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Magadhnama

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  • Pages: 447p
  • Year: 2019, 1st Ed.
  • Binding:  Paperback
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Lokbharti Prakashan
  • ISBN 13: 9789388211611
  •  
    मगध अपने आरम्भिक दिनों में वैदिक आर्य संस्कृति के प्रभाव से मुक्त रहा है । तब वह 'व्रात्य-सभ्यता' का केन्द्र हुआ करता था । वैसे आगे चलकर च्यवन और दधीचि जैसे ऋषियों का जन्म मगध में ही हुआ । अथर्ववेद की रचना भी यहीं हुई । मगध की धरती पर तेईसवें तीर्थकर पार्श्वनाथ को तत्वज्ञान हुआ, चौबीसवें तीर्थकर वर्द्धमान महावीर को कैवल्य ज्ञान मिला; और गौतम सिद्धार्थ क्रो बुद्धत्व की प्राप्ति भी हुई । मगध की धरती पर यदि शूरवीरों की तलवारों की झंकार गूँजी; तो पूरी दुनिया को प्रेम, सत्य और अहिंसा का संदेश देने वाले बुद्ध और महावीर की अमृतवाणी भी मुखरित हुई । महावीर ने राजगृह में पहला सामूहिक उपदेश दिया; और राजगृह के समीप पावापुरी में राजा संस्थिपाल के राजभवन में उनका देहान्त हुआ । कुल चौबीस जैन तीर्थकरों में से दो को छोड़कर अन्य सभी ने मगध की धरती पर ही निर्वाण प्राप्त किया । यहीं खगोलविद आर्यभट पैदा हुए और गदूयकवि बाणभट्ट भी । यहाँ चाणक्य और कामन्दक जैसे कूटनीति-दक्ष आचार्य हुए; तो जीवक और धनवन्तरि जैसे आयुर्वेदाचार्य भी । बिम्बिसार, अजातशत्रु, उदयिन,कालाशोक, महापदयनंन्द, चन्द्रगुप्त मौर्य,अशोक, पुष्यमित्र शुंभ, चन्द्रगुप्त प्रथम,समुद्रगुप्त, चन्द्रगुप्त द्वितीय विक्रमादित्य जैसे प्रतापी राजाओं की एक लम्बी श्रृंखला है,जिनकी जन्मदात्री होने पर किसी को भी गर्व हो सकता है ।

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    Kumar Nirmalendu

    कुमार निर्मलेन्दु

    जन्म : 21 अक्टूबर, 1967 को बिहार में मुंगेर प्रमण्डल के शेखपुरा जिलान्तर्गत सादिकपुर नामक गॉव में ।

    शिक्षा : इतिहास विषय से एम.ए. ।

    गतिविधियाँ : विगत तो दशकों से राजकीय सेवा में । वर्तमान में उत्तर प्रदेश खादूय एवं रसद विभाग में राजपत्रित अधिकारी के रूप में कार्यरत ।

    साहित्य सेवा : हिन्दी साहित्य और इतिहास दोनों ही विषयों में समान रूप से सक्रिय । साहित्य, कला एवं संस्कृति सम्बन्धी विषयों पर विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में अनियमित लेखन ।

    प्रकाशित और सम्पादित पुस्तकें: 'मगधनामा' तथा ‘उपकार सामान्य हिन्दी, रूपरेखा, व्याकरण एवं प्रयोग' । महात्मा गॉधी अन्तर्राष्ट्रीय हिन्दी वि.वि. वर्धा के प्रो. कृष्ण कुमार सिह के साथ मिलकर 'प्रेमचन्द: जीवन-दृष्टि और संवेदना' नामक पुस्तक का सम्पादन, डॉ. गणेश पाण्डेय के साथ मिलकर 'यात्रा' नामक एक अनियतकालीन

    साहित्यिक लधु पत्रिका का सम्पादन | कुछ अन्य किताबें प्रकाशन की प्रकिया में ।

    सम्पर्क : जिला आपूर्ति अधिकारी, कौशाम्बी (उत्तर प्रदेश)

    ई-मेल kumarnirmalendu@gmail.com

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