• (011) 23274463
  • Help
INR
 
Shopping Cart (0 item)
My Cart

You have no items in your shopping cart.

You're currently on:

Jal Padya

Jal Padya

Availability: Out of stock

Regular Price: Rs. 75

Special Price Rs. 67

11%

  • Pages: 70p
  • Year: 2001
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Radhakrishna Prakashan
  • ISBN 13: 8171196578
  •  
    दग्ध हृदय की अत्यन्त तरल और सजल अभिव्यक्ति हैं तसलीमा नसरीन की ये ताजा कविताएँ-अनवद्य जल पद्य है यह । जैसे पानी को मुट्‌ठी में बाँधकर नहीं रखा जा सकता, पानी की यह पुकार भी कुछ वैसी ही है । यह प्रवाह आपको बहाता है, डुबाता है, इसमें आप तैरते हैं और यह सीधे हृदय में उतर जाता है । नितान्त .व्यक्तिगत-सी लगती ये कविताएँ दरअसल राख हो रहे जीवन को सजल और प्राणवान बनाने का उपक्रम हैं और गहरी जिजीविषा से उपजी हैं । जीवन के प्रति अदम्य मोह और ललक से भरी हैं ये कविताएँ । देश से, परिवेश से और परिवार से वंचित, यूरोप में निर्वासित जीवन बिता रही तसलीमा की इन कविताओं में यद्यपि दुःख की एक सर्वग्रासी छाया है लेकिन यह भी है कि दुख को जीकर-बरत कर ही उदात्त और महत्तर की आत्मोपलब्धि की जा सकती है । तसलीमा कहती हैं : 'कविता को जन्म देने के लिए स्त्री होना होता है पहले ।' स्त्री-पुरुष के लिंग-भेद को अस्वीकार करती तसलीमा जीवन को अविभाज्य रूप में देखती हैं और खुद के जीवन को ही काव्य-वस्तु बनाकर जिए और सहे जा रहे की नितान्त अकपट तथा साहस पूर्ण अभिव्यक्ति करती हैं । स्वीकार-अस्वीकार से लेकर धिक्कार-हाहाकार तक ये कविताएँ वैसी ही हैं जैसे जल की धारा चट्‌टान से टकराती है, उसे डुबाती है, उसका अतिक्रमण करती है और कई बार थककर चट्‌टान पर ही सिर रखकर सुस्ताती भी है । इन कविताओं में अपने प्रकृत रूप में उपस्थित हैं तसलीमा नसरीन ।

    Customer Reviews

    There are no customer reviews yet.

    Write Your Own Review

    Taslima Nasrin

    तसलीमा नसरीन

    तसलीमा नसरीन सुख्यात लेखक और मानवतावादी विचारक हैं। अपने विचारों और लेखन के लिए उन्हें अकसर फ़तवों का सामना करना पड़ा। विवादास्पद उपन्यास ‘लज्जा’ पर उन्हें उनके देश से निष्कासित कर दिया गया जहाँ वे 1994 से नहीं गईं। भारत समेत कई देशों से उन्हें विभिन्न सम्मानित पुरस्कारों और मानद उपाधियों से विभूषित किया जा चुका है। दुनिया की लगभग तीस भाषाओं में उनकी रचनाओं का अनुवाद हो चुका है।

    loading...
      • Sarthak An Imprint of Rajkamal Prakshan
      • Chahak An Imprint of Rajkamal Prakshan
      • Funda An Imprint of Radhakrishna
      • Korak An Imprint of Radhakrishna
    Location

    Address:1-B, Netaji Subhash Marg,
    Daryaganj, New Delhi-02

    Mail to: info@rajkamalprakashan.com

    Phone: +91 11 2327 4463/2328 8769

    Fax: +91 11 2327 8144