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Prayojanmoolak Hindi

Prayojanmoolak Hindi

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  • Pages: 280
  • Year: 2015
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Lokbharti Prakashan
  • ISBN 13: 9789352210619
  •  
    Digital Edition Available Instantly on Pajkamal Books Library on
    स्वतंत्र भारत में हिंदी विविध रूपों में प्रयुक्त होती है ! इस पहलू का अध्ययन 'प्रयोजनमूलक अध्ययन' कहलाता है ! बम्बइया बाजार में ग्राहक दूकानदार से कहता है-"हम को फ्रेश भाजी मांगता है !" यह भी हिंदी है ! स्वस्थ्य-विज्ञान का निम्नलिखित वाकया भी हिंदी है-"मानव का रक्तचाप संतुलित रखना स्वस्थ्य के लिए आवश्यक है !" हिंदी भाषा के ऐसे विविध प्रयोजनों में अब प्रशासन सबसे महत्तपूर्ण हो गया है ! स्वतंत्र भारत की सरकार ने हिंदी को राजभाषा का पद दिया तो उसके प्रशासनिक स्वरुप का अध्ययन जोरों से होने लगा ! इसी के फलस्वरूप अब प्रकाशन-क्षेत्र में प्रयोजनमूलक हिंदी पर कई पुस्तके मिलती हैं ! डॉ. लता की यह पुस्तक इस दिशा की नवीनतम रचना है ! लता वर्षों से प्रयोजनमूलक हिंदी सिखाती रही है ! अतएव उसने बहुत से प्रमाणिक ग्रंथो का मनन-मंथन करके यह नवनीत निकाला है ! अनुभवी प्राध्यापिका ने छात्रों की जरूरत पहचानकर उनसे न्याय किया है ! उसकी भाषा स्पष्ट व् सरल है ! तकनिकी लेखन की यह पहली शर्त है !

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    Dr. P. Lata

    डॉ. प. लता

    शिक्षा : एम्.ए. (हिंदी), एम्.ए. (मलयालम), एम्.फिल (हिंदी), पी-एच.डी. (हिंदी) !

    पूर्व प्रोफेसर और अध्यक्षा, हिंदी विभाग, सरकारी महिला महाविद्यालय, तिरुवनंतपुरम !

    रचना-संसार : विविध हिंदी पत्रिकाओं में शोध लेख, कहानियां (मौलिक और अनुदित), कविताएँ (मौलिक और अनुदित) प्रकाशित !

    केरल के प्रथम हिंदी पत्रकार जी. नील्कथान नायर की अप्रकाशित आत्मकथा 'यान जी. एन.' (मलयालम) का हिंदी अनुवाद 'मैं जी.एन.' नाम से 'सग्रथान' पत्रिका में धारावाहिक प्रकाशित !

    प्रकाशित पुस्तकें : प्रयोजनमूलक हिंदी, हिंदी भाषा के विविध रूप, केरल की हिंदी पत्रकारिता का इतिहास, व्यावहारिक अनुवाद (सहलेखन), नव संकलन (सहलेखन), अभिनव संकलन (सहलेखन), हिंदी-मलयालम तुलनात्मक अध्ययन (सहलेखन) !

    पुरस्कार व् सम्मान : 'केरल हिंदी साहित्य अकादमी पुरस्कार', 'डॉ. महाराज कृष्ण जैन स्मृति सम्मान', 'समग्र हिंदी सेवा पुरस्कार', 'राष्ट्रीय हिंदी साहित्य सम्मलेन', तिरुवनंतपुरम का पुरस्कार, 'आन्ध्र प्रदेश पत्रकार संघ', हैदराबाद का पुरस्कार, 'केरल हिंदी प्रचार सभा', तिरुवनंतपुरम की ओर से सम्मान आदि !

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