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Mujhe Kulhin Rahane Do

Mujhe Kulhin Rahane Do

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  • Pages: 115p
  • Year: 2002
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Radhakrishna Prakashan
  • ISBN 10: 8171797841
  •  
    लम्बे अन्तरालों की रचना-प्रवृत्ति के कारण 1976 से लिखते-छपते रहने के बाद भी शंकर प्रलामी को अपेक्षित पहचान नहीं मिली । इसके बावजूद कोई कवि समकालीन कवियों से अलग और महत्त्वपूर्ण कैसे हो जाता है, यह इस संग्रह की कविताओं में मौजूद अनुभूति की गहराई और संघर्ष की केन्द्रीयता से पता चलता है । आग ने आदमी को जानवरों से अलगाया । पानी ने रास्ता दिया. ..गति और मंजिल भी । फिर शुरू हुई 'और. ..और' की एक अन्तहीन दौड़ । आदमी भागने लगा-ऊंचे-ऊंचे, आगे-आगे । तेज प्रकाश-तेज गति । उसकी आंखें चुँधियाती गई । मुट्‌ठी में आग, चुल्‍लू में पानी भरकर वह दुर्गम शिखरों पर जा बैठा । नीचे, अन्धी घाटियों में अपने पीछे छोडू गया अनगिन आदमों-कुलहीनों की एक आदिम भीड़ । वह भीड़ आज भी जुगनू-भर आग, ओस-भर पानी और बोल-भर सम्मान की मुंतजिर है । मगर अब वह हथेली बिछाने के बजाय मुट्‌ठी बाँधकर खड़ी है...युद्धरत । उसका उद्‌घोष अब अनसुना नहीं किया जा सकता : 'कितने प्रवाह रोकोगे-कितनी कीलें ठोकोगे मानवो/जियो तुम अपने वेदों में-पुराणों में श्रुति-स्मृति-आख्यानों में सुनने दो मुझे प्रवाह की अंतर्लीन गाथा चुनने दो प्रपंच-मरु की दहकती धूप से सलीबों के सुवासित फूल चुभने दो अनाचारी कीलों की नोक तले युगों से कराहते अमानवों के अनगिन जख्म सहेजने दो मलिन होते पद-चिहून/विलीन होती पद-धूलि उड़ने दो यह धूलि.. .बन जाने दो बवंडर' कवि के पास अपनी विकसित शैली, भाषा-परिभाषा है जो शब्द और सोच के कई नए अर्थ खोलती है ।

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    Shankar Pralami

    शंकर प्रलामी

    जन्म: 1956; शेरशाह के शहर सासाराम (बिहार) के एक रेलवे क्वार्टर में।

    निवास: नागार्जुन के गाँव से पूरब और राजकमल चौधरी के गाँव से पश्चिम बिरौल, दरभंगा (बिहार)।

    शिक्षा: पिता की सरकारी नौकरी की स्थानान्तरण-कड़ियों में बिहार, बंगाल, झारखंड भटकते हुए स्नातक की डिग्री।

    रचनाएँ: कहने को विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में कविता, कहानी, व्यंग्य, समीक्षा एवं टिप्पणी आदि भुला दिए जाने लायक अंतरालों पर प्रकाशित-पुरस्कृत। एक पाक्षिक में ‘और डूब के जाना है’ शीर्षक से स्तम्भ-लेखन भी।

    गतिविधि: रंगकर्म से जुड़ाव। सामाजिक, सांस्कृतिक एवं साहित्यिक संस्था अनामिका रंगमंच, शहीद कला मंच, शिखा के सचिव पद का प्रभार-निर्वहन।

    संप्रति: बिहार सरकार के अंतर्गत सचिवालय सहायक।

    संपर्क: आई.जी. पुलिस ऑफिस, लहेरिया सराय, दरभंगा - 846001 (बिहार)।

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