• (011) 23274463
  • Help
INR
 
Shopping Cart (0 item)
My Cart

You have no items in your shopping cart.

You're currently on:

Nivedita

Nivedita

Availability: In stock

-
+

Regular Price: Rs. 225

Special Price Rs. 202

10%

  • Pages: 151p
  • Year: 2009
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Radhakrishna Prakashan
  • ISBN 13: 9788183612777
  •  
    निवेदिता' डॉ. शिवदान सिंह भदौरिया 'शिव' का वाग्देवी को निवेदित प्रथम कविता-संग्रह है। डॉ. शिव की कविताओं का विचारजगत व्यापक हैं, उसमें अगर एक तरफ देश और दुनिया की विविध समकालीन समस्याएं है तो दूसरी तरफ मानव जीवन के विविध पहलुओं को छूने वाले सार्वकालिक प्रश्न भी हैं । कविताओं के इस छोटे से संग्रह में अपने दिक्काल के बाहर और .अभीतरो, पास और दूर को, उसके जीवनस्रोतों क्औरंतविरोधों को एक साथ देखने और परखने की सफल कोशिश हुई है 1 अभी-अभी जन्मे विचार चूजों से लेकर झकझोर कर आशान्त कर देने वाले साम्प्रदायिक धर्मोन्माद के सूनामी और उसके महाविनाश तक, काव्यदर्पण सम्मुख 'अपना कलेजा खोलकर उसे हूबहू देखने से लेकर तर्क की कुल्हाड़ी से वाक्यों की डालियाँ गिराकर फिर विवेकरन्दा चलाकर गोल शहतीरों बैसेविता महल बनाने तक, अनगिनत राहगीरों केर पैरों की मार खाने वाले धूलकण से लेकर अपने' तन की मिट्‌टी में न जाने' कितने कुदालों की मार राह लहलहाती फसलें उगाने वाली औरत तक इन कविताओं का प्रसार है । कवि के वैज्ञानिक दृष्टिकोण, अन्तःकरण तक झांककर देखने की प्रवृति और प्रश्नात्मक स्वभाव के चलते कविताओं में न केवल मौलिकता है बल्कि उन्हे सर्वथा नवीन व्यक्तित्व मिला है । माँ कहकर रो पड़ती नवजात रचना, आकाश में बिखरे तारों के अन्दर से विद्युत चुम्बकीय तरंग बन बाहर निकलने की इच्छुक किरणें, अर्थ की खोज में घर की पौड़ी लाँघकर अनन्त की ओर निकलते शब्द. डायरेक्ट साहब मि. सूरज के आने का वक्त होते ही महुए सी झरकर बिछ गई रिसेप्शनिष्ट सुबह, जोंक की तरह चिपटती दबा की सिरिंज, हिन्दी कविता को नयापन देते कुछ ऐसे ही उदाहरण है । 'निवेदिता' की कविताएँ कथ्य की तरह शिल्पगत विविधता के लिए भी उल्लेखनीय हैं । कविताएँ ने केवल अपने आकार-प्रकार और प्रयोगशील शैली से बल्कि क्रियात्मक, चित्रात्मक और जीवन्त भाषा से भी हिन्दी कविता को धनी बनाती हैं ।

    Customer Reviews

    There are no customer reviews yet.

    Write Your Own Review

    Shivdam. Singh Bhadoriya. 'Shiv'

    डॉ. शिवदान सिंह भदौरिया 'शिव'

    जन्म : 1 मार्च, 1975 को उत्तर प्रदेश में फतेहपुर जिले के कीर्तिखेड़ा नामक गाँव में।

    शिक्षा : इंटरमीडिएट तक की शिक्षा फतेहपुर जिले में ही। बाद में इलाहाबाद विश्वविद्यालय से गणित में पीएच.डी.।

    डॉ. शिवदान सिंह भदौरिया 'शिव', भारतीय राजस्व सेवा के सन् 2000 बैच के अधिकारी हैं। वर्तमान में दिल्ली में आयकर उपायुक्त (सतर्कता) पद पर सेवारत हैं।

    सम्पर्क : आत्मज : श्री राजाराम सिंह भदौरिया, ग्राम : कीर्तिखेड़ा, पोस्ट : महाखेड़ा, जिला : फतेहपुर, उ.प्र.-212661

    loading...
      • Sarthak An Imprint of Rajkamal Prakshan
      • Chahak An Imprint of Rajkamal Prakshan
      • Funda An Imprint of Radhakrishna
      • Korak An Imprint of Radhakrishna
    Location

    Address:1-B, Netaji Subhash Marg,
    Daryaganj, New Delhi-02

    Mail to: info@rajkamalprakashan.com

    Phone: +91 11 2327 4463/2328 8769

    Fax: +91 11 2327 8144