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Barish, Dhuaan Aur Dost

Barish, Dhuaan Aur Dost

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  • Pages: 116
  • Year: 2016, 1st Ed.
  • Binding:  Paperback
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Radhakrishna Prakashan
  • ISBN 13: 9788183618014
  •  
    प्रियदर्शन की इन कहानियों में एक धड़कता हुआ समाज दिखता है—वह समाज जो हमारी तेज़ दिनचर्या में अनदेखा-सा, पीछे छूटता हुआ सा रह जाता है। इनमें घरों और दफ्तरों की चौकीदारी करते वे दरबान हैं जो अपने बच्चों के लिए बेहतर और सुंदर भविष्य की कल्पना करते हैं, ऐसे मामूली सिपाही हैं जो भीड़ पर डंडे चलाते-चलाते किसी बच्चे के ऊपर पंखा झलने लगते हैं, ऐसी लड़कियाँ हैं जो हर बार नई लगती हैं और अपनी रेशमी खिलखिलाहटों के बीच दुख का एक धागा बचाए रखती हैं और ऐसा संसार है जो कुचला जाकर भी कायम रहता है। जि़ंदगी से रोज़ दो-दो हाथ करते और अपने हिस्से के सुख-दुख बाँटते-छाँटते इन चरित्रों की कहानियाँ एक विरल पठनीयता के साथ लिखी गई हैं—ऐसी किस्सागोई के साथ जिसमें नाटकीयता नहीं, लेकिन गहरी संलग्नता है जो अपने पाठक का हाथ थामकर उसे दूर तक साथ चलने को मज़बूर करती है। निहायत तरल और पारदर्शी भाषा में लिखी गईं ये कहानियाँ दरअसल पाठक और किरदार का फासला लगातार कम करती चलती हैं और यहाँ से लौटता हुआ पाठक अपने-आप को खाली हाथ महसूस नहीं करता। शुष्क और निरे यथार्थ की इकहरी राजनीतिक कहानियों या फिर वायवीय और रूमानी शब्दजाल में खोई मूलत: भाववादी कहानियों से अलग प्रियदर्शन की ये कहानियाँ अपने समय को पूरी संवेदनशीलता के साथ समझने और पकड़ने की कोशिश की वजह से विशिष्ट हो उठती हैं। इनमें राजनीति भी दिखती है, अर्थनीति भी, प्रेम भी दिखता है दुविधा भी, सत्ता के समीकरण भी दिखते हैं, प्रतिरोध की विवशता भी, लेकिन इन सबसे ज़्यादा वह मनुष्यता दिखती है जिसकी चादर तमाम धूल-मिट्टी के बाद भी जस की तस है। निस्संदेह, 'उसके हिस्से का जादू’ के बाद प्रियदर्शन का यह दूसरा कथा-संग्रह उन्हें समकालीन कथा-लेखकों के बीच एक अलग पहचान देता है।

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    Priyadarshan

    जन्म: 24 जून, 1968 को राँची में।

    प्रकाशित किताबें

    उसके हिस्से का जादू (कहानी-संग्रह)

    इतिहास गढ़ता समय (आलेख-संग्रह)

    नष्ट कुछ भी नहीं होता (कविता-संग्रह)

    खबर बेखबर (पत्रकारिता पर केन्द्रित किताब)

    ग्लोबल समय में कविता (आलोचना)

    ग्लोबल समय में गद्य (आलोचना)

    ग्लोबल समय में सिनेमा (सिने केन्द्रित पुस्तक)

    अनुवाद

    आधी रात की संतानें (उपन्यास, मिडनाइट चिल्ड्रेन, सलमान रुश्दी)

    कत्लगाह (उपन्यास, टॉर्चर्ड एन्ड डेम्ड, रोबर्ट पेन)

    बहुजन हिताय (द ग्रेटर कॉमन गुड, अरुंधति राय)

    पर्यावरणवादी पीटर स्काट की जीवनी

    पर्यावरण प्रहरी (लेखों का संग्रह, द ग्रीन टीचर)

    कुछ गेम दौरां (लेख-संग्रह, के. विक्रम सिंह)

    संपादन

    कहानियां रिश्तों की : ‘बड़े बुजुर्ग’

    पत्रकारिता में अनुवाद

    पुरस्कार

    कहानी-संग्रह ‘उसके हिस्से का जादू’ के लिए ‘स्पंदन पुरस्कार’ 2009

    सम्पर्क: ई-4, जनसत्ता सोसाइटी, सेक्टर 9, वसुन्धरा, गाजियाबाद।

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      • Sarthak An Imprint of Rajkamal Prakshan
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