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Digant Ki Oar

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  • Pages: 118p
  • Year: 2005
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Radhakrishna Prakashan
  • ISBN 10: 8183610250
  •  
    उम्र की ढलती साँझ में अपने गाँव में, अपने लोगों के बीच, अपने घर में रहने की इच्छा हरेक मनुष्य की होती है । ‘अपना घर’! कितना प्यारा शब्द है यह! लेकिन क्या सबको नसीब होता है! घर बनाने और बसाने में कितनी मुश्किलें आती हैं यह किसी भी मध्यवित्त व्यक्ति का सबसे तल्ख़ और संजीदा अनुभव होता है । दिगंत की ओर इन्हीं अनुभवों का प्रवाहपूर्ण भाषा में औपन्यासिक विस्तार है । यह जीवन और समाज की विडम्बनाओं और विद्रूपताओं पर तो प्रकाश डालता ही है, जीवन–सं/या में बुजुर्गों की उपेक्षाओं और उम्मीदों को भी रेखांकित करता है । उड़िया भाषा के इस महत्त्वपूर्ण उपन्यास का सुजाता शिवेन द्वारा किया सर्जनात्मक अनुवाद निश्चय ही हिन्दी पाठकों को रुचिकर और पठनीय लगेगा, ऐसा हमारा विश्वास है ।

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    Bipin Bihari Mishra

    विपिन बिहारी मिश्र

    जन्म: 1945, तालचेर (उड़ीसा)।

    कर्मक्षेत्र: इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर और उत्कल विश्वविद्यालय से विधि स्नातक, 1967 में आई.पी.एस. के लिए चयन। डायरेक्टर, विजीलेंस, डी.जी., सी.आई.एस.एफ. विशेष सचिव, गृह मंत्रालय जैसे तमाम महत्त्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर पिछले तीन दशक से कार्यरत।

    सम्प्रति: डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (ओड़िसा)।

    प्रकाशित कृतियाँ:

    उपन्यास: शहरर उपकंठे, सुनंदार डायरी (हिंदी में भी अनूदित), दिगंतर पथे, कथा सेकालर, कथा एकालर। कहानी-संग्रह: मनरमुकुर, गोमतीर शेष हस, असंपूर्ण झंकार, बहु दिन परे, जन्म-मृत्यु ओ अन्यान्य गल्प, धुलि जमेथिबा बहिटिए, शपथ सांतालर, मृत्यु शय्यार मानचित्र, अन्य एक कुरुक्षेत्र। व्यंग्य- संकलन: दारोगा साहित्यिक, हसर गोधुलि। बाल-साहित्य: गर्बरू पराभव, बिचित्र जीब-जगत, बिचित्र जीब-जन्तु (चार खंड)। निबंध: समयर सारेगामा। रम्य रचना: तिर्यक दृष्टि।

    अनुवाद: यू कैन विन व एक अंग्रेजी उपन्यास ओड़िसा में अनुवाद। इसके अलावा लेखक की रचनाएँ तेलुगू में भी अनूदित।

    सम्मान: दैनिक आशा की ओर से 1983 में श्रेष्ठ प्राबंधिक, दैनिक धरित्री की ओर से 1984 में श्रेष्ठ गाल्पिक सम्मान, फल्गु साहित्य संसद ब्रह्मपुर की ओर से 1987 में श्रेष्ठ गाल्पिक, ओड़िसा साहित्य अकादमी की ओर से उपन्यास ‘शहर के हाशिए पर’ के लिए अकादमी सम्मान, 1997 में वर्तिका सम्मान, कवि शेखर चिंतामणि सम्मान व विषुव सम्मान, 1999 में प्रजापति सम्मान, 2003-04 का श्रेष्ठ जनप्रिय विज्ञान पुस्तक सम्मान व 2005 में ओड़िसा का सबसे प्रतिष्ठित साहित्यिक सारला सम्मान।

    सम्पर्क: कार्यालय, पुलिस महानिदेशक, कटक (ओड़िसा)।

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