• (011) 23274463
  • Help
INR
 
Shopping Cart (0 item)
My Cart

You have no items in your shopping cart.

You're currently on:

Sahitya Siddhant

Sahitya Siddhant

Availability: Out of stock

Regular Price: Rs. 450

Special Price Rs. 405

10%

  • Pages: 377p
  • Year: 2000
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Lokbharti Prakashan
  • ISBN 13: 9788180316364
  •  
    प्रसिद्ध अमेरिकी आलोचकों 'रेने वेलेक और आस्टिन वारेन' की यह कृति अपने विषयगत वैज्ञानिक विवेचन एवं शैलीगत सहजता के कारण अभूतपूर्व लोकप्रियता प्राप्त कर चुकी है । विद्वान् लेखकों ने एक ओर तो काव्यशास्त्र और अलंकारशास्त्र (जिसकी परम्परा अरस्तु से शुरू होकर ब्लेयर, कैम्पबेल और केम्स तक आयी हुई है) के विभिन्न पक्षों का सम्यक् विवेचन प्रस्तुत किया है और दूसरी ओर ललित साहित्य की विधाओं और शैलीशास्त्र तथा साहित्यालोचन के प्रमुख सिद्धान्तों से भी पाठकों को परिचित कराया है । इसके साथ ही अनुसन्धान, साहित्य का इतिहास, साहित्य का मूल्यांकन, कॉलेजों में साहित्य का अध्ययन जैसी ज्वलन्त समस्याओं का समाधान भी सुझाने का सफल प्रयास किया है । प्रस्तुत पुस्तक में काव्यशास्त्र' (या साहित्य-सिद्धान्त) और ' आलोचना' (साहित्य का मूल्यांकन) को पांडित्य ( अनुसन्धान) और साहित्यिक इतिहास ( सिद्धान्त और आलोचना के रूढ़पथ' के विपरीत, साहित्य के गतिशील पक्ष') से भी जोड़ना चाहा है । शब्दावली, टोन और बल, में निःसन्देह दोनों लेखकों में थोड़ी-बहुत असंगतियाँ रह गयी हैं । परन्तु वे यह भी सोचते हैं कि इस कमी की पूर्ति इस रूप में हो जाती है कि दो व्यक्ति मूलत: एक ही निष्कर्ष पर पहुँचे हैं ।

    Customer Reviews

    There are no customer reviews yet.

    Write Your Own Review

    Rene Wellek

    रेने वेलेक, आस्टिन वारेन

    loading...
      • Sarthak An Imprint of Rajkamal Prakshan
      • Chahak An Imprint of Rajkamal Prakshan
      • Funda An Imprint of Radhakrishna
      • Korak An Imprint of Radhakrishna
    Location

    Address:1-B, Netaji Subhash Marg,
    Daryaganj, New Delhi-02

    Mail to: info@rajkamalprakashan.com

    Phone: +91 11 2327 4463/2328 8769

    Fax: +91 11 2327 8144