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Markat Dweep Ki Neelmani

Markat Dweep Ki Neelmani

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  • Pages: 91p
  • Year: 2001
  • Binding:  Paperback
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Radhakrishna Prakashan
  • ISBN 10: 8171196187
  •  
    प्रसिद्ध गीतकार कुँवर बेचैन का कलात्मक शैली में लिखा गया अनूठा ललित उपन्यास है-मरकतद्वीप की नीलमणि। सच और कल्पना के सूत्रों में पिरोई यह ‘मोनोलॉग’ जैसी कथाकृतिµवाह्यजगत की बजाय अन्तर्जगत की कथा बयान करती है। उपन्यास का केन्द्रीय पात्रा कथानायिका मधु है, जो अपनी माँ को अपने आपबीती सुना रही है। भावनाओं की मंथर गतिमानता और उसका मद्धम स्पर्श यहाँ सिर्फ गुदगुदाता ही नहीं, आपको त्रासदियों में कई बार तन्हा भी छोड़ जाता है। यह त्रासदी सिर्फ मधु की निजी नहीं रह जाती। उपन्यास की सबसे बड़ी विशेषता है-इसके पात्रों के साथ पाठक की आत्मीय संलग्नता, जिसे उपन्यासकार की ललित शैली ने सम्भव बनाया है। पाठक मणि के साथ भाव-लोक में इतना एकाकार हो उठता है कि उसे मणि का हर शब्द, हर अन्दाज अपना-सा लगता है। पाठक मणि के मनोजगत की यात्रा में शामिल होकर उसके साथ-साथ अपने भी अन्तरंग और सघन जीवनानुभवों के विभिन्न पहलुओं से रूबरू होता है। उपन्यास के हर शब्द में डूबता है, उतराता है।लेखक मूलतः कवि हैं सो उनकी शैली में कविता का प्रभाव पूरे कैनवास पर मौजूद है। इससे इसकी पठनीयता कई गुना बढ़ जाती है।

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    Kunwar Bechain

    KunwarBechain

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