के लिए उपलब्ध कराया है । राही मासूम रजा के असंख्य पाठकों हेतु एक संग्रहणीय पुस्तक ।

    Customer Reviews

    There are no customer reviews yet.

    Write Your Own Review

    Rahi Masoom Raza

    राही मासूम रज़ा

    आपका जन्म 1 सितम्बर, 1925 गाज़ीपुर, उत्तर प्रदेश में हुआ ।

    प्रारम्भिक शिक्षा वहीं, परवर्ती अलीगढ़ यूनिवर्सिटी में। अलीगढ़ यूनिवर्सिटी से ही 'उर्दू साहित्य के भारतीय व्यक्तित्व’ पर पी-एच.डी.। अध्ययन समाप्त करने के बाद अलीगढ़ यूनिवर्सिटी में अध्यापन-कार्य से जीविकोपार्जन की शुरुआत। कई वर्षों तक उर्दू-साहित्य पढ़ाते रहे। बाद में फिल्म-लेखन के लिए बम्बई गए। जीने की जी-तोड़ कोशिशें और आंशिक सफलता। फिल्मों में लिखने के साथ-साथ हिन्दी-उर्दू में समान रूप से सृजनात्मक लेखन। फिल्म-लेखन को बहुत से लेखकों की तरह 'घटिया काम’ नहीं, बल्कि 'सेमी क्रिएटिव’ काम मानते थे। बी.आर. चोपड़ा के निर्देशन में बने महत्त्वपूर्ण दूरदर्शन धारावाहिक 'महाभारत’ के पटकथा और संवाद-लेखक के रूप में प्रशंसित।

    एक ऐसे कवि-कथाकार, जिनके लिए भारतीयता आदमीयत का पर्याय रही।

    प्रकाशित पुस्तकें : आधा गाँव, टोपी शुक्ला, हिम्मत जौनपुरी, सीन : 75, असन्तोष के दिन, ओस की बूँद, दिल एक सादा काग़ज़, कटरा बी आर्जू, नीम का पेड़ (हिंदी उपन्यास), मैं एक फेरीवाला  (हिन्दी  कविता-संग्रह); कारोबारे तमन्ना, क़यामत (हिन्दी उपन्यास); मुहब्बत के सिवा (उर्दू उपन्यास); मैं एक फेरीवाला (हिंदी कविता-संग्रह); नया  साल, मौजे-गुल : मौजे सबा, रक्से-मय, अजनबी शहर : अजनबी रास्ते (उर्दू कविता-संग्रह); अट्ठारह सौ सत्तावन (हिन्दी-उर्दू महाकाव्य) तथा छोटे आदमी की बड़ी कहानी (जीवनी)।

    निधन : 15 मार्च, 1992

    loading...
      • Sarthak An Imprint of Rajkamal Prakshan
      • Chahak An Imprint of Rajkamal Prakshan
      • Funda An Imprint of Radhakrishna
      • Korak An Imprint of Radhakrishna

    Location

    Address:1-B, Netaji Subhash Marg,
    Daryaganj, New Delhi-02

    Mail to: info@rajkamalprakashan.com

    Phone: +91 11 2327 4463/2328 8769

    Fax: +91 11 2327 8144