• (011) 23274463
  • Help
INR
 
Shopping Cart (0 item)
My Cart

You have no items in your shopping cart.

You're currently on:

Rahul Sanskrityayan : Jinhe Seemayen Nahi Rok Saki

Rahul Sanskrityayan : Jinhe Seemayen Nahi Rok Saki

Availability: In stock

-
+

Regular Price: Rs. 300

Special Price Rs. 270

10%

  • Pages: 164p
  • Year: 2019, 1st Ed.
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Lokbharti Prakashan
  • ISBN 13: 9789389243338
  •  
    अद्वितीय प्रतिभा के धनी महापण्डित राहुल सांकृत्यायन की लेखनी से कोई भी ऐसी विधा अछूती नहीं रह गयी थी, जिसका सम्बन्ध जन-जीवन से हो । एक साथ कवि, कहानीकार, उपन्यासकार, आलोचक, भाषाशास्त्री, इतिहासकार, पुरातत्ववेत्ता, दार्शनिक, पर्यटक, समाज सुधारक, राजनेता, विज्ञान और भूगोल वेत्ता, गणितज्ञ, शिक्षक, कुशल वक्ता तथा जितने भी समाज के स्वीकार्य रूप हो सकते हैं, उनमे सब विद्यमान थे । अपने विचार स्वातंत्र्य के लिए ज्ञात राहुल जी ने जो भी लिखा, साक्ष्यसहित और निर्भीकतापूर्वक लिखा बिना यह सोचे कि उनके विचारों से किसी की भावना आहत भी हो सकती है । संघर्षो से भरा उनका जीवन अन्धविश्वास उन्मूलन और अमीरी गरीबी के भेद से रहित समानधर्मा समाज की स्थापना के लिए समर्पित था । इस त्याग के लिए उन्हें विरोधियों की आलोचनाओं का शिकार होना पड़ा, जेल जीवन और दंड[प्रहार की यातनायें भी सहनी पड़ी थीं । वे कई भारतीय और विदेशी भाषाओँ के ज्ञाता थे किन्तु उनका हिंदी के प्रति प्रेम अटूट था । जन-जन में यात्राओं के प्रति उत्साह भरने वाले राहुल जी ने ऐसे-ऐसे दुर्गम स्थानों की यात्राएँ की हैं और उन्हें लिपिबद्ध किया है, जिनके बारे में सोचते ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं ।

    Customer Reviews

    There are no customer reviews yet.

    Write Your Own Review

    Jagdish Prasad Baranwal 'Kund'

    जगदीश प्रसाद बरनवाल 'कुन्द'

    जन्म : 31 जुलाई 1949 ई., सर्फुद्दीनपुर, आजमगढ़ (उ.प्र.)

    शिक्षा : एम. ए. (हिंदी)

    साहित्य-सेवा : साहित्य के प्रति बचपन से अभिरुचि । वर्ष 1963 ई. में 'आज' में प्रथम कविता प्रकाशित । तब से 'आज', दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान, नवजीवन, जनवार्ता, जनमोर्चा, साक्षी, देश-देश की बात, समीक्षा, नवज्योति, सर्वहितकारी, धाराप्रवाह, प्रज्ञा, सबके दावेदार, सप्तपर्णी, कलाकुंज, आजकल, संस्कृति, नया ज्ञानोदय, समकालीन भारतीय, सोच-विचार, सम्मलेन, पुनर्नवा आदि पत्र-पत्रिकाओं तथा कई संग्रहों, स्मारिकाओं में कविता, कहानी, लेख, नाटक, समीक्षा आदि का नियमित/अनियमित लेखन एवं प्रकाशन ।

    पुरस्कार : वर्ष 1966 ई. में उत्तर प्रदेश सरकार 'धरती की लाल' लघु नाटक पर प्रथम पुरस्कार ।

    प्रकाशित रचनाएँ : विदेशी विद्वानों का हिंदी प्रेम, विदेशी विद्वानों की दृष्टि में हिंदी रचनाकर, विदेशी विद्वानों का संस्कृत प्रेम, अनुरंजिता, सच के करीब (कहानी संग्रह), सूरज का रूप, जीवन-लय (कविता संग्रह), बिरही बिसराम (भोजपुरी नाटक) आदि ।

    loading...
      • Sarthak An Imprint of Rajkamal Prakshan
      • Chahak An Imprint of Rajkamal Prakshan
      • Funda An Imprint of Radhakrishna
      • Korak An Imprint of Radhakrishna

    Location

    Address:1-B, Netaji Subhash Marg,
    Daryaganj, New Delhi-02

    Mail to: info@rajkamalprakashan.com

    Phone: +91 11 2327 4463/2328 8769

    Fax: +91 11 2327 8144