• (011) 23274463
  • Help
INR
 
Shopping Cart (0 item)
My Cart

You have no items in your shopping cart.

You're currently on:

Nishkasan

Nishkasan

Availability: In stock

-
+

Regular Price: Rs. 195

Special Price Rs. 175

10%

  • Pages: 143p
  • Year: 2002
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Radhakrishna Prakashan
  • ISBN 13: 8171197396
  •  
    ..' दाँये देखना ठीक नहीं । ' गुरू जी ने कहा । ' और अगर दाँये गड्‌ढा-गुदढी हो तो गुरू जी?, ' तो ज्यादा बाँयें झुक जाओ । ' गुरू जी बोले । ' और अगर उधर भी हो तो? ' ' तो आगे-पीछे हो जाओ । ' ' और आगे-पीछे भी हो तो? ' ' तो सवाल यह होगा कि तुम उस सुरक्षित, विचारहीन जगह पर पहुँचे ही कैसे?, गुरू जी ने कहा । ' यही तो मेरी भी समझ में नहीं आता गुरू जी!' ..' मान लीजिये आपकी बेटी है तब? मुफ्ती की बेटी थी तब? तब तो सारा प्रशासन सिर के बल खड़ा हो गया था! अपहरण और आपूर्ति में ज्यादा फर्क नहीं है पंडित जी! दोनों में अनिच्छित शोषण है । दोनों में हिंसा है । जबर्दस्त शारीरिक और मानसिक अपमान है । दोनों में बल-प्रयोग है, सिर्फ उसके तरीके में अन्तर है । दोनों में फिरौती है-एक में प्रत्यक्ष, दूसरे में परोक्ष । आप क्या समझते हैं, जो देवी जी वहाँ प्रतिष्ठित पद पर आसीन हैं और इस कुकर्म में लिप्त हैं उनका कोई निहित स्वार्थ नहीं होगा? सिर्फ एक घिनौने मजे के लिए वे ऐसा करती होंगी?...लेकिन नहीं, किसी खटिक की बेटी होने का क्या मतलब? उसे नरक में डालो और हंसो । या उसे आपकी तरह ' अन्य मामलों ' के पूरे पर डालकर रफा-दफा कर दो । ' महामहिम खाँसने लगे । ' ...कटुए, क्रिश्चियन और कम्यूनिस्ट, तीनों देशद्रोही हैं-अन्तत: यह उनका और उनकी पार्टी का खुला- छिपा राजनैतिक नारा है । ..' यह कम्यूनिस्टों की साजिश है सर! ' कुलपति ने कहा । महामहिम ने पीछे खड़े अपने प्रमुख सचिव को देखा, जैसे कह रहे हों, उस दिन लॉन में टहलते हुए मैंने आपको बेकार ही डाँटा था । ' ये फाइल है सर। ' कुलपति ने फाइल प्रमुख सचिव की ओर बढ़ायी । ' नहीं, उसकी अब कोई जरूरत नहीं । ' महामहिम ने हाथ के इशारे से मना किया ।

    Customer Reviews

    There are no customer reviews yet.

    Write Your Own Review

    Doodhnath Singh

    दूधनाथ सिंह

    जन्म : 17 अक्टूबर, 1936, उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के एक छोटे-से गाँव सोबंथा में !

    शिक्षा : एम्.ए. (हिंदी साहित्य), इलाहबाद विश्वविद्यालय !

    जीविका : कुछ दिनों (1960-62) तक कलकत्ता में अध्यापन ! फिर इलाहबाद विश्वविद्यालय, हिंदी विभाग में ! अब सेवानिवृत !

    लेखन : सन 1960 के आसपास से !

    कृतियाँ : आखिरी कलाम, निष्कासन, नमो अन्धकार (उपन्यास); सपाट चहरे वाला आदमी, सुखांत, प्रेमकथा का अंत न कोई, माई का शोकगीत, धर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे, तू फू (कहानी-संग्रह); कथा समग्र (सम्पूर्ण कहानियां); यम्गाथा (नाटक); अपनी शताब्दी के नाम, एक और भी आदमी है, युवा खुशबू (कविता-संग्रह); सुरंग से लौटते हुए (लम्बी कविता); निराला : आत्महंता आस्था (निराला की कविताओं पर एक सम्पूर्ण किताब); लौट आ, ओ धर! (संस्मरणात्मक मुक्त गद्य); कहा-सुनी (साक्षात्कार और आलोचना); महादेवी (महादेवी की सम्पूर्ण रचनाओं पर एक किताब) !

    loading...
      • Sarthak An Imprint of Rajkamal Prakshan
      • Chahak An Imprint of Rajkamal Prakshan
      • Funda An Imprint of Radhakrishna
      • Korak An Imprint of Radhakrishna

    Location

    Address:1-B, Netaji Subhash Marg,
    Daryaganj, New Delhi-02

    Mail to: info@rajkamalprakashan.com

    Phone: +91 11 2327 4463/2328 8769

    Fax: +91 11 2327 8144