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Main Pakistan Mein Bharat Ka Jasoos Tha

Main Pakistan Mein Bharat Ka Jasoos Tha

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  • Pages: 188p
  • Year: 2020, 15th Ed.
  • Binding:  Paperback
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Rajkamal Prakashan
  • ISBN 13: 9788126706860
  •  
    जासूसी को लेकर विश्व की विभिन्न भाषाओँ में अनेक सत्यकथाएँ लिखी गई हैं, जिनमे मोहनलाल भास्कर नामक भारतीय जासूस द्वारा लिखित अपनी इस आपबीती का एक अलग स्थान है । इसमें 1965 के भारत-पाक युद्ध के दौरान उसके पाकिस्तान-प्रवेश, मित्रघात के कारण उसकी गिरफ़्तारी और लम्बी जेल-यातना का यथातथ्य चित्रण हुआ है। लेकिन इस कृति के बारे में इतना ही कहना नाकाफी है क्योंकि यह कुछ साहसी और सूझबूझ-भरी घटनाओं का संकलन मात्र नहीं है, बल्कि पाकिस्तान के तत्कालीन हालत का भी ऐतिहासिक विश्लेषण करती है। इसमें पाकिस्तान के तथाकथित भुट्टोवादी लोकतंत्र, निरंतर मजबूत होते जा रहे तानाशाही निजाम तथा धार्मिक कठमुल्लावाद और उसके सामाजिक-आर्थिक अंतर्विरोधों को उघाड़ने के साथ-साथ भारत-विरोधी षड्यंत्रों के उन अंतर्राष्ट्रीय सूत्रों की भी पड़ताल की गई है, जिसके एक असाध्य परिणाम को हम ‘खालिस्तानी’ नासूर की शक्ल में झेल रहे हैं। उसमें जहाँ एक और भास्कर ने पाकिस्तानी जेलों की नारकीय स्थति, जेल-अधिकारियों के अमानवीय व्यवहार के बारे में बताया है, वहीँ पाकिस्तानी अवाम और मेजर अय्याज अहमद सिपरा जैसे व्यक्ति के इंसानी बर्ताव को भी रेखांकित किया है ।

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    Mohanlal Bhaskar

    मोहनलाल भास्कर

    जिस वर्ष 'भारत छोडो' आन्दोलन का प्रारंभ हुआ, उसी वर्ष 30 नवम्बर, 1942 को पंजाब की अबोहर तहसील में आपका जन्म हुआ ।

    अंग्रेजी में एम. ए. मोहनलाल भास्कर ने फ़िरोजपुर छावनी के एम.एल.एम. हायर सेकंडरी स्कूल में अध्यापन कार्य किया । जासूसी के आरोप में पाकिस्तान के लाहौर के कोट लखपत जेल में 14 वर्ष की बामशक्कत कैद गुजारी और उसके पश्चात, जब रिहा हुए तो जिंदगी से रूठे नहीं बल्कि एक नया जोश लेकर जीवन को दुबारा नए सिरे से प्रारंभ किया । इसी कड़ी में समाज-सेवा को मुख्य उद्देश्य बनाया और शिक्षा के क्षेत्र में अहम् योगदान देते हुए 'मानव मंदिर सीनियर सेकंडरी स्कूल' की शुरुआत की ।

    सन 2004 में फ़िल्म-निर्माण के क्षेत्र में कदम रखा और 'ये है प्यार का मौसम' नामक फ़िल्म का निर्माण किया । आपकी आत्मकथा के लिए सन 1989 में 'श्रीकांत वर्मा' पुरस्कार से आपको सम्मानित किया गया ।

    उनकी स्मृति में पिछले पाँच वर्षो से 'श्री मोहनलाल भास्कर फाउंडेशन' द्वारा 'ऑल इंडिया मुशायरा' फिरोजपुर (पंजाब) में करवाया जा रहा है ।

    निधन : 22 दिसम्बर, 2004

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