• (011) 23274463
  • Help
INR
 
Shopping Cart (0 item)
My Cart

You have no items in your shopping cart.

You're currently on:

Bhojpuri Lok Geeton Mein Swadhinta Andolan

Bhojpuri Lok Geeton Mein Swadhinta Andolan

Availability: In stock

-
+

Regular Price: Rs. 400

Special Price Rs. 360

10%

  • Pages: 168p
  • Year: 2014, 1st Ed.
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Lokbharti Prakashan
  • ISBN 13: 9788180318436
  •  
    मानव की सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक, धार्मिक, सांस्कृतिक आदि सभी चेतनाओं का प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप लोक-गीतों में समाहित रहता है । दरअसल ये लोकगीत हमारे वे महत्वपूर्ण दस्तावेज है जिनमें साधारण से साधारण घटना को आम लोगों ने लोक-गीतों के अन्दाज में सहजता से दर्ज किया है । अवधी, भोजपुरी, ब्रज, बुन्देली, छत्तीसगढ़ी, मैथिली, मगधी आदि लोक-गीतों में राष्ट्रीय, साहित्यिक, -धार्मिक, सांस्कृतिक तथा ऐतिहासिक तत्त्व अनेकानेक परतों में परम्परागत रूप से विद्यमान है । इन लोक-गीतों के पीछे जो मार्मिक अनुभूतियाँ एवं सजीवता भरी है, वह अन्यत्र दुर्लभ है । भारतीय इतिहास लेखन की परम्परा में लोक एवं लोक-गीत अभी हाल तक अनुपस्थित रहे है । चाहे उपनिवेशवादी इतिहासकार हों, राष्ट्रवादी इतिहासकार हों, मार्क्सवादी इतिहासकार हों या उपाश्रयी इतिहासकार सबके लेखन से यह प्राय: अछूता ही रहा है । इधर इतिहासकारों का एक वर्ग लोक-गीतों, लोक-परम्पराओं एवं लोक-संस्कृति को अपने अध्ययन एवं लेखन का केन्द्र बना रहा है, जिससे भारतीय इतिहास के अनेक अछूते तथ्य सामने आ रहे है । स्वाधीनता संग्राम की समग्र तस्वीर लोक-गीतों, लोक-कथाओं, लोक-मुहावरों आदि के अध्ययन के बिना नहीं तैयार की जा सकती । अवधी, भोजपुरी, मैथिली, बुन्देली, ब्रज, छत्तीसगढ़ी, राजस्थानी आदि लोक-गीतों में इसकी जो विभिन्न छवियाँ है इनके द्वारा स्वतन्त्रता संग्राम का एक समानान्तर इतिहास लिखा जा सकता है । इस पुस्तक के माध्यम से लेखक ने यही प्रयत्न करते हुए लोक-गीतों के आलोक में भारतीय स्वाधीनता संग्राम को नये परिप्रेक्ष्‍य में समझने की सफल कोशिश की है ।

    Customer Reviews

    There are no customer reviews yet.

    Write Your Own Review

    Santosh Kumar Chaturvedi


    डॉ. सन्तोष कुमार चतुर्वेदी
    जन्म : 2 नवम्बर, 1971 ई. को उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के हुसेनाबाद गाँव में एक सामान्य कृषक परिवार में ।
    शिक्षा : सम्पूर्ण प्राथमिक शिक्षा गाँव में, उच्च शिक्षा इलाहाबाद विश्वविद्यालय से । 'प्राचीन इतिहास, संस्कृति एव पुरातत्व' तथा इतिहास विषय से परास्नातक । एल-एल. बी., पत्रकारिता, एवं जनसंचार में परास्नातक डिप्लोमा, प्राचीन इतिहास से डी. फिल. ।
    गतिविधियाँ : 1997 से 2010 तक 'कथा'  ' पत्रिका के सहायक सम्पादक । जनवरी 2011 से अनियतकालिक साहित्यिक-सांस्कृतिक  'अनहद' का सम्पादन । इलाहाबाद के दूरदर्शन एवं आकाशवाणी केन्द्रों से समय-समय पर कविताओं का प्रसारण ।
    प्रकाशित कृतियाँ द कविता संग्रह 'पहली बार', 'दक्खिन का भी अपना पूरब होता है । '  ' भारतीय संस्कृति' ।
    ' देश भर की प्रतिष्ठित साहित्यिक पत्र-पत्रिकाओं में कविताओं 'का प्रकाशन ।
    पुरस्कार : वर्तमान साहित्य का मलखान सिंह सिसौदिया पुरस्कार 201
    सम्प्रति : उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले के मऊ के एम. पी. पी. जी. कॉलेज में इतिहास के विभागाध्यक्ष ।

    loading...
      • Sarthak An Imprint of Rajkamal Prakshan
      • Chahak An Imprint of Rajkamal Prakshan
      • Funda An Imprint of Radhakrishna
      • Korak An Imprint of Radhakrishna
    Location

    Address:1-B, Netaji Subhash Marg,
    Daryaganj, New Delhi-02

    Mail to: info@rajkamalprakashan.com

    Phone: +91 11 2327 4463/2328 8769

    Fax: +91 11 2327 8144