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Sapnon Ki Adhoori Dastan

Sapnon Ki Adhoori Dastan

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  • Pages: 104p
  • Year: 1997
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Radhakrishna Prakashan
  • ISBN 10: 8171193056
  •  
    सपनों की अधूरी दास्तान मूलत: फ्रेंच नाटक है, जिसके रचयिता हैं : एलेन सिक्‍सू । लेकिन नाटक की कथावस्तु भारतीय है । यह नाटक भारत-विभाजन की त्रासदी को बड़ी गहराई में जाकर उभारता है । यह वस्तुत: बहुत अद्‌भुत बात है कि भारत-विभाजन से जुड़ी घटनाओं को अपनी रचना का विषय बनाने में फ्रैंच रचनाकारों ने अत्यधिक रुचि दिखाई है । फ्रीडम एट मिडनाइट तथा एडविना एण्ड नेहरू जैसी कृतियों के क्रम में अब यह नाटक सपनों की अधूरी दास्तान प्रस्तुत है । 1947 का वर्ष भारत की आजादी का वर्ष भी है और विभाजन का भी । 1947 को' स्वाधीनता का वर्ष मानते हुए उल्लास के साथ तो याद रखा गया है. पर विभाजन का वर्ष मानते हुए उसे क्षोभ के साथ उस तरह नहीं महसूस किया गया. जिस तरह किया जाना चाहिए । सपनों की अधूरी दास्तान नाटक ' उसी क्षोभ को महसूस कराता है । एलेन सिक्स का यह नाटक भारतीय स्वाधीनता आदोलन का इतिहास भी है और नाटक भी । महात्मा गाँधी. जवाहरलाल नेहरू. सरदार पटेल, कस्तुर बाई (कस्तुरबा गाँधी), सरोजिनी नायडू जिन्नाह (जिन्ना), अकुल गफ्फार खान, माउंटबेटन आदि वास्तविक चरित्र भी है और इस नाटक के पात्र भी । यानी सपनों की अधूरी दास्तान में वास्तविकता और नाटकीयता का अद्‌भुत सामंजस्य दिखाई पड़ता है । रंगमंच की दृष्टि से यह नाटक कितना सुफल होगा. इसका अनुमान इस बात से, लगाया जा सकता है कि यह पेरिस में मंचित हो चुका है 1., सुश्री अनु अनेजा ने मूल फ्रैंच से हिंदी में अनुवाद करके इस नाटक को हिंदुस्तान के हिंदी पाठकों एवं हिंदी रंगमंच तक पहुँचाने में एक सार्थक सेतु की भूमिका अदा की है । सपनों की अधूरी दास्तान पठनीय भी है और अभिनेय भी!

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    Helene Cixous

    एलेन सिक्सू
    जन्म : ओरान (अल्जीरिया) में 5 जून, 1937 को ।
    शिक्षा : अंग्रेजी में पीएच डी. । सम्प्रति पेरिस ण्ण विश्वविद्यालय में अंग्रेजी साहित्य का अध्यापन । महिला अध्ययन केंद्र की निदेशक शोध । यूरोप में अपनी किस्म के एकमात्र डॉक्टरेट कार्यक्रम-महिला अध्ययन में डॉक्टरेट कार्यक्रम की संस्थापक एवं प्रभारी । पेरिस (पेरिस -०० प्रायोगिक विश्वविद्यालय की संस्थापक भी । क्रोआ व्यू द्यू ब्राजिल (1989), लेज्‍यो द'ऑत्रर  ( 196 ), तथा ददाक्तोरओनरी काजा पुरस्कारों से सम्मानित । उनकी 30 से अधिक पुस्तकें प्रकाशित । उनकी कृतियाँ कई भाषाओं में अनूदित हो चुकी है तथा समकालीन फ्रेंच साहित्य की महत्त्वपूर्ण संदर्भ-सामग्री मानी जाती हैं । -
    प्रकाशित कृतियाँ : ल प्रेनौं द दयू ( 1967), ददेदो(प्री मेदीची 1969), ल तत्‍वाजियमकौर, ले कामींसमी (1970). अँ बवेजजारदां(1971), नत्र पपातीं( 1972), ततोम्ब( 1973), पोर्त्रे दयू ससोलेइप्रेनी द पेरसल ( 1974), ररिव्‍याूल्‍यूस्‍योपूर क्यू द 'अँ फाउस्ट सुप्‌ल ( 1976), आग्स्ट ( 1977), प्रेपारातिफ द नोस ओदला द ल 'आबीम (1978), अनान्के, वीन ल' ओराज (197 9), इल्ला ( 1980), विद ऊ ल 'आर द लइनोसाँस ( 1981), लीमोनाद का एते सी अँफिनी ( 1982), ल लीन द प्रोमेतेया ( 1983), मान ( 198 8), ऋ द नलओ(1990), नआज ओ ससके(1991), इलज ( 1992), बीथोवन आ जामे ( 1993), ला फिरसे तज्‍यूइव( 1995) ।
    कथा-साहित्य के अतिरिक्त अन्य कृतियाँ : लल एक्‍जीलद ज्वौयस ऊ ल 'आर दयू रराम्‍प्‍लासमां( 1968), ला जून ने  ( 1975), औआत्रल 'एक्रीज्यूर ( 1986), ला ' आर द क्लारीस लिस्पेक्तर ( 1989) ।
    नाट्‌य-कृतियाँ : ला कप्‍यूपील( 1971 ), पो। द दोरा (1976), ला प्रीज् द नल'एकोलमधुबाई (1983), नल इस्तारततेरीबलमै इइनाश्‍वेद नोरोदोम सिहानूक, लअंदियाद ऊ लएन्द द लर रेव ( 1987), अँ न पार अँ न ररव्यांपा ( 1992), ल' इइस्‍त्‍वारकँ न कँनैत्र जामे ( 1994), ला वील पारप्रयूर ऊ ल रवेई दे एरिन्यस ( 1994) ।

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