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Everything You Need Before You Submit
कृपया प्रकाशन प्रस्ताव में सभी अपेक्षित जानकारियाँ साझा करें।
पांडुलिपि केवल MS Word/Doc (Unicode/Mangal Font) में ही भेजें।
AI या किसी अन्य ऑटोमैटेड टूल द्वारा लिखी गई या अनूदित सामग्री स्वीकार नहीं की जाएगी।
प्रकाशन के लिए पुस्तक प्रस्तावित करते समय कृपया 500 से 1200 शब्दों में पुस्तक का विस्तृत परिचय अवश्य भेजें, जिसमें पुस्तक की मुख्य अवधारणा, विषय-वस्तु और उद्देश्य का स्पष्ट विवरण हो।
प्रकाशन प्रस्ताव प्राप्त होने के बाद प्रारंभिक सम्पादकीय मूल्यांकन प्रक्रिया में कम से कम 6 से 8 सप्ताह का समय लग सकता है। कृपया धैर्य बनाए रखें।
सभी प्रस्ताव सम्पादकीय एवं प्रकाशकीय मानकों, वर्तमान प्रकाशन योजना और संस्थान की प्राथमिकताओं के आधार पर मूल्यांकन के पश्चात ही स्वीकृति के लिए विचार किए जाएँगे।
यदि आपका प्रस्ताव प्रारंभिक तौर पर उपयुक्त पाया जाता है, तो सम्पादकीय टीम आपसे पूरी पांडुलिपि, लेखक का विस्तृत परिचय अथवा प्रस्ताव से संबंधित अतिरिक्त जानकारी या सामग्री का अनुरोध कर सकती है। पूरी पांडुलिपि माँगने का अर्थ यह कतई नहीं है कि आपकी पुस्तक प्रकाशन के लिए स्वीकार कर ली गई है। यह केवल विस्तृत मूल्यांकन-प्रक्रिया का हिस्सा है।
पूरी पांडुलिपि प्राप्त होने पर सम्पादकों की टीम उसकी भाषा, पठनीयता, शैली और उसकी बिक्री की संभावनाओं पर विस्तार से विचार करती है। इस विस्तृत मूल्यांकन में कम से कम 8 से 12 सप्ताह का समय लग सकता है, जिसके बाद आपको अंतिम निर्णय की सूचना दी जाएगी।
विस्तृत मूल्यांकन की अवधि के दौरान, प्रकाशक फोन कॉल, व्हाट्सएप, ई-मेल या व्यक्तिगत रूप से किसी भी तरह की पूछताछ या सवालों के जवाब देने में असमर्थ होगा। अंतिम निर्णय मूल्यांकन अवधि समाप्त होने पर ही साझा किया जाएगा।
पांडुलिपि भेजते समय कृपया उसकी मूल प्रति अपने पास अवश्य सुरक्षित रखें। किसी तकनीकी त्रुटि, डाक संबंधी समस्या अथवा अन्य अप्रत्याशित कारणों से पांडुलिपि के नष्ट हो जाने या खो जाने की स्थिति में राजकमल प्रकाशन समूह उत्तरदायी नहीं होगा।
राजकमल प्रकाशन समूह हरसंभव प्रयास करता है कि प्रत्येक प्रकाशन प्रस्ताव पर लिए गए निर्णय — स्वीकृति अथवा अस्वीकृति — के बारे में लेखक को ई-मेल द्वारा सूचित किया जाए। यदि किसी वजह से आपको प्रस्ताव भेजने के छह माह तक कोई जवाब नहीं मिलता है, तो आप अपनी पांडुलिपि अन्यत्र प्रकाशन हेतु भेजने के लिए स्वतंत्र हैं।
रॉयल्टी, प्रकाशन क्षेत्र, प्रतियों की संख्या, वितरण और मार्केटिंग से जुड़े नियम व शर्तें केवल तभी तय और साझा की जाती हैं, जब पुस्तक को प्रकाशन के लिए अंतिम रूप से स्वीकार कर लिया जाता है।
प्रस्तुत पांडुलिपि आपकी मौलिक रचना होनी चाहिए अथवा उसके प्रकाशन के लिए आपके पास आवश्यक कानूनी अधिकार होने चाहिए। अनुवाद, संकलन या सम्पादित कृतियों के मामले में संबंधित मूल लेखक/प्रकाशक से आवश्यक अनुमतियाँ या अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त करना पूरी तरह से प्रस्तावक/लेखक/सम्पादक की जिम्मेदारी होगी।
जो प्रस्ताव या पांडुलिपि एक बार अस्वीकार कर दी गई हो, उसे कृपया दोबारा न भेजें। हालाँकि, यदि आप किसी नए विषय पर काम करते हैं, तो राजकमल प्रकाशन समूह आपको एक नया प्रस्ताव भेजने के लिए प्रोत्साहित करता है।
यदि आपका प्रस्ताव या पांडुलिपि राजकमल प्रकाशन समूह के प्रकाशन कार्यक्रम या प्राथमिकताओं के अनुकूल नहीं बैठती है, तो संस्थान आपको अस्वीकृति का कोई विशेष कारण बताने के लिए बाध्य नहीं है।
यदि प्रकाशन प्रस्ताव भेजते समय उपर्युक्त बिन्दुओं और दिशा-निर्देशों का ध्यान नहीं रखा जाता है, तो उस प्रस्ताव पर विचार नहीं किया जाएगा।
दिशा-निर्देश पढ़ लिए? अब अपनी पुस्तक का प्रस्ताव हमारे साथ साझा करें।
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