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Pratinidhi Kahaniyan : Khushwant Singh

Pratinidhi Kahaniyan : Khushwant Singh

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  • Pages: 187p
  • Year: 2019, 4th Ed.
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Rajkamal Prakashan
  • ISBN 13: 9788126722952
  •  
    पत्रकारिता से जुड़े रहकर भी खुशवंत सिंह ने अंग्रेजी में लिखनेवाले एक भारतीय कथाकार के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए रखी है। इस संग्रह में उनकी कुछ प्रतिनिधि कहानियां शामिल हैं, जिन्हें उनके तीन कहानी-संग्रहों से चुना गया है। खुशवंत सिंह की कहानियों का संसार न तो सिमित है और न एकायामी, इसलिए ये कहानियां अपनी विषय-विविधता के लिए विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। ध्यान से पढने पर इनकी दुनिया जहाँ हमारी सामाजिक दुनिया की अनेक खासियतें उजागर करती हैं, वहीँ इनमें लेखक का अपना व्यक्तित्व भी प्रतिध्वनित होता है- विचारोत्तेजक और अनुभूतिप्रवण। शैली सहज, सरल और भाषा प्रवाहमयी है। जीवन के विस्तृत अनुभवों में पगी हुई इन कहानियों में अपने देश की मिटटी की सोंधी गन्ध हैं। मानव-जीवन में गहरे जड़ जमाए खोखले आदर्शो और दकियानूसी परम्पराओं पर कुठाराघात करती हुई ये चुटीली कहानियां अपने समय की जीवंत प्रतिध्वनियाँ हैं, जो यदि हमें गुदगुदाती हैं तो सोचने-समझने के लिए प्रेरित भी करती हैं। लेकिन साथ ही ये एक ऐसे भारतीय लेखक की कहानियां भी हैं, जो अपने मुंहफट स्वाभाव और स्वतंत्र विचारों के लिए बहुत बार विवादों के घेरे में रहा है।

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    Khushwant Singh

    खुशवन्त सिंह

    जन्म : 15 अगस्त, 1915, हडाली (अब पाकिस्तान में)।

    शिक्षा : लाहौर से स्नातक तथा किंग्स कॉलेज, लंदन से एल.एल.बी.।

    उपलब्धियाँ : 1939 से 1947 तक लाहौर हाईकोर्ट में वकालत की। विभाजन के बाद भारत की ‘राजनयिक सेवा’ के अन्तर्गत कनाडा में ‘इन्फॉर्मेशन अफसर’ तथा इंग्लैंड में भारतीय उच्चायुक्त के ‘प्रेस अटैची’ रहे। कुछ वर्षों तक प्रिंस्टन तथा स्वार्थमोर विश्वविद्यालयों में अध्यापन भी किया। भारत लौटकर नौ वर्षों तक इलस्ट्रेटेड वीकली तथा तीन वर्षों तक हिन्दुस्तान टाइम्स का कुशल सम्पादन किया। 1980 में राज्यसभा के सदस्य मनोनीत हुए। 1974 में पद्मभूषण की उपाधि मिली, जिसे ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ के खिलाफ  गुस्सा जताते हुए लौटा दिया।

    तीस से अधिक पुस्तकें, जिनमें प्रमुख हैं : ट्रेन टु पाकिस्तान, हिस्ट्री ऑफ सिख्स  के दो खंड तथा रंजीत सिंह। राजकमल प्रकाशन से प्रकाशित पुस्तकें-पाकिस्तान मेल, मेरा लहुलूहान पंजाब, प्रतिनिधि कहानियाँ, सच प्यार और थोड़ी से शरारत, मृत्यु मेरे द्वार पर ।

    निधन : 20 मार्च, 2014

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