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Shri Ramnagar Ramleela

Shri Ramnagar Ramleela

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  • Pages: 223
  • Year: 2015, 1st Ed.
  • Binding:  Hardbound
  • Language:  Hindi
  • Publisher:  Lokbharti Prakashan
  • ISBN 13: 9789352210589
  •  
    रामचरितमानस सोलहवीं सादी में पुनः कही गयी रामकथा है जिसमे राम का दर्पण रूप प्रतिबिंबित है और यहाँ राम देवपद पर प्रतिष्ठित हो गये हैं ! यहाँ राम द्विज हैं और उनकी कथा भी दो बार कही गयी ! रामकथा का एक तृतीयांश आदर्श पुरुष राम का, दूसरी तिहाई राजाराम की और अंतिम अंश वैरागी यात्री राम का है ! यहाँ रामनगर में समानांतर अंक हैं - नगर में जहाँ सुख-सुविधा है, अविकसित ग्राम हैं और वन हैं वहीँ आदिवासी, साधु-संत और वैरागी भी रहते हैं ! रामनगर रामलीला का अदभुत प्रसंग है-कोट विदाई ! एक राजा द्वारा दूसरे राजा का स्वागत-सत्कार और फिर स्वरूपों को देवरूप मानकर विधिवत पूजा करता है ! रामनगर रामलीला की यात्राएँ देखें-एक तो राम जी की बारात है जो अयोध्या से जनकपुर जाती है, फिर विदाई यात्रा है जिसमे वर-वधू जनकपुर से अयोध्या आते हैं ! वनयात्रा और भरत की चित्रकूट नंदीग्राम की लम्बी यात्रा है ! भरत-मिलन-लंडा से अयोध्या की यात्रा है ! रामनगर रामलीला में लोक कला चरम उत्कर्ष पर पहुँच गयी है ! लोक कला की सीमा में सौन्दर्यबोध-नाटक, धर्म, राजनीति और समाज की संयुक्त अवतारणा है ! रामलीलामें पुराणकथा, दर्शक सहभागिता, राजनीति की माया, पर्यावरण का सभी स्तरों पर प्रदर्शन होता है ! अन्यत्र कहीं भी रामनगर का अनुकरण नहीं हो सकता, हाँ, इससे कुछ सीख सकते हैं !

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    Dr. Bhanushankar Mehta

    डॉ. भानुशंकर मेहता

    जन्म : 25 मई, 1921 जौनपुर (उ.प्र.) !

    भाषा ज्ञान : हिंदी, अंग्रेजी, गुजरती !

    शिक्षा : बी.एस-सी., एम्.बी.बी.एस. (लखनऊ)

    व्यवसाय : वाराणासी के सुप्रतिष्ठित चिकित्सक (पैथोलोजिस्ट)

    रूचि-वृत्ति : गहरी सांस्कृतिक समझ, कुशल निदेशक, अभिनेता, सशक्त लेखन, चिकित्सा-शास्त्र के साथ-साथ अनेक स्तरीय साहित्यिक पुस्तकों/पत्रों का प्रकाशन, समर्पित रंग-अध्येता, मर्मज्ञ एवं देश में प्रचलित 'रामलीला-परंपरा' के मर्मज्ञ एवं आधिकारिक विद्वान !

    विशिष्ट समितियों की सदस्यता : उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी में छह वर्षों तक अपाध्यक्ष, आगा हश्र अकादमी के अध्यक्ष,राष्ट्रीय रामलीला मेला, म.प्र. तथा अनेक सांस्कृतिक संस्थाओं से सम्बद्ध !

    अन्य सामाजिक सरोकार : रामकथा और रामलीला ! काशी में अनेक वर्ष संत छोटे जी महाराज के मानस प्रतियोगिता सम्मलेन का सञ्चालन तथा अनेक सुख्यात व्यसन के प्रवचन सुनने का अवसर ! मध्य प्रदेश आदिवासी लोक कला परिषद् द्वारा आयोजित राष्ट्रीय रामलीला मेले के आरम्भ से संयोजक समिति के सदस्य ! चित्रकूट रामलीला मेले में सक्रीय सहभागिता ! मानस संगम, कानपुर द्वारा सम्मान ! वाराणासी, लखनऊ, कलकत्ता, वड़ोदरा, सूरत, अहमदाबाद आदि नगरों में रामलीला पर व्याख्यान ! इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की पत्रिका 'आपका स्वस्थ्य' के सस्थापक और तीस वर्षों तक संपादन ! विविध विषयों पर लेख और तीस पुस्तकें प्रकाशित !

    संपर्क : बी-37/67 बिरदोपुर, वाराणसी (उ.प्र.)

    निधन : 3 अक्टूबर, 2015

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