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Yashpal Ka Kahani Sansar Ek Antrang Parichya

Yashpal Ka Kahani Sansar Ek Antrang Parichya

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  • Pages: 168p
  • Year: 2005
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Lokbharti Prakashan
  • ISBN 10: 8180310426
  •  
    यह सर्वविदित है कि यशपाल प्रेमचन्दोत्तर कथाकारों में श्रेष्ठतम हैं । भारतीय जीवन के आदर्शवादी विचारों और व्यवहार में जो झूठ की दीवारें खड़ी थी, उन्हें गिराने में यशपाल ने अपनी कलम का इस्तेमाल किया । जीवन का कोई भी क्षेत्र उनके प्रहारों से बच न सका । यशपाल कालजयी लेखक हैं । कथाकार की हैसियत से यशपाल की लोकप्रियता हिन्दी- जगत् में जितनी व्यापक है, हिन्दीतर-जगत् में उससे थोड़ी भी कम नहीं है । इसका कारण यह है कि कथाकार यशपाल ने शोषित वर्ग के जीवन का यथार्थपरक चित्र अंकित किया है । सी. एम. योहन्नान केरल विश्वविद्यालय के मार इवानियोस कालेज तिरुअनंतपुरम के हिन्दी विभाग के प्राध्यापक ने अपने शोध ग्रन्थ ' यशपाल और केशव देव के कहानी साहित्य का तुलनात्मक अध्ययन, पर पीएच .डी. की उपाधि प्रदान की है । प्रस्तुत शोध कार्य केरल विश्वविद्यालय के हिन्दी प्रोफेसर डॉ. वी .पी .एम. मेत्तर के मार्ग निर्देशन में किया गया । यह पुस्तक उसी शोध ग्रन्थ का पूरक है ।

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    C. M. Yohannan

    सी. एम्. योहन्नान

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