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Premchand Ki Virasat Aur Godan

Premchand Ki Virasat Aur Godan

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  • Pages: 153p
  • Year: 2011
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Lokbharti Prakashan
  • ISBN 13: 9788180316111
  •  
    'गोदान' मूलत: ग्राम-केन्द्रित उपन्यास है और उसी रूप में मान्य भी है । 'गोदान' में ग्राम और नगर की इन दुहरी कथाओं को लेकर उसके रचना-काल से तरह-तरह के सवाल और विवाद उठाये गये हैं तथा दोनों के समुचित संयोजन पर भी प्रश्नचिह्न लगाये गये हैं । उपन्यास में गाँव की कथावस्तु के साथ नगर की कथा को जोड़ने में प्रेमचन्द का उद्देश्य क्या था, और दोनों के संयोजन में वे कहाँ तक अपने संवेदनात्मक उद्देश्य को पूरा कर सके । 'गोदान', हिन्दी कथा-साहित्य को प्रेमचन्द की बहुत महत्त्वपूर्ण देन है । उसे साहित्य के क्षेत्र में एक 'क्लासिक' का स्थान मिला है । अपने गहन संवेदनात्मक गुण और अपने निहायत सादे किन्तु अतिशय प्रभावशाली रचना-शिल्प के नाते उपन्यास के भावी विकास के मानक के तौर पर स्वीकार किया गया है । उपन्यास के परवर्ती विकास में उसकी छाप और उसके प्रतिचित्र आसानी से देखे और परखे जा सकते हैं ।

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    Shivkumar Mishra

    शिवकुमार मिश्र

    जन्म : 2 फरवरी 1931, कानपुर (उ.प्र.) !

    शिक्षा : एम्.एम्. तक की शिक्षा, कानपुर में ! पी.एच-डी. तथा डी. लिट्. सागर विश्वविद्यालय, सागर, म.प्र. से !

    गतिविधियाँ : सन 1959 से सन 1977 तक सागर विश्वविद्यालय में तथा उसके उपरांत 1991 ई. तक सरदार पटेल विश्वविद्यालय, वल्लभ विद्यानगर (गुजरात) में अध्यापन ! भारत सरकार की सांस्कृतिक आदान-प्रदान योजना के तहत 1991 ई. में 15 दिन की सोवियत यूनियन की सांस्कृतिक यात्रा ! राष्ट्रीय अध्यक्ष : जनवादी लेखक संघ !

    साहित्यिक सेवा : 'नया हिंदी काव्य', 'प्रगतिवाद', मार्क्सवादी साहित्य-चिंतन', 'यथार्थवाद', 'प्रेमचंद : विरासत का सवाल', आचार्य शुक्ल और हिंदी आलोचना की परंपरा', 'भक्ति आन्दोलन और भक्ति काव्य', 'मार्क्सवाद देव्मुर्तियाँ नहीं गढ़ता', 'आधुनिक कविता और युग-सन्दर्भ', 'इतिहास, साहित्य और संस्कृति'सहित साहित्य-समीक्षा से सम्बंधित 17 पुस्तकों का लेखन ! साहित्य समीक्षा से सम्बंधित आचार्य नन्ददुलारे वाजपेयी की चार पुस्तकों तथा विदेशी लेखकों की चार पुस्तकों का संपादन-पुनःप्रस्तुति !

    पुरस्कार : 'मार्क्सवादी साहित्य-चिंतन' पुस्तक पर सन 1975 ई. में सोवियत-लैंड नेहरु एवार्ड !

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