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Vyaktigat Nibandh Aur Diary

Vyaktigat Nibandh Aur Diary

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  • Pages: 379p
  • Year: 2008
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Lokbharti Prakashan
  • ISBN 13: 9788180313325
  •  
    व्यक्तिगत निबन्ध और डायरी व्यक्तिगत निबन्ध और डायरी में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के संस्मरणों, जीवन–प्रसंगों और विचारोत्तेजक निबन्धों को संगृहीत किया गया है । इस पुस्तक में दिनकर जी के वैचारिक निबन्धों के साथ–साथ नियमित रूप से लिखी जानेवाली उनकी डायरी भी है उसके साथ–साथ अनियमित रूप से लिखे जानेवाले जर्नल भी इसमें शामिल हैं जिसमें विचार, भावनाएँ, सम–सामयिक टिप्पणियाँ और वयैक्तिक बातों का लेखा–जोखा है । यह पुस्तक युवा–पीढ़ी के लिए युगदृष्टा साहित्यकार का एक उद्बो/ान है । उनके जीवन–प्रसंगों तथा निबन्धों की ओजस्विता सभी के लिए प्रेरणा का पुंज है ।

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    Ramdhari Singh Dinkar

    रामधारी सिंह ‘दिनकर’

    राष्ट्रकवि 'दिनकर' छायावादोत्तर कवियों की पहली पीढ़ी के कवि थे। एक ओर उनकी कविताओं में ओज, विद्रोह, आक्रोश और क्रान्ति की पुकार है तो दूसरी ओर कोमल श्रृंगारिक भावनाओं की अभिव्यक्ति। वे संस्कृत, बांग्ला, अंग्रेजी और उर्दू के भी बड़े जानकार थे। वे 'पद्म विभूषण' की उपाधि सहित 'साहित्य अकादेमी पुरस्कार', 'भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार' आदि से सम्मानित किए गए थे।

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