हनुमानप्रसाद शुक्ल
काव्यशास्त्र एवं आलोचना, अनुप्रयुक्त भाषाविज्ञान तथा तुलनात्मक साहित्य-अध्ययन अभिरुचि के मुख्य क्षेत्र। इन अनुशासनों पर केन्द्रित अनेक ग्रन्थ, शोध-लेख एवं आलेख प्रकाशित। अंग्रेज़ी-हिन्दी अनुवाद में भी रुचि।
महात्मा गांधी अन्तरराष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय के साहित्य विद्यापीठ के अन्तर्गत ‘साहित्य विभाग’ के प्रथम अध्यक्ष और हिन्दी में तुलनात्मक साहित्य के पहले व्यवस्थित विभाग और पाठ्यक्रमों के पुरस्कर्ता। फिर राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर में प्रोफ़ेसर के रूप में कार्य।
सम्प्रति : म.गां.अं.हिं.वि. में भाषा प्रौद्योगिकी विभाग में प्रोफ़ेसर-अध्यक्ष तथा भाषा विद्यापीठ के अधिष्ठाता।

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