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Uske Hisse Ka Jadoo

Uske Hisse Ka Jadoo

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  • Pages: 138p
  • Year: 2007
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Radhakrishna Prakashan
  • ISBN 13: 9788183610995
  •  
    प्रियदर्शन की कहानियों में रिश्तों का एक अनवरत खेल दिखाई पड़ता है-अनजाने लोग एक-दूसरे के करीब आ जाते हैं, अकेले लोग एक-दूसरे का सहारा बन जाते हैं । लेकिन ये कहानियाँ सदाशयी मनुष्यता की नीतिकथाएँ नहीं हैं, इनमें हमारे जटिल समय के घात-प्रतिघात से बन रही अनेकरैखिक विडम्बनाएं दिखाई पड़ती हैं जिनमें इंसान कुछ खो रहा है, कुछ खोज रहा है । इन कहानियों में कहीं अपनी खो चुकी माँ को खोजती बेटी है, कहीं अपने बेटे को पहचानने की कोशिश करता एक पिता है । कहीं प्रेम है जो अनकहा रह जाता है तो कहीं टूटन है जो अनपहचानी रह जाती है । कहीं कोई पुरानी कसक सिर उठाती है तो कहीं कोई नई पीड़ा रास्ता खोजती है । कहीं आत्मीयता हाथ पकड़ती है तो कहीं अजनबीयत सहारा बनती है । लेकिन ये कुछ चरित्रों के निजी अवसाद या प्रेम या उनकी टूटन की कहानियाँ नहीं हैं, इनमें हमारा वह समय और समाज भी पड़ा जा सकता है जो हाल के वर्षों में इतनी तेजी से बदला है कि उससे तुकताल बिठाने की कोशिश में हमारी चूलें उखड़ती लग रही हैं । इन कहानियों में वे राजनीतिक विदूप भी दिखते हैं जिन्होंने हमारे समाज को जड़ी किया है और वह इंसानी हक़ीक़त भी जो ऐसे जख्‍मों के लिए मलहम का काम करती है । भाषा इन कहानियों की जान है-बेहद पारदर्शी और तरल, चरित्रों की गहन पड़ताल के बीच बनती हुई । यह एक आधुनिक भाषा है जिसमें बोलचाल की सहजता भी है और लालित्य का संस्कार भी । अपनी सीमाओं की पहचान भी और इन सीमाओं के पार जाने की शक्ति भी । दरअसल जीवन की बेहद मामूली और आमतौर पर अनदेखी रह जाने वाली घटनाओं के बीच बनती ये कहानियाँ पाठक को सिर्फ बाँधती ही नहीं, अपने साथ जोड़ती भी हैं-यह अनायास नहीं है कि वह इन कहानियों में अपनी कहानी खोजने लगता है ।

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    Priyadarshan

    जन्म: 24 जून, 1968 को राँची में।

    प्रकाशित किताबें

    उसके हिस्से का जादू (कहानी-संग्रह)

    इतिहास गढ़ता समय (आलेख-संग्रह)

    नष्ट कुछ भी नहीं होता (कविता-संग्रह)

    खबर बेखबर (पत्रकारिता पर केन्द्रित किताब)

    ग्लोबल समय में कविता (आलोचना)

    ग्लोबल समय में गद्य (आलोचना)

    ग्लोबल समय में सिनेमा (सिने केन्द्रित पुस्तक)

    अनुवाद

    आधी रात की संतानें (उपन्यास, मिडनाइट चिल्ड्रेन, सलमान रुश्दी)

    कत्लगाह (उपन्यास, टॉर्चर्ड एन्ड डेम्ड, रोबर्ट पेन)

    बहुजन हिताय (द ग्रेटर कॉमन गुड, अरुंधति राय)

    पर्यावरणवादी पीटर स्काट की जीवनी

    पर्यावरण प्रहरी (लेखों का संग्रह, द ग्रीन टीचर)

    कुछ गेम दौरां (लेख-संग्रह, के. विक्रम सिंह)

    संपादन

    कहानियां रिश्तों की : ‘बड़े बुजुर्ग’

    पत्रकारिता में अनुवाद

    पुरस्कार

    कहानी-संग्रह ‘उसके हिस्से का जादू’ के लिए ‘स्पंदन पुरस्कार’ 2009

    सम्पर्क: ई-4, जनसत्ता सोसाइटी, सेक्टर 9, वसुन्धरा, गाजियाबाद।

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      • Sarthak An Imprint of Rajkamal Prakshan
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