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Sarvar Down Hai

Sarvar Down Hai

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  • Pages: 336
  • Year: 2012, 1st Ed.
  • Binding:  Paperback
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Lokbharti Prakashan
  • ISBN 13: 9788180316913
  •  
    सृजन ह्रदय की अकुलाहट व्यक्त करने का माध्यम है ! जब कोई संवेदनशील रचनाकार किसी विधा की अभिव्यक्ति के लिए अपर्याप्त पाटा है तो वह विधाओं के दर-दर पर भटकता है ! जीवन इतना जटिल है कि उसे विश्लेषित करना, समझना और अभिव्यक्त करना किसी भी संवेदनशील रचनाकार के लिए एक चुनौतीपूर्ण रचनाकर्म बना रहता है ! शायद यही कारण है कि यश मालवीय भी विधा-दर-विधा भटकते रहते हैं ! किसी भी बेचैन रूह के परिंदे की यही परिणति है ! किसी भी पाठक के लिए यह एक चौकानेवाला अनुभव होता है जब वह यश का अत्यन्त भावप्रवण गीत पढने के बाद अचानक उसके किसी तीखे व्यंग्य लेख से साक्षात्कार करता है ! कई बार तो यह तय करना मुश्किल हो जाता है कि यश मूल रूप से संवेदनशील कवि हैं अथवा व्यग्यकार ! यश के पिता स्वर्गीय उमाकांत मालवीय इस बेचैनी के शिकार थे मगर वह स्थितियों को उजागर करने के लिए अतीतोंमुख हो जाते थे ! यह बेचैनी एक तरह से यह को विरासत में मिली है ! उनका दृष्टिकोण इस दृष्टि से नितांत भिन्न है, वह वर्तमान से उचककर भविष्य की और झाँकने की कोशिश करते हैं ! ऐसे रचनाकारों को एक समय में बहुमुखी प्रतिभा के धनि कहा जाता था ! समसामयिक ज्वलंत प्रश्नों पर शरद जोशी बहुत निर्ममता से प्रहार करते थे, उनके बाद यश प्रवृति यश में देखि जा सकती है ! वह विदाम्ब्नापूर्ण परिस्थितियों का अन्तःपरिक्षण करके यथार्थ से मुठभेड़ करते हैं ! शरद जोशी की ही तरह यश के व्यग्य लेख भी पत्र-पत्रिकाओं के अलावा दैनिक पात्रों के पृष्ठों पर बिखरे पड़े हैं ! शरद जोशी के व्यग्य लेखों के संकलन का कार्य आज तक जारी है ! यह एक सुखद आश्चर्य है कि यश यह काम स्वयं कर रहे हैं, और इसी क्रम में उनका यह संकलन व्यंग्य लेखन की समृद्ध परंपरा में एक मील का पत्थर साबित होगा !

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    Yash Malviya

    यश मालवीय

     जन्म: 18 जुलाई, 1962, कानपुर

    शिक्षा: इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक

    गतिविधियाँ: साहित्य की विभिन्न विधाओं में लेखन। प्रमुख रूप से नवगीत लेखन। कवि सम्मेलनों में भागीदारी के अतिरिक्त दूरदर्शन, आकाशवाणी के विभिन्न केन्द्रों से रचनाओं का प्रसारण, पत्रा-पत्रिपाकाओं में सतत् प्रकाशन।

    कृतियाँ: ‘कहो सदाशिव’, ‘उड़ान से पहले’, ‘एक चिड़िया अलगनी पर एक मन में’, ‘बुद्ध मुसकुराए’, ‘कुछ बोलो चिड़िया’, ‘रोशनी देती बीड़ियाँ, ‘नींद कागज की तरह’, ‘एक आग आदिम’, (सभी नवगीत संग्रह)। ‘चिंगारी के बीज’ (दोहा संग्रह), ‘इंटरनेट पर लड्डू’, ‘कृपया लाइन में आए’, ‘सर्वर डाउन है’ (सभी व्यंग्य संग्रह) ‘ताक धिनाधिन’, ‘रेनी डे’ (दोनों बालगीत संग्रह) एक नाटक ‘मैं कठपुतली अलबेली’ भारत रंग महोत्सव नई दिल्ली में मंचित।

    नवीनतम नवगीत संग्रह: ‘समय लकड़हारा’।

    पुरस्कार: दो बार उ.प्र. हिन्दी संस्थान का निराला सम्मान, संस्थान का ही सर्जना सम्मान व उमाकांत मालवीय सम्मान।

    मोदी कला भारती मुंबई का युवा कविता सम्मान। ‘परम्परा का ़तुराज सम्मान, नई दिल्ली; शकुतला सिरोठिया बाल साहित्य पुरस्कार।

    सम्पर्क: ‘रामेश्वरम्’, ए-111 मेंहदौरी कॉलोनी, इलाहाबाद-211004।

    मो.: 9839792402

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