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Kaushambi : Prachin Bharat Ka Ek Gauravshali Nagar

Kaushambi : Prachin Bharat Ka Ek Gauravshali Nagar

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  • Pages: 212p
  • Year: 2019, 1st Ed.
  • Binding:  Paperback
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Lokbharti Prakashan
  • ISBN 13: 9789388211888
  •  
    प्राचीन भारत का एक गौरवशाली नगर कौशाम्बी ऐतिहासिक दृष्टि से अशोक, कनिष्क,समुद्रगुप्त, हर्षवर्द्धन आदि प्रतापी शासको की महत्वाकांक्षा का एक प्रमुख केन्द्र थी । उत्तर वैदिक काल से मुगल-काल तक कौशाम्बी का पौराणिक, धार्मिक, ऐतिहासिक, राजनैतिक और सांस्कृतिक महत्त्व भारतीय ग्रन्थों में प्रतिबिम्बित है । कौशाम्बी के उत्खनन के दौरान प्रथम सहस्राब्दी ई.पू. की आरम्भिक शताब्दियों में नगरीकरण और नगर के दुर्गीकरण के स्पष्ट संकेत मिले है । यहाँ यमुना नदी के बायें तट पर उदयन का बनवाया हुआ एक किला था , जिसके भग्नावशेष एक विशाल टीले के रूप में कोसम और गढ़वा नामक ग्रामों के बीच में स्थित है । गुप्त-साम्राज्य के विघटन के साथ ही कौशाम्बी नगर भी पतनोन्मुख हो गया । गुप्त साम्राज्य के बाद छोटे-बडे कई राजवंशों का प्रादुर्भाव हुआ । नये राजधानी नगरों के उदय के कारण कौशाम्बी का महत्त्व स्वाभाविक रूप से कम हो गया । इसी बीच हूण हमलावरों के आक्रमण के कारण कौशाम्बी नगर तहस-नहस हो गया । इतिहास की एक समृद्ध थाती को अपने सीने में सँजोये यह पुरातन नगर अपने गौरवशाली अतीत को पुनर्जीवित करने के लिए मानों आकुल है । यह पुस्तक कौशाम्बी की उसी अकुलाहट से उपजा एक क्षीण-मन्द राग है । इसमें इतिहास के तमाम आरोहों-अवरोहों को यथासम्भव स्वर देने का प्रयास किया गया है ।

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    Kumar Nirmalendu

    कुमार निर्मलेन्दु

    जन्म : 21 अक्टूबर, 1967 को बिहार में मुंगेर प्रमण्डल के शेखपुरा जिलान्तर्गत सादिकपुर नामक गॉव में ।

    शिक्षा : इतिहास विषय से एम.ए. ।

    गतिविधियाँ : विगत तो दशकों से राजकीय सेवा में । वर्तमान में उत्तर प्रदेश खादूय एवं रसद विभाग में राजपत्रित अधिकारी के रूप में कार्यरत ।

    साहित्य सेवा : हिन्दी साहित्य और इतिहास दोनों ही विषयों में समान रूप से सक्रिय । साहित्य, कला एवं संस्कृति सम्बन्धी विषयों पर विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में अनियमित लेखन ।

    प्रकाशित और सम्पादित पुस्तकें: 'मगधनामा' तथा ‘उपकार सामान्य हिन्दी, रूपरेखा, व्याकरण एवं प्रयोग' । महात्मा गॉधी अन्तर्राष्ट्रीय हिन्दी वि.वि. वर्धा के प्रो. कृष्ण कुमार सिह के साथ मिलकर 'प्रेमचन्द: जीवन-दृष्टि और संवेदना' नामक पुस्तक का सम्पादन, डॉ. गणेश पाण्डेय के साथ मिलकर 'यात्रा' नामक एक अनियतकालीन

    साहित्यिक लधु पत्रिका का सम्पादन | कुछ अन्य किताबें प्रकाशन की प्रकिया में ।

    सम्पर्क : जिला आपूर्ति अधिकारी, कौशाम्बी (उत्तर प्रदेश)

    ई-मेल kumarnirmalendu@gmail.com

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