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Narak Masiha

Narak Masiha

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  • Pages: 288p
  • Year: 2016, 2nd Ed.
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Rajkamal Prakashan
  • ISBN 13: 9788126727087
  •  
    आधुनिक समाज के हाशियों की उपेक्षित उदासियों का अन्वेषण करनेवाले भगवानदास मोरवाल ने इस उपन्यास में मुख्यधारा की खबर ली है ! वह मुख्यधारा जो किस्म-किस्म की अमानवीय और असामाजिक गतिविधियों से उस ढांचे का निर्माण करती है जिसे हम समाज के रूप में देखते-जानते हैं ! उपन्यास का विषय गैर-सरकारी संगठनों की भीतरी दुनिया है, जहाँ देश के लोगों के दुःख दुकानों पर बिक्री के लिए रखी चीजों की तरह बेचे-ख़रीदे जाते हैं, और सामाजिक-आर्थिक विकास की गंभीर भंगिमाएं पलक झपकते बैंक बैलेंस में बदल जाती हैं ! यह उपन्यास बताता है कि आजादी के बाद वैचारिक-सामाजिक प्रतिबद्धताओ के सत्त्व का क्षरण कितनी तेजी से हुआ है, और आज वह कितने समजघाती रूप में हमारे बीच सक्रिय है ! कल जो लोग समाज के लिए अपना सबकुछ न्योछावर करने की उदात्तता से दीप्त थे, कब और कैसे पुरे समाज, उसके पवित्र विचारों, विश्वासों, प्रतीकों और अवधाराणाओं को अपने हित के लिए इस्तेमाल करने लगे और वह भी इतने निर्लज्ज आत्मिविश्वास के साथ, इस पहेली को खोलना शायद आज के सबसे जरूरी कामों में से एक है ! यह उपन्यास अपने विवरणों से हमें इस जरूरत को और गहराई से महसूस कराता है ! उपन्यास के पात्र अपने स्वार्थो की नग्नता में जिस तरह यहाँ प्रकट हुए हैं, वह डरावना है; पैसा कमाने के तर्क को वे जहाँ तक ले जा चुके हैं, वह एक खोफनाक जगह है-सचमुच का नरक; और जिस भविष्य का संकेत यहाँ से मिलता है, वह वीभत्स है !

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    Bhagwandas Morwal

    जन्म : 23 जनवरी, 1960, नगीना, जिला मेवात (हरियाणा)।

    शिक्षा : एम.ए. (हिन्दी) एवं पत्रकारिता में डिप्लोमा।

    कृतियाँ : उपन्यास : काला पहाड़ (1999), बाबल तेरा देस में (2004), रेत (2008 तथा 2010 में उर्दू में अनुवाद), नरक मसीहा (2014)। कहानी संग्रह : सिला हुआ आदमी (1986), सूर्यास्त से पहले (1990), अस्सी मॉडल उ$र्फ सूबेदार (1994), सीढ़ियाँ, माँ और उसका देवता (2008), लक्ष्मण-रेखा  (2010), दस प्रतिनिधि कहानियाँ (2014)। कविता संग्रह : दोपहरी चुप है (1990)। अन्य : कलयुगी पंचायत (बच्चों के लिए -1997), हिन्दी की श्रेष्ठ व्यंग्य रचनाएँ, सम्पादन (1987), इक्कीस श्रेष्ठ कहानियाँ, सम्पादन (1988)।

    सम्मान/पुरस्कार : 'श्रवण सहाय एवार्ड’ (2012); 'जनकवि मेहरसिंह सम्मान’ (2010), हरियाणा साहित्य अकादमी; 'अंतर्राष्ट्रीय इन्दु शर्मा कथा सम्मान’ (2009) कथा (यूके) लन्दन; 'शब्द साधक ज्यूरी सम्मान’ (2009); 'कथाक्रम सम्मान’ (2006) लखनऊ; 'साहित्यकार सम्मान’ (2004) हिन्दी अकादमी, दिल्ली; 'साहित्यिक कृति सम्मान’ (1999) हिन्दी अकादमी, दिल्ली; 'साहित्यिक कृति सम्मान’ (1994) हिन्दी अकादमी, दिल्ली; पूर्व राष्ट्रपति श्री आर. वेंकटरमण द्वारा मद्रास का 'राजाजी सम्मान’ (1995); 'डॉ. अम्बेडकर सम्मान’ (1985) भारतीय दलित साहित्य अकादमी; पत्रकारिता के लिए 'प्रभादत्त मेमोरियल एवार्ड’ (1985); पत्रकारिता के लिए 'शोभना एवार्ड’ (1984)।

    जनवरी 2008 में ट्यूरिन (इटली) में आयोजित भारतीय लेखक सम्मेलन में शिरकत।

    पूर्व सदस्य, हिन्दी अकादमी (दिल्ली) एवं हरियाणा साहित्य अकादमी।

    सम्प्रति : उपनिदेशक, केन्द्रीय समाज कल्याण बोर्ड, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली।

    सम्पर्क : WZ-745G, दादा देव रोड, नज़दीक बाटा चौक, पालम, नई दिल्ली-110045

    Email : bdmorval@gmail.com

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