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Chaar Kanya

Chaar Kanya

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  • Pages: 254p
  • Year: 2009
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Radhakrishna Prakashan
  • ISBN 13: 9788171198085
  •  
    चार कन्या में यमुना, शीला, झूमुर और हीरा की कथा है । यमुना एक मामूली लड़की है, उसके भीतर बूँद–बूँद कर जन्म लेती हैµअपने अधिकारबोध के प्रति तीव्र जागरूकता । ऐसी सुलझी हुई जागरूक लड़कियों को काफ’ी कुछ भुगतना पड़ता है । समाज के उल्टे–सीधे नियम उन्हें बहुत सताते हैं, यमुना को भी खूब सताया । शीला ठगी जाती है अपने प्रेमी द्वारा । ऐसी सैकड़ों शीलाएँ राह में चल–फिर रही हैं पर सभी तो अपनी जुबान पर वे बातें नहीं ला सकतीं क्योंकि इससे ठगनेवालों पर प्रहार की बजाय शीलाओं पर ही उल्टी मार पड़ती हैµसमाज उन्हीं पर पत्थर फेंकता है, उनके ही मुँह पर थूकता है । लज्जा जैसी चर्चित कृति की लेखिका तसलीमा नसरीन का यह उपन्यास स्त्री–विमर्श की कई खिड़कियाँ खोलता है, जिससे आती बयार से पाठक अछूता नहीं रह सकता ।

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    Taslima Nasrin

    तसलीमा नसरीन

    तसलीमा नसरीन सुख्यात लेखक और मानवतावादी विचारक हैं। अपने विचारों और लेखन के लिए उन्हें अकसर फ़तवों का सामना करना पड़ा। विवादास्पद उपन्यास ‘लज्जा’ पर उन्हें उनके देश से निष्कासित कर दिया गया जहाँ वे 1994 से नहीं गईं। भारत समेत कई देशों से उन्हें विभिन्न सम्मानित पुरस्कारों और मानद उपाधियों से विभूषित किया जा चुका है। दुनिया की लगभग तीस भाषाओं में उनकी रचनाओं का अनुवाद हो चुका है।

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