• (011) 23274463
  • Help
INR
 
Shopping Cart (0 item)
My Cart

You have no items in your shopping cart.

You're currently on:

Stri Vimarsh : Vividh Pahlu

Stri Vimarsh : Vividh Pahlu

Availability: In stock

-
+

Regular Price: Rs. 695

Special Price Rs. 626

10%

  • Pages: 304p
  • Year: 2019, 1st Ed.
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Lokbharti Prakashan
  • ISBN 13: 9789388211796
  •  
    इम पर देह के इल्जाम बहुत हैं। इम देह दिखाते हैं, हम देह को इस्तेमाल करते हैं, उसका पैसा वसूलते हैं । इस तकनीकी चुग में हम देह लेकर आ रहे है । यह अन्याय है, नाइंसाफी है हमारे साथ । क्योकिं हमसे ऐसा कहा जा रहा है, तो जरा सोच लिया जाय कि हम पर क्या बीत रही होगी ! हम देह दिखाना चाहते हैं या उसका पैसा वसूल रहे है उससे पहले हम अपनी देह को आपकी देह से बचाना चाह रहे है । सारी समस्या तो आपकी देह की है, हमारी देह की कोई समस्या नहीं है । किसने देह का आकर्षण दिखाया! आपके कवियों ने, आपके गीतकारों ने, आपके कहानीकारों ने । क्यों रीझे थे उस पर हैं ? सारे व्रत बनाये आपके पक्ष में, अपने पक्ष में तो हमने एक भी व्रत नहीं रखा । यह करवाचौथ हमारी वफादारी का लाइसेंस है जो हमें हर साल रिन्यु करमा पड़ता है । हमारे सभ्य पुरुष तो एक-एक पग पर निगाह रखते है कहाँ जा रही है, किस-किस से बात की, फोन पर किससे हँसी ? आपको ये छोटे-छोटे बन्धन लगते होंगे, पर हमारी तो साँस रोक देते हैं । हम न तो सती हैं, न देती । हम तो औरते है । सती वह है जो जौहर करे या चमत्कार करे । देवी पत्थर में है, न चलती है, न फिरती है, उसे चाहे पूज लो या गंगा में सिरा तो । इसलिए महत्त्व देना बहुत आसान है, बराबरी देना बहुत कठिन है । हमें महत्त्व तब दिया गया जब जैसा पुरुष ने चाहा। जहाँ हमने अपनी मर्जी चलायी है हम बदचलन हुए, इम वेश्या हुए। परिवार कितना भी बडा क्यो न हो, उसकी इज्जत का झंडा हमेशा लड़की, औरत की पीठ, पर गडा रहता है| बताये गये नियमों से लड़की के जरा-सा इधर-उधर होने से इज्जत चली जाती है | मैं पूछती हूँ कि इज्जत इतनी कच्ची क्यों है ? -मैत्रेयी पुष्पा

    Customer Reviews

    There are no customer reviews yet.

    Write Your Own Review

    Kalpana Verma

    डॉ. कल्पना वर्मा
    जन्म : इलाहाबाद में
    शिक्षा : डी. फिल, फोटोग्राफी में सार्टिफिकेट कोर्स, इलाहाबाद विश्वविद्यालय ।
    गतिविधियाँ : विगत 30 वषों से अध्ययन, अध्यापन, सृजन में संलग्न । विविध शोध-पत्र राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय जर्नलों 
    में प्रकाशित है । राष्ट्रीय तथा अन्तर्राष्ट्रीय संगोष्ठियों का (आयोजन तथा उनमें भागीदारी ।
    प्रकाशित पुस्तकें : काल : आमने-सामने (संवेदनात्मक कोलाज), विजयिनी मानवता हो जाए (सर्जनात्मक  लेखन),
    समकालीन विमर्श, साहित्य और समकालीनता, परम्परा और आधुनिकता (आलोचनात्मल निबंध) कुहासे के बाद, शब्दों
    की नजर से (काव्य- संग्रह), हिंन्दी साहित्य का इतिहास : बोधगम्य पाठ ।
    सम्पादित पुस्तकें : रवी विमर्श : विविध पहलू, समकालीन लेखन और आधुनिक संवेदना, भूमण्डलीकरण और हिन्दी, 
    नवजागरण और प्रसाद की समकालीनता ।

    सम्प्रति : अध्यक्ष, हिन्दी विभाग, आर्यकन्या डिग्री कॉलेज, प्रयागराज ।

    loading...
      • Sarthak An Imprint of Rajkamal Prakshan
      • Chahak An Imprint of Rajkamal Prakshan
      • Funda An Imprint of Radhakrishna
      • Korak An Imprint of Radhakrishna
    Location

    Address:1-B, Netaji Subhash Marg,
    Daryaganj, New Delhi-02

    Mail to: info@rajkamalprakashan.com

    Phone: +91 11 2327 4463/2328 8769

    Fax: +91 11 2327 8144